संयुक्त राष्ट्र दिवस 24 अक्टूबर को 1945 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक निर्माण की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है
पति राजा दलपत शाह की असमय मृत्यु होने के बाद अपने पुत्र वीर नारायण को सिंहासन पर बैठाकर भारत की प्रसिद्ध वीरांगना रानी दुर्गावती ने मध्य प्रदेश के गोंडवाना क्षेत्र में शासन कर उसका संरक्षण किया ।1564 में जबलपुर के पास हुए ऐतिहासिक युद्ध में रानी दुर्गावती का सामना आसफ़ खां से हुआ ।इस युद्ध में रानी दुर्गावती को वीरगति प्राप्त हुई। उनके नाम पर जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। 1988 में रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया।
4 नवंबर, 1845 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के शिरढोणे गांव में जन्मे वासुदेव बलवंत फड़के ब्रिटिश सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का संगठन करने वाले पहले क्रांतिकारी के रूप में जाने जाते हैं. उन्होंने ही 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की विफलता के बाद आज़ादी के महासमर की पहली चिंगारी जलाई थी
मंगलयान मंगलवार के दिन दोपहर भारतीय समय 2:38 अपराह्न पर श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) के सतीश धवन अन्तरिक्ष केन्द्र से ध्रुवीय प्रक्षेपण यान पीएसएलवी सी-25 द्वारा प्रक्षेपित किया गया।
ब्रह्म समाज की स्थापना और सती प्रथा जैसी प्रथा के अलावा भारतीय समाज में व्याप्त ज्वलंत मुद्दों पर जन-जन तक एक नवीन चेतना को जागृत करने में अहम भूमिका निभाने वाले राजा राममोहन राय का निधन 27 सितंबर 1833 को हो गया
इटली के विश्व संरक्षण संगठन सम्मेलन में ‘विश्व पशु दिवस’ मनाने की घोषणा की गई। जर्मन लेखक ज़िमर्मन ने1925 में बर्लिन में प्रथम विश्व पशु दिवस का आयोजन किया। उनके अथक प्रचार एवं प्रसार के कारण 1931 में वैश्विक स्तर पर विश्व पशु दिवस मनाने की शुरुआत की गई ।जिसका उद्देश्य पशु कल्याण मानकों में सुधार करना था।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस (National Press Day) हर साल 16 नवंबर को भारत में स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। इस दिन भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक नैतिक प्रहरी के रूप में कार्य करना शुरू किया कि प्रेस उच्च मानकों को बनाए रखे और किसी भी प्रभाव या खतरों से विवश न हो।…
Women’s Day Special – Breaking Barriers
हर दौर में कुछ स्त्रियाँ ऐसी होती हैं जो सीमाओं को स्वीकार नहीं करतीं—वे उन्हें बदल देती हैं।
“Breaking Barriers” उन स्त्रियों की कहानियों का विशेष संग्रह है जिन्होंने साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास के साथ समाज की रूढ़ियों और चुनौतियों को पार किया।
इन कहानियों में आपको मिलेंगी ऐसी स्त्रियों की प्रेरक यात्राएँ, जिन्होंने परिस्थितियों से लड़कर अपनी पहचान बनाई, अपने सपनों को सच किया और दूसरों के लिए रास्ते खोले।
ये सिर्फ संघर्ष की कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि उम्मीद, आत्मबल और परिवर्तन की कहानियाँ हैं—जो हमें याद दिलाती हैं कि हर बाधा के पार एक नई संभावना छिपी होती है।
इस Women’s Day पर सुनिए उन आवाज़ों को
जो कहती हैं — सीमाएँ टूट सकती हैं, अगर हिम्मत हो।
Credit: Josh Talk
Reviews for: United Nations Day – 24 Oct