होमी जहांगीर भाभा, भारतीय परमाणु वैज्ञानिक और एकीकृत परमाणु ऊर्जा विकास के प्रमुख आदिकारी, 30 अक्टूबर 1909 को मुंबई, भारत में जन्मे थे। उन्होंने अपने जीवन के दौरान भारतीय परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।होमी भाभा को भारत सरकार द्वारा भारतीय सिविल विभूषण और भारतीय रत्न से सम्मानित किया गया था। उनका योगदान भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण था और उन्होंने भारत को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में स्वायत्तता प्राप्त करने में मदद की।
शांति घोष का जन्म 22 नवंबर, 1916 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुआ था| उनके पिता का नाम देवेंद्र नाथ घोष था, जो प्रोफेसर और राष्ट्रवादी थे इसलिए शांति घोष पर बचपन से ही राष्ट्रभक्ति का प्रभाव था| वह बचपन से ही क्रांतिकारियों के बारे में पढ़ा करती थीं इसलिए उनका रुझान स्वतंत्रता आंदोलन की तरफ बढ़ने लगा|
10 अक्तूबर के दिन वर्ष 1970 में 96 वर्ष के ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के बाद फिजी को आधिकारिक रूप से स्वतंत्रता प्रदान की गई थी। फिजी दक्षिण प्रशांत महासागर में एक देश और द्वीप समूह है। यह न्यूज़ीलैंड के आकलैंड से करीब 2000 किमी |
मीरा बेन का जन्म इंग्लैंड में साल 1892 को 22 नवंबर के दिन हुआ था। उनका असली नाम मेडेलीन स्लेड था। मेडेलीन मुंबई के नौसेना के ईस्ट इंडीज स्क्वाड्रन में कमांडर इन चीफ के पद पर तैनात सर एडमंड स्लेड की बेटी थीं। गाँधीजी के व्यक्तित्व के जादू में बँधी सात समंदर पार देश हिंदुस्तान चली आई और फिर यहीं की होकर रह गईं। गाँधी ने उन्हें नाम दिया था – ‘मीरा बेन’।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर साल 2 नवंबर को विश्व स्तर पर “इंटरनेशनल डे टू इंड इम्प्युनिटी फॉर क्राइम्स अगेंस्ट जर्नलिस्ट” यानि “पत्रकारों के खिलाफ अपराधों के लिए दण्ड मुक्ति समाप्त करने का अंतरराष्ट्रीय दिवस” मनाया जाता है। यह दिन पत्रकारों और मीडियाकर्मियों के खिलाफ हिंसक अपराधों के लिए कम वैश्विक सजा दर पर ध्यान आकर्षित करने के लिए मनाया जाता है, जिसका अनुमान प्रत्येक दस मामलों में केवल एक में जताया जाता है।
लीला सेठ का जन्म लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 20 अक्टूबर, 1930 को हुआ। लीला सेठ बचपन में ही पिता की मृत्यु के बाद विधवा मां के सहारे पली-बड़ीं और मुश्किलों का सामना करते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जैसे पद तक पहुंचने का सफर पूरा किया
20 नवंबर एक महत्वपूर्ण तारीख है क्योंकि इसी दिन 1959 में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) महासभा ने बाल अधिकारों को अपनाने की घोषणा की थी| विश्व बाल दिवस को पहली बार 1954 में सार्वभौमिक बाल दिवस के रूप में मनाया गया था और प्रत्येक वर्ष 20 नवंबर को मनाया जाता है|
जम्मू-कश्मीर रियासत को पाकिस्तान से बचाने के लिए महारजा हरि सिंह ने भारत से मदद मांगी थी. तब की नेहरू सरकार ने महाराजा के साथ विलय करने की शर्त रखी थी. 26 अक्टूबर 1947 को विलय होते ही भारतीय सेना ने पाक कबायलियों को खदेड़ दिया था. 26 अक्टूबर 1947 के दिन ही जम्मू-कश्मीरभारतीय संघ का हिस्सा बना था |
भारत की महान क्रांतिकारी में से एक मातंगिनी हाजरा को ‘बूढ़ी गांधी’ के नाम से के नाम से जाना जाता है।’कर बंदी’ आंदोलन को दबाने के लिए बंगाल में इन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों लोगों के साथ सरकारी डाक बंगले पर पहुंचकर इन्होंने अपना जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। 72 वर्ष की आयु में इन्हें अंग्रेजों ने गोलियों से छलनी कर दिया किन्तु मरते दम तक तिरंगे को इन्होंने गिरने नहीं दिया। आखिरी समय में भी उनके मुंह से वंदे मातरम ही निकलता रहा।
मां हमारे जीवन में क्या महत्व रखती है ये कविता ये बखूबी बताती है। मां जैसा अगर कोई है तो वो मां ही है।
शिक्षा के महत्व को बताने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है ।विश्व में शिक्षकों की महत्ता को स्थापित किए जाने के उद्देश्य से 5 अक्टूबर 1994 से यह दिन ‘अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाया जाने लगा।
Reviews for: Homi Jehangir Bhabha – 30 Oct