पिंगमाल्य एक मूर्तिकार है सौन्दर्य की देवी अपरोदिता का वरदान उसे प्राप्त है-उसके हाथ में असुन्दर कुछ बन ही नहीं सकता। अपरोदिता का वरदान पिंगमाल्य को असमंजस की स्थिति में डाल देता है क्या था वह वरदान और आखिर पिंगमाल्य क्या निर्णय लेता है जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय की जी के द्वारा लिखी गई कहानी कलाकार की मुक्ति अमित तिवारी जी की आवाज में
कहानी एक वृद्ध खिलौने वाले गंगाधर की है| आज गृहत्याग करने की इच्छा से जाने लगता है |तब उसे गृहस्वामी की छोटी बेटी कनक रोक लेना चाहती है |गंगाधर मासूम कनक को अपनी पूरे जीवन गाथा सुनाता है क्या आज गंगाधर उस मासूम के मोह में आकर अपने गृह त्याग का विचार ध्यान देगा त्याग देगा| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी गृहत्याग , सुमन वैद्य की आवाज में
लेखक और उसकी पत्नी के बीच उनकी नीरस भरी जिंदगी को लेकर तनाव होता है| लेखक इस घटना से अपने आप को तुलसीदास के चरित्र से जोड़कर देख कर रहे हैं |
हिंदू मुसलमानों में जब तनाव की स्थिति आई थी तो बदले की आड़ में इसका खामियाजा बड़ी संख्या में उनकी बहू बेटियों को करना पड़ा यह कहानी एक ऐसे सिख शरणार्थी की है जो ट्रेन में बैठी एक मुस्लिम युवती का संरक्षण करता है
कहानी की नायिका मालती की एक उबाऊ और रोजमर्रा की नीरस जिंदगी को चित्रित किया गया है | जो नायिका के व्यक्तित्व को किस प्रकार प्रभावित कर रही है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी गैंग्रीन, सुमन वैद्य जी की आवाज में
कहानी में नायक को किसी कार्य के लिए कुछ रुपए दिए जाते हैं, जिसे नायक को दूसरे तक पहुंचाने होते हैं किंतु नायक पैसे ना पहुंचा कर अपनी बीमार मां और अपनी बहन शशि से मिलने अपने घर चला जाता है घर जाने पर मां की असमय मृत्यु हो जाती है और बहन अपने भाई के जीवन में किसी प्रकार की बाधा ना पड़े यह विचार कर अपने प्राण त्याग देती है| नायक द्वारा समय से पैसा ना पहुंचाने के कारण उस पर विश्वासघात का आरोप लगाया जाता है| क्या है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी क्षमा ,जिसे आवाज दी है अमित तिवारी जी …
एक नौजवान मुसाफिर जो एक अंतहीन सफर पर चला जा रहा है रहा है उसकी अचानक एक सराय खाने की खूबसूरत मालकिन से मुलाकात होती है उसे मालकिन से मोहब्बत हो जाती है मालकिन किंतु बाद में उसका यह भ्रम टूटता है उसके बाद उस मुसाफिर का क्या हुआ पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं एक मुसाफिर की डायरी से मुकेश श्रीवास्तव जी के द्वारा लिखी गई कहानी अमित तिवारी जी की आवाज में
‘अंबर’ नाम का एक हष्ट पुष्ट युवक एक तैराक है |बचपन में उसके पिता मछली पकड़ने जाते हैं ,और वापस नहीं लौटते | तब से प्रतिदिन वह अपने पिता को ढूंढने समुद्र में जाता है, इसी क्रम में वे एक अच्छा तैराक बन जाता है |एक दिन उससे एक मत्स्यकन्या से मुलाकात हो जाती है |फिर क्या होता है उसके साथ ??? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कहानी ‘मनुष्य और मत्स्यकन्या कन्या ‘……..
सब औरतें एक जैसी होती हैं, कि आखिरकार उनमें कोई फर्क नहीं होता। इस बात को मत सुनना क्योंकि यह झूठ है। हरेक औरत का अपना स्वाद और अपनी खुशबू होती है।‘ ‘पर यह सच नहीं है यार।‘ कमल कह रहा था, ‘इस मारुति की पिछली सीट पर कई औरतें लेटी हैं, लेकिन जब वे रुपयों को पर्स में ठंूसती हुई, हंसकर निकलती हैं, तो एक ही जैसी गंध छोड़ जाती हैं। बीवी की गंध हो सकता है, कुछ अलग होती हो। क्या खयाल है तुम्हारा?‘ मुंबई में कमल और उसका एक दोस्त पूरी रात मस्ती में गुजारना चाहते हैं | इसी घटनाक्रम में उनकी मुलाकात ऐसी लड़कियों और औरतों से होती है जो देह व्यापार जैसे घिनौने व्यवसाय से जुड़ी होती हैं | आखिर उसके पीछे उनकी क्या वजह थी पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कहानी उस रात की गंध
दिल्ली शहर में रहने वाली एक युवती है मीनू | मीनू को अक्सर एक अनजान युवती बार बार मिलती है और किसी ना किसी बहाने उसकी मदद भी करती है |अचानक एक दूसरे शहर आगरा में मीनू की मुलाकात नमिता से होती है जो हूबहू वही अनजान युवती है ,किंतु नमिता इस बात से इंकार करती है कि मीनू और उसकी मुलाकात पहले कभी हुई है | क्या यह मीनू का भ्रम है या फिर इसके पीछे कोई कहानी |जानने के लिए सुनते हैं कहानी वह कौन थी
कहानी में लेखक द्वारा कुछ ऐसी घटनाओं का जिक्र किया गया है ,जो डर की सारी सीमाओं को भी पार कर जाती है| जो स्वाभाविक भय से भी बहुत ज्यादा है| लेखक ने खौफ़नाक अनुभवों को लिखा है जिसे सुनकर आपके रोंगटें खड़े हो जायेंगे | ऐसा खौफनाक मंजर आखिर क्या हो सकता है ?जिसे लेखक अपने कहानी के माध्यम से पाठकों और सुनने वालों को बांटना चाह रहा है जानने के लिए सुनते हैं दिल दहलाने वाली कहानी खौफ़नाक, नयनी दीक्षित की आवाज में
यह कहानी हर उस पत्नी की है जो पढ़ी लिखी और विवेकशील होने के कारण परिस्थितियों से समझौता नहीं कर पाती बल्कि उनसे लड़ती है तबतक जबतक कि वह लड़ सकती हैं…
रघु और अरुणा दो मासूम बच्चे हैं | रघु के पिता भी विधुर है |दादी उन दोनों बच्चों का ख्याल रखती है |रघु के पिता का पुनर्विवाह मासूम रघु के जीवन में क्या बदलाव लाता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं राजेंद्र कृष्ण की लिखी बेहद मार्मिक कहानी अतीत की एक ढीठ खिडक़ी पूजा श्रीवास्तव जी की आवाज में
सखी साजन एक ऐसी कहानी है जिसमे एक माँ के मनोभावों और के कोमल हृदया लड़की के मन की कोमल अभिव्यक्तियों को बड़े मार्मिक और मन को छू लेने वाले अंदाज़ में दर्शाया गया है। आज समाज कई तरह के बदलावों के अनुभव कर रहा है उन बदलावों में बह जाने कितना आसान है, पर उनको अपने खुद के जीवन में स्वीकार करना आज भी बहुत लोगों के लॉयड संभव नही है। बड़ी खूबसूरती से आकांक्षा जी ने उस उथल पुथल को अपनी लेखनी में कैद किया है सखी साजन के माध्यम से
फरीदी और लियोनार्ड – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
इब्ने सफ़ी की कहानी फ़रीदी और लियोनार्ड में लियोनार्ड एक बेहद चलाक लेकिन बेहद घटिया किस्म का ब्लैकमेलर है ।जो ब्लैक मेलिंग तक ही नहीं रुकता बल्कि क़त्ल और दूसरे और हथकंडे अपनाने पर भी उतर आता है। कहानी में लियोनार्ड कौन-कौन से हथकंडे आज़माता हैं?फ़रीदी किस प्रकार उसको अपनी गिरफ्त में लेता है ?इस बेहद सनसनीख़ेज़ कहानी को आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने..
Reviews for: Kalakaar Ki Mukti (कलाकार की मुक्ति)
Average Rating
Gaatha