हरसिंगार एक अनाथालय में जीवन बिता रहे एक युवक गोविंद की कहानी है| जिसे एक घटना के पश्चात ये एहसास होता है कि उसके अनाथ जीवन में कभी उसे पूर्णता का एहसास नहीं होगा |ऐसा गोविंद क्यों सोच रहा है? इसको जानते हैं अज्ञेय जी की लिखी कहानी हरसिंगार में सुमन वैद्य जी की आवाज में
कहानी की नायिका मालती की एक उबाऊ और रोजमर्रा की नीरस जिंदगी को चित्रित किया गया है | जो नायिका के व्यक्तित्व को किस प्रकार प्रभावित कर रही है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी गैंग्रीन, सुमन वैद्य जी की आवाज में
सन 1946 में हुए हिंदू-मुस्लिम दंगों पर आधारित यह कहानी कोलकाता शहर की है। स्त्रियों के साथ किए गए दुर्व्यवहार और भेदभाव से संतृप्त हैं उनका तिरस्कार और निरादर होता है। समाज में फैली इस विकृति को देखकर -सुनकर मन व्यथित हो जाता है
पिंगमाल्य एक मूर्तिकार है सौन्दर्य की देवी अपरोदिता का वरदान उसे प्राप्त है-उसके हाथ में असुन्दर कुछ बन ही नहीं सकता। अपरोदिता का वरदान पिंगमाल्य को असमंजस की स्थिति में डाल देता है क्या था वह वरदान और आखिर पिंगमाल्य क्या निर्णय लेता है जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय की जी के द्वारा लिखी गई कहानी कलाकार की मुक्ति अमित तिवारी जी की आवाज में
हेमंत और सुधा 3 वर्ष के वैवाहिक जिंदगी के बाद एक दूसरे से अलग होने का निर्णय ले रहे हैं| उनकी वैवाहिक जिंदगी में तलाक लेने की नौबत क्यों आ रही है ?यह निर्णय उनकी जिंदगी में क्या प्रभाव डालता है ? उनकी जिंदगी को समझने के लिए सुनते हैं अज्ञेय जी के द्वारा लिखी गई कहानी वे दूसरे ‘सुमन वैद्य जी की आवाज में…
कहानी चिड़िया घर में चिड़ियाघर की वास्तविकता को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है |कहानी जान ने के लिए अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी चिड़ियाघर,सुमन वैद्य जी की आवाज में
गंगू एक ब्राह्मण युवक है |वह अपने मालिक के यहां काम करता है |गंगू जब एक विधवा स्त्री से विवाह करने का निर्णय लेता है तो मैं अपने मालिक के यहां से काम छोड़ देता है |उसका मालिक गंगू के इस निर्णय से अप्रसन्न है |क्या वास्तव में गंगू का यह निर्णय उचित है ? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी बालक सुमन वैद्य जी की आवाज में
पति -पत्नी के बीच में शक की भावना उनके वैवाहिक जीवन को नष्ट कर सकती है |ऐसा ही कुछ सलीमा के साथ होता है सलीमा बादशाह का बेसब्री से इंतजार कर रही है| इंतजार की घड़ियां नहीं कट पाती तो मैं अपनी बाँदी बीन भीम सुनाने का आदेश देती है | बाँदी स्त्री के भेष में एक पुरुष होता है बादशाह इस दृश्य को देखकर सलीमा पर आरोप लगाता है |कहानी में आगे क्या होता है क्या सलीमा इस आरोप को सहन कर पाती है? क्या होता है बादशाह के साथ? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं दुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनी ,सुमन वैद्य की आवाज में
सरकारी कर्मचारियों के द्वारा सरकारी खर्चे पर किस प्रकार मौज में उड़ाते हैं इसकी चर्चा करते हुए , कहानी एक सरकारी कर्मचारी “जगता प्रसाद” की है। लेकिन वो निराश और दुविधा में है,आखिर क्यों ? ऐसी क्या समस्या है? सुनते हैं कहानी उस पार की आवाज में…..
कैदी ~ मानसरोवर भाग-4127 आइवन मास्को के सम्पन्न और सम्भ्रान्त कुल का दीपक था। उसने विद्यालय में ऊँची शिक्षा पायी थी, खेल में अभ्यस्त था, निर्भीक था। उदार और सह्रदय था। दिल आईने की भाँति निर्मल, शील का पुतला, दुर्बलों की रक्षा के लिए जान पर खेलनेवाला, जिसकी हिम्मत संकट के सामने नंगी तलवार हो जाती । उसके साथ हेलेन नाम की एक युवती पढ़ती थी, जिस पर विद्यालय के सारे युवक प्राण देते थे। वह जितनी रूपवती थी, उतनी ही तेज थी, बड़ी कल्पनाशील; पर अपने मनोभावों को ताले में बन्द रखनेवाली। आइवन में क्या देखकर वह उसकी ओर आकर्षित हो गयी, यह कहना कठिन है। दोनों में लेशमात्रा भी सामंजस्य न था। आइवन सैर और शराब का प्रेमी था, हेलेन कविता एवं संगीत और नृत्य पर जान देती थी। विपरीत स्वाभाव होने के कारण भी होने के बावजूद दोनों में प्रेम विवाह हुआ |लेकिन क्या ऐसी परिस्थितियां घटी कि आज आइवन एक कैदी के रूप में है, और आज जब जो जेल से छूटा है तो उसके मन में क्या उथल-पुथल थल मच रही है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी कैदी , सुमन की आवाज में
दो सगी बहनों की कहानी जो एक ही युवक से प्रेम करती है किंतु जब छोटी बहन को यह पता लगता है कि मैं युवा उसकी बड़ी बहन से प्रेम करता है ऐसी स्थिति में छोटी बहन की क्या मनोदशा होती है निर्मल वर्मा द्वारा लिखी गई कहानी दहलीज सुनते हैं सुमन वैद्य की आवाज में
अचानक रात को संजीव के पास एक अनजान नंबर से मैसेज आने शुरू होते हैं |मैसेज करने वाली लड़की का दावा है कि वह संजीव से प्यार करती है और 10 साल से उसका इंतजार कर रही है |किंतु संजीव ऐसी किसी भी लड़की को नहीं जानता है कौन है वह अनजान लड़की ?और आगे कहानी में क्या होता है ?जानने के लिए सुनते हैं नज़्म सुभाष की लिखी हुई कहानी किसी नज़र को तेरा,अमित तिवारी की आवाज़ में….
यह मनी ऑर्डर तेरे दादा दादी के लिए संजीवनी है उनका मानसिक संबल है यह बात उन्हें एहसास लाती है कि उनका बड़ा बेटा उन्हें भूला नहीं और अपने कर्तव्य से विमुख नहीं हुआ | मात्र ₹1000 के मनीआर्डर आने पर जो कि उनके बड़े बेटे के द्वारा भेजा जाता है दादा दादी गदगद हो जाते हैं जबकि छोटा बेटा और परिवार अपने मां-बाप की सेवा पूरे दिल से करता है ऐसे में उनकी पोती के मन में कई प्रकार के संशय पैदा होते हैं | दिल को छू लेने वाली कहानी
जिससे तुम्हारा नुकसान हो रहा हो, उससे अलग ही रहना अच्छा है, चाहे वह उस समय के लिए तुम्हाहरा दोस्तु भी क्यों न हो।पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी दो घड़े, निधि मिश्रा की आवाज में
उन तमाम टुकड़े-टुकड़े घटनाओं को एक दिन कहानी में पिरोकर ‘साप्ताहिक हिन्दुस्तान’ में दे दिया तो तुम जैसे बौखला गये थे। यहाँ तक लिखा तुमने कि तुम्हारी इन नितान्त अन्तरंग बातों के साथ यह सब क्यों किया मैंने, और करने ही चला तो क्यों वसुधा के बारे में सारी बातें सच-सच नहीं लिखीं-वह तो इससे हज़ार गुना उदार थी ! यह कहानी वसुधा और देवेंद्र की है जो एक टाइप इंस्टिट्यूट में एक साथ होते हैं वसुधा के जीवन की कहानी एक सप्ताहिक पत्रिका में छपती है जिसे पढ़कर लोगों में अपनी जीवन की छाया मिलती
बीते समय की बातें, अब यादे भले ही बन गयी हैं पर आज भी वो अच्छी लगती हैं |लोग चाह कर भी उस समय को भूल नहीं पाते ,अगर आप भी इतिहास के पन्नो को पलटकर उस समय के समाज और उस समय के माहौल को अच्छे से जानना समझना और महसूस करना चाहते हैं तो ये कहानी आपके लिए है, इसमें आजादी से पहले का भारत भी आपको नजर आएगा और उसके बाद का भी ,आओ इतिहास के पन्ने पलटें..
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