लेफ्टिनेंट सागर शिव सागर जाना चाह रहा है मूसलाधार बारिश के कारण और रास्ते में कीचड़ हो जाने के कारण उसकी गाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रही है |रैन बसेरा करने के लिए किसी जगह की तलाश कर रहा है |उसे एक इमारत दिखाई देती है किंतु इमारत का क्या रहस्य है उसके पीछे क्या कहानी है जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी जय-दोल, अमित तिवारी की आवाज में के द्वारा लिखी गई कहानी
कहानी की नायिका मालती की एक उबाऊ और रोजमर्रा की नीरस जिंदगी को चित्रित किया गया है | जो नायिका के व्यक्तित्व को किस प्रकार प्रभावित कर रही है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी गैंग्रीन, सुमन वैद्य जी की आवाज में
पिंगमाल्य एक मूर्तिकार है सौन्दर्य की देवी अपरोदिता का वरदान उसे प्राप्त है-उसके हाथ में असुन्दर कुछ बन ही नहीं सकता। अपरोदिता का वरदान पिंगमाल्य को असमंजस की स्थिति में डाल देता है क्या था वह वरदान और आखिर पिंगमाल्य क्या निर्णय लेता है जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय की जी के द्वारा लिखी गई कहानी कलाकार की मुक्ति अमित तिवारी जी की आवाज में
हरसिंगार एक अनाथालय में जीवन बिता रहे एक युवक गोविंद की कहानी है| जिसे एक घटना के पश्चात ये एहसास होता है कि उसके अनाथ जीवन में कभी उसे पूर्णता का एहसास नहीं होगा |ऐसा गोविंद क्यों सोच रहा है? इसको जानते हैं अज्ञेय जी की लिखी कहानी हरसिंगार में सुमन वैद्य जी की आवाज में
कहानी चिड़िया घर में चिड़ियाघर की वास्तविकता को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है |कहानी जान ने के लिए अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी चिड़ियाघर,सुमन वैद्य जी की आवाज में
हिंदू मुसलमानों में जब तनाव की स्थिति आई थी तो बदले की आड़ में इसका खामियाजा बड़ी संख्या में उनकी बहू बेटियों को करना पड़ा यह कहानी एक ऐसे सिख शरणार्थी की है जो ट्रेन में बैठी एक मुस्लिम युवती का संरक्षण करता है
पिंगमाल्य एक मूर्तिकार है सौन्दर्य की देवी अपरोदिता का वरदान उसे प्राप्त है-उसके हाथ में असुन्दर कुछ बन ही नहीं सकता। अपरोदिता का वरदान पिंगमाल्य को असमंजस की स्थिति में डाल देता है क्या था वह वरदान और आखिर पिंगमाल्य क्या निर्णय लेता है जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय की जी के द्वारा लिखी गई कहानी कलाकार की मुक्ति अमित तिवारी जी की आवाज में
घबराहट में किसी ने गाड़ी का रेडियो चला दिया था। रेडियो में भी अब उतनी जिद नहीं बची थी शायद, नहीं तो रात के बारह बजे, भला कोई समय है राग यमन कल्याण बजाने का… स्वप्नमय बाबू कचहरी में कार्यरत हैं| उनका टाइपिंग में अनुभव कमाल का है| अब स्वप्नमय बाबू और रेडियो के बीच में क्या संबंध है इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं पंकज मित्र के द्वारा लिखी गई कहानी जिद्दी रेडियो अमित तिवारी जी की आवाज में
मिताली और प्रियंका अपने कैंपस के दिनों में एक ही लड़के परितोष से प्रेम करती हैं किंतु परितोष दोनों के ही प्रेम को अस्वीकार कर देता है आज 40 के उम्र के पड़ाव पर भी अपने कैंपस लव को भूल नहीं पा रही है पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं आकांक्षा पारे की लिखी कहानी कैंपस लव अमित तिवारी जी की आवाज में
चिरौटे ने गहरी साँस भरी। चिरैया को देखा और तनकर बोला – मैं अब इसी घर में घोंसला बनाऊँगा, देखता हूँ कब तक नोंचता है यह जल्लाद बात-बात पर गुस्सा करने वाले एक व्यक्ति के घर में चिरौटा और चिरैया घोंसला बनाते हैं आदमी और चिरोटे के बीच इस प्रकार एक जंग छिड़ जाती है हरि भटनागर के द्वारा लिखी गई कहानी जंग में इसका वर्णन सुनते हैं
कहानी प्रारंभ से ही उन संकीर्ण मानसिकता वाले पुरुषों और स्त्रियों की मनोदशा से परिचित कराते हुए आगे बढ़ती है कि किस प्रकार एक अकेली युवती को देखकर बिना यथार्थ जाने लोग उसके चरित्र का विश्लेषण करने लग जाते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी मनोवृति मनोवृति सुनते हैं भूपेश पांडे जी की आवाज में
दिनांक की किताब का विमोचन होना था उसने इस कार्यक्रम हेतु कुछ प्रतिष्ठित लोगों को बुलाने का मन बनाया किंतु समस्या यह थी उन लोगों की आपस में बनती नहीं थी इस बात का प्रभाव किस प्रकार दिनांक किताब के विमोचन पर पड़ा जाने के लिए सुनते हैं अभिज्ञात द्वारा लिखी गई कहानी अंदर की मौत अमित तिवारी जी की आवाज में
जबसे निशीथ साथ चलते- चलते अचानक अजाने मोड पर मुड ग़या था तो ठिठक कर उस चौराहे पर उसके आस-पास फुरसत ही बाकि रह गई थी और एक अंधेरा खाली कोना। बस एक सप्ताह और वह उबर आई थी नई जीजिविषा के साथ.. एक आत्मनिर्भर आत्मविश्वासी लड़की के व्यक्तित्व मे एक चुंबकत्व होता है। केतकी रेडियो स्टेशन मे काम करती थी. खूबसूरत थी । बस अगर शादी नहीं करी तो लोगों को बाते बनाने का मौका मिल जाता है। जानिए नायिका केतकी के जीवन मे आने वाले कई उतार-चढ़ावों को और उसका हर बार परिस्थिति को हरा कर आगे बढ़ने की यात्रा , जानने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ की लिखी कहानी एक नदी ठिठकी सी”, पूजा श्रीवास्तव की आवाज में…
‘अंबर’ नाम का एक हष्ट पुष्ट युवक एक तैराक है |बचपन में उसके पिता मछली पकड़ने जाते हैं ,और वापस नहीं लौटते | तब से प्रतिदिन वह अपने पिता को ढूंढने समुद्र में जाता है, इसी क्रम में वे एक अच्छा तैराक बन जाता है |एक दिन उससे एक मत्स्यकन्या से मुलाकात हो जाती है |फिर क्या होता है उसके साथ ??? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं कहानी ‘मनुष्य और मत्स्यकन्या कन्या ‘……..
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