जीवन और मृत्यु – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
इंसान जब पैदा होता है तब यह आनंद की स्थिति होती है, लेकिन क्या जब इंसान मरता है तब भी क्या वह कुछ लोगों के लिए आनंद की स्थिति होती है? क्या जब इंसान मरता है तो क्या यह समाज़ अवसरवादिता में बदल जाता है ।कुछ ऐसे ही तर्ज़ पर है यह कहानी जीवन और मृत्यु और इसे लिखा है फ्रेंच लेखक guy de Maupassantने जो वास्तव में समाज़ के प्रति वास्तविक व्यंग है कि सदियों से मनुष्य समाज अपनी सहूलियत के चलते क्या किसी की मृत्यु का इंतजार भी कर सकता है? कहानी को जिस प्रकार बेहद चुटिले अंदाज़ में लिखा गया है वैसे ही नयनी दीक्षित ने उसी अंदाज़ में अपनी आवाज़ देकर कहानी को पेश किया है।
चुडैल – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
एक अविवाहित स्त्री का मां बनना और बच्चा जन्म लेना, उसके चरित्र हीनता की निशानी है।इस कहानी की नायिका अविवाहित है और अपने जन्मे बच्चे के साथ जाने-अनजाने अत्याचार करती है। समाज़ में अपने जीवन-यापन के लिए वह किस तरीके से पाप के गर्त में गिरती चली जाती है और समाज़ उसे चुड़ैल का नाम देता है।एक पुरुष प्रधान समाज़ में ऐसी एक नारी की क्या स्थिति होती है इस पर समाज़ से प्रश्न करती हुई फ्रेंच लेखक Guy de Maupassant की कहानी चुड़ैल ,जिसे भाव प्रधान आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने…
उसकी देखने की अदा बड़ी मोहक थी, किसी को भी आमंत्रित करने वाली |मैंने भी घर के भीतर शीशे के सामने जाकर कई बार उसकी तरह ही इशारा करने का अभ्यास किया और मैं तुमसे क्या कहूं मैं उससे कहीं बेहतर कर पाई| इसके बाद मैं खिड़की के पास उसी अदा से बैठ गयी| शायद ही उसके बाद कोई भी ग्राहक उसकी तरफ गया हो| तुम तो जानती हो मेरी सनक और मेरी जिद्द को |मैं जिस चीज को करने के लिए सोच लेती हूं ,उसे कर के ही रहती हूं |यह सब बातें बॉरोनस अपनी फ्रेंड मॉरसिनस से कह रही है लेकिन बॉरोनस के बिना सोचे समझे की गई किसी की नकल, आज उसे एक बुरे चक्कर में फंसा गई है |क्या आप जानना नहीं चाहेंगे कि बॉरोनस किस चक्कर में फंस गई है? और उसकी फ्रेंड उसे किस बात की सलाह दे रही है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं| गाय दी मोपासां की कहानी नकल,नयनी दीक्षित की आवाज में …
ल्यूक और जीन दो नाटे कद के सैनिक हैं। दोनों एक दूसरे के अच्छे मित्र भी हैं ।प्रत्येक रविवार दोनों सैन्य निवास से निकलकर अपने एक प्रिय स्थान पर जाकर अपना समय बिताते जहां पर उनकी मुलाकात एक पर्शियन लड़की से होती है जो कि ग्वालिन है| धीरे-धीरे उनकी मुलाकाते बढ़ती है उसके बाद ल्यूक और जीन के जीवन में कुछ बदलाव आते हैं |कहानी में कुछ ऐसी घटना घटती है जो कहानी को एक अलग ही मोड़ दे देती है| उस लड़की से मिलने के बाद आखिर क्या हुआ ल्यूक और जीन के साथ? और अंत में कहानी किस मोड़ पर आकर रुकी इसे जानने के लिए सुनते हैं गाय दी मोपासां की कहानी दो छोटे सैनिक, नयनी दीक्षित की आवाज में…
ख़ूबसूरती – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
यह कहानी ऐसी औरत की है जो देखने में बड़ी बदसूरत हो चुकी है। लेकिन खूबसूरती किसे कहा जाता है ?क्या शरीर ,रंग- ढंग ,वजन, ऊंचाई ,बाल ,कपड़े और एक औरत का जिस्म़ खूबसूरती का मापदंड होता है। या एक करुणा से भरा दिल,किसी के प्रति निष्ठावान होना क्या वह खूबसूरती का मापदंड हो सकता है !वह कौन ।सी चीज है जो एक औरत के चरित्र को खूबसूरत बनाती है और एक पुरुष के चरित्र को भी। क्या करुणा, loyalty चरित्र ,अब क्या यह खूबसूरती के मापदंड नहीं रहे? इसी बात को चोट करती हुई कहानी है कि दोनो French लेखक guy de Maupassant के द्वारा लिखी गई कहानी खूबसूरती जिसे आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने…
कुवारेपन की वजह – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
कई बार कुछ ऐसी घटना एक पुरुष के जीवन में घट जाती हैं जिसके लिए एक महिला जिम्मेदार होती है। उन घटनाओं का यह भी असर होता है जो उसके कुंवारे पन की वजह बन सकता है। हर बार हर मामले में सिर्फ़ पुरुष को ही जिम्मेदार ठहराना यह जरूरी नहीं ।19वीं शताब्दी में फ्रेंच लेखक guy de maupssantने इसी बात को अपनी कहानी का आधार बनाया है ।क्या है पूरी कहानी जानने के लिए सुनिए नयनी दीक्षित की आवाज़ में कहानी कुंवारेपन की वजह..।
कहानी में आइरिन ,जैक्स की प्रेमिका है| जैक्स का आइरिन के प्रति प्रेम बहुत गहरा और अत्यधिक स्नेह से भरा हुआ है | जैक्स का जीवन के प्रति दृष्टिकोण बहुत ही व्यवहारिक और सकारात्मक है | आइरिन एक शादीशुदा महिला है जो नव वर्ष की पूर्व रात्रि पर अचानक से जैक्स के घर रोते हुए पहुंची है |उसका कहना है कि उसका पति उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता है| ऐसे में आइरिन ,जैक्स से क्या चाहती है ?और जैक्स क्या निर्णय लेता है| उन दोनों की प्रेम की पराकाष्ठा कहां तक है ? कहानी जानने के लिए पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं नव वर्ष का उपहार, नयनी दीक्षित की आवाज में
क़त्ल का राज़ – महेश दुबे – नयनी दीक्षित
कहानी में गुरूबख़्श मंगतानी सेठ का कत्ल हो जाता है ।इस कत्ल का इल्जा़म उसका दोस्त बाबलानी अपने ऊपर ले लेता है। किंतु जब कहानी से कई राज़ की परतें खुलती है तो क्या वास्तव में बाबलानी सेठ मंगतानी का कातिल होता है या कोई ?और अगर कोई और है तो बाबलानी ने अपने ऊपर इल्जा़म क्यों ले क्यों लिया? बेहद रोमांचक और रहस्य से भरपूर कहानी जानिए नयनी दीक्षित की आवाज़ में ,लेखक महेश दुबे की लिखी कहानी कत्ल का राज में आखिर क्या होता है?
कहानी “जो है उस धूसर सन्नाटे में “,धीरेंद्र अस्थाना जी ने बहुत ही सजीव ढंग से प्रस्तुत किया है कि आज की दुनिया में किसी भी तरह की संवेदना लोगों में नहीं बची है| खासतौर पर मीडिया, अखबार और किसी भी तरह के सोशल अकाउंट पर| आज की तारीख में किसी का जीना- मरना इस बात का मायने नहीं रखता कि वह इंसान इंपॉर्टेंट था या नहीं |लोग मरते हैं ,मर जाते हैं इस तरह की स्टेटमेंट हमें अक्सर सुनने को मिल जाते हैं |आज का समय जिसमें हम लोग जी रहे हैं, बहुत ही असंवेदनशील है | इस पूरे समाज में जो असंवेदनशील है ,उसमें एक ऐसा इंसान जो किसी एक की मृत्यु होने पर अपना खुद का व्यक्तित्व ही भूल जाता है इस बात पर आधारित है यह कहानी…
फरीदी और लियोनार्ड – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी की कहानी फ़रीदी और लियोनार्ड में लियोनार्ड एक बेहद चलाक लेकिन बेहद घटिया किस्म का ब्लैकमेलर है ।जो ब्लैक मेलिंग तक ही नहीं रुकता बल्कि क़त्ल और दूसरे और हथकंडे अपनाने पर भी उतर आता है। कहानी में लियोनार्ड कौन-कौन से हथकंडे आज़माता हैं?फ़रीदी किस प्रकार उसको अपनी गिरफ्त में लेता है ?इस बेहद सनसनीख़ेज़ कहानी को आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने..
द्रौपदी स्वाभिमानिनी है। वह अपमान सहन नहीं कर सकती। वह अपना अपमान नारी जाति का अपमान समझती है। वह नारी के स्वाभिमान को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी बात को स्वीकार नहीं कर सकती। वह अन्यायी और अधर्मी पुरुषों से संघर्ष करने वाली है। जानते हैं कैसे ?द्वारिका प्रसाद महेश्वरी के द्वारा लिखी गई सत्य की जीत ( भाग – 2),नयनी दीक्षित की आवाज़ में
कहानी एक इंडिया की टॉप राइट “श्रेया जयेश्वरी की है जो अपने सपने पूरे करने के लिए बारात आने से 1 घंटे पहले घर से भाग जाती है |कहानी के प्रसंग में उसकी मुलाकात आर्मी के एक नौजवान युवक शिखर से होती है इनकी मुलाकात आगे क्या रंग लाती है ?जानने के लिए सुनते हैं सिमरन द्वारा लिखी गई कहानी जो अधूरा रह जाए वही तो इश्क है, निधि मिश्रा की आवाज में
लॉर्ड इर्विन ने इग्नोर किया और गांधी एक लंबे धूल भरे रास्ते पर चलते-चलते दांडी पहुँच गए। गांधी को वहाँ अरब सागर मिला। नमक से बेपनाह भरा सागर। बस्तर का कोई सागर नहीं। भूगोल में उसकी जमीन इस तरह बरती हुई है कि उसके हिस्से कभी कोई नमकीन सागर नहीं होगा। हजारों, लाखों किलोमीटर की वे जंगली दुर्गम पहाड़ी दूरियाँ कभी नापी नहीं जा सकीं जिनसे चल कर उतरना बीमार होना था, मौत था… और इस तरह बरसों तक पहुँचते रहना था नमक की एक दुकान तक। दांडी का इतिहास हुआ। इतिहास, बस्तर के जंगल के बहुत बाहर पड़ा एक तुच्छ शब्द।
रफाकत हुसैन ₹10 मासिक वेतन में भी संतुष्ट रहने वाला व्यक्ति था । पत्नी भी साध्वी थी। जीवन सुखमय व्यतीत हो रहा था कि तभी पत्नी का देहांत हो गया। जिसने उसे तोड़ कर रख दिया । घर -गृहस्थी संभालने के लिए दूसरा विवाह कर तो लिया किंतु जिंदगी नरक बन गई। अब वह हर वक्त मौत माँगता है।
संसार की ओर देखने की जैसी हमारी दृष्टि होगी, संसार हमें वैसा ही दिखाई देगा।कैसे ? विनोबा भावे द्वारा लिखी गई कहानीजैसी दृष्टि सुनते हैं ,शिवानी आनंद के द्वारा
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