शक्तिसत्य पर विजय पाती हैबात की सार्थकता समझने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी शिकार को निकला शेर,निधि मिश्रा की आवाज में
एक जहाज के कप्तान से एक सौदागर उसके पिता की मृत्यु के बारे में प्रश्न पूछता है वह जानना चाहता है कि उसे वही कार्य करने में डर क्यों नहीं लगता जिस कारण उसके पिता की मृत्यु हुई कप्तान क्या उत्तर देता है ? इस छोटी सी कहानी से क्या सीख मिलती है जाने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला द्वारा लिखी गई कहानी सौदागर और कप्तान और निधि मिश्रा जी की आवाज में
जो झूठ बोलने का आदी है, उसके सच बालने पर भी लोग कभी विश्वास नहीं करते।पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी भेड़िया, भेड़िया’ , निधि मिश्रा की आवाज में
एक कंजूस व्यक्ति के पास बहुत सारा सोना था लेकिन वह उसका सदुपयोग ना करके उसे जमीन में गाडे रखता था ।एक दिन उसका यह सारा सोना चोरी हो गया। इस बात से कंजूस को क्या सीख मिली और उसने क्या किया जाने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी द्वारा लिखी गई कहानी कंजूस और सोना निधि मिश्रा जी की आवाज में
जो अपनी मदद करता है, ईश्वयर उसी की मदद करते हैं।कैसे ?जानते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी द्वारा लिखी गई कहानी महावीर और गाड़ीवान, निधि मिश्रा की आवाज में
होली का मौसम ऐसा सुहावना होता है, ना केवल इंसान ही नहीं अपितु प्रकृति भी तरह-तरह के रंगों से रंग जाती है….
पांच बहनों के बाद एक इकलौता भाई बेहद लाड प्यार से बड़ा हुआ है |बहने जितना अपने भाई से प्रेम करती है उसके विपरीत भाई के मन में अपनी बहनों के प्रति कोई विशेष लगाव नहीं दिखता है| अब भाई एक बड़ा नेता बन गया है |वह अपनी बहन से राखी के दिन मिलने तो आता है किंतु उसके पीछे उसका क्या स्वार्थ छिपा है |जानने के लिए सुनते हैं सुषमा मुनीन्द्र द्वारा लिखी पूरी कहानी राखी ,निधि मिश्रा की आवाज में…
कहानी एक इंडिया की टॉप राइट “श्रेया जयेश्वरी की है जो अपने सपने पूरे करने के लिए बारात आने से 1 घंटे पहले घर से भाग जाती है |कहानी के प्रसंग में उसकी मुलाकात आर्मी के एक नौजवान युवक शिखर से होती है इनकी मुलाकात आगे क्या रंग लाती है ?जानने के लिए सुनते हैं सिमरन द्वारा लिखी गई कहानी जो अधूरा रह जाए वही तो इश्क है, निधि मिश्रा की आवाज में
कहानी एक सफेद मखमली कबूतर और एक प्यारे से 5 साल के बच्चे पारस के बीच की है |कबूतर और उस बच्चे के बीच में किस तरह प्रेम का रिश्ता बन जाता है| इसको दर्शाती हुई कहानी है सुधा भार्गव के द्वारा लिखी गई कहानी लपक लड्डू, निधि मिश्रा की आवाज में
मगर मैं सोचता हूँ – आदमी क्यार चूहे से भी बद्तर हो गया है? चूहा तो अपनी रोटी के हक के लिए मेरे सिर पर चढ़ जाता है, मेरी नींद हराम कर देता है। इस देश का आदमी कब चूहे की तरह आचरण करेगा? लेखक ऐसा क्यों सोच रहा है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं हरिशंकर परसाई के द्वारा लिखी गई कहानी चूहा और मैं ,निधि मिश्रा की आवाज में
अरुण वर्मा एक ईमानदार फॉरेस्ट ऑफिसर है |ईमानदारीसे किसी भी तरीके से समझौता न करने के कारण अरुण वर्मा का बार-बार तबादला करा दिया जाता है |इस बार तो अरुण वर्मा ने एमएलए के भतीजे का ट्रक पकड़ा है |इस बात का क्या प्रभाव पड़ेगा अरुण वर्मा की जिंदगी में ?क्या वह सच्चाई और ईमानदारी का रास्ता छोड़ देगा या फिर अपनी बात पर अडिग रहेगा| जानने के लिए सुनते हैं सूर्यबाला के द्वारा लिखी गई कहानी होगी जय, होगी जय… हे पुरुषोत्तम नवीन , निधि मिश्रा की आवाज में
अच्छा ही तो है‚ दहेज के लालचियों से क्या करनी शादी। कहीं तो ये कड़ी टूटे…दहेज देते और लेते जाने की लड़के वाले अर्पिता की छोटी ननद को देखने आते हैं |लड़के वालों ने उनके सामने दहेज की लंबी चौड़ी मांग कर दी है |इस बात से काफी छोटी ननद काफी आहत है ,किंतु अर्पिता अपने समय को याद करते हुए सोच रही है कि कभी इस परिवार ने भी तो अर्पिता के मां -बाप के सामने दहेज की मांग की थी की मांग रखी थी |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ के द्वारा लिखी गई कहानी कड़ी दर कड़ी ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
कहानी की नायिका का शिशिर के साथ प्रेम विवाह हुआ है| शिशिर पेशे से कवि है |लेकिन विवाह के उपरांत जब कहानी की नायिका स्वयं एक लेखिका बन जाती है ,तब से शिशिर का व्यवहार नायिका के प्रति बेहद वीभत्स हो जाता है | आखिर क्यों ?दिल को छू लेने वाली सिनीवाली की कहानी है पेंडुलम, सुनते हैं निधि मिश्रा की आवाज में….
उर्वशी एक आधुनिक लड़की है जो होशियार होने के साथ ही जीवन में कुछ कर दिखाने की चाहत रखती है। प्रेम विवाह कर पति से उपेक्षित होने के बाद भी उसने हिम्मत न हारते हुए अपनी जिंदगी में कुछ कर दिखाने की चाहत को पूरा करने का प्रयास किया जिसमें उसकी खूबसूरती ही उसके लिए सबसे बड़ी बाधा बन गई। उसकी जिंदगी एक कटी पतंग की तरह झूलने लगी।
डरी हुयी औरत – रवींद्र कालिया – पूजा श्रीवास्तव
यूं तो तुलना और गौतम एक खुशहाल शादीशुदा ज़िन्दगी व्यतीत कर रहे हैं ।इन दोनों यानि कि तुलना और गौतम का एक बेहद करीब मित्र है खुशवंत। तुलना कहीं ना कहीं खुशवंत के व्यक्तित्व से प्रभावित है।क्या यही वजह है कि तुलना के मन में एक अजीब सा भय है कि कहीं उसकी खुशवंत के प्रति जो भावना है वह उसकी शादी- शुदा ज़िन्दगी को प्रभावित ना कर दे?क्या गौतम को भी इस बात का अंदाजा है? पूरी कहानी जानने के लिए सुने रवीन्द्र कालिया के द्वारा लिखी गई कहानी डरी हुई औरत,पूजा श्रीवास्तव की आवाज़ में…
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nancy mishra