लेफ्टिनेंट सागर शिव सागर जाना चाह रहा है मूसलाधार बारिश के कारण और रास्ते में कीचड़ हो जाने के कारण उसकी गाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रही है |रैन बसेरा करने के लिए किसी जगह की तलाश कर रहा है |उसे एक इमारत दिखाई देती है किंतु इमारत का क्या रहस्य है उसके पीछे क्या कहानी है जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी जय-दोल, अमित तिवारी की आवाज में के द्वारा लिखी गई कहानी
कहानी की नायिका मालती की एक उबाऊ और रोजमर्रा की नीरस जिंदगी को चित्रित किया गया है | जो नायिका के व्यक्तित्व को किस प्रकार प्रभावित कर रही है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी गैंग्रीन, सुमन वैद्य जी की आवाज में
सन 1946 में हुए हिंदू-मुस्लिम दंगों पर आधारित यह कहानी कोलकाता शहर की है। स्त्रियों के साथ किए गए दुर्व्यवहार और भेदभाव से संतृप्त हैं उनका तिरस्कार और निरादर होता है। समाज में फैली इस विकृति को देखकर -सुनकर मन व्यथित हो जाता है
प्रभाकर और रजनी का विवाह हुए दो वर्ष से अधिक हो गया था। किन्तु विवाह-सुख किसे कहते हैं, यह उसे कभी नहीं ज्ञात हुआ। उसे तो अभी तक यही अनुभव होता रहा कि एक सिपाही का जीवन कितना कठोर हो सकता है।ऐसा इनकी जिंदगी में क्यों हो रहा है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं भूपेश पांडे जी की आवाज में अज्ञेय की लिखी कहानी 1 घंटे में
कहानी का नायक शेखर अपने मां के मृत्यु का समाचार प्राप्त करके दुखी है| शेखर के मानसिक व्यथा को जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी दुख और तितलियां ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
हेमंत और सुधा 3 वर्ष के वैवाहिक जिंदगी के बाद एक दूसरे से अलग होने का निर्णय ले रहे हैं| उनकी वैवाहिक जिंदगी में तलाक लेने की नौबत क्यों आ रही है ?यह निर्णय उनकी जिंदगी में क्या प्रभाव डालता है ? उनकी जिंदगी को समझने के लिए सुनते हैं अज्ञेय जी के द्वारा लिखी गई कहानी वे दूसरे ‘सुमन वैद्य जी की आवाज में…
सुशील यादव जी द्वारा लिखी गई कहानी एक सस्पेंडेड थानेदार का इंटरव्यू आज की कानून प्रणाली पर व्यंग है एक थानेदार का इंटरव्यू लिया जाता है जोकि सस्पेंड हो चुका है जानते हैं कहानी में आखिर थानेदार को क्यों सस्पेंड किया गया और थानेदार का सस्पेंड होना जैसे उसके लिए कोई गर्व की बात हो जानते हैं पूरी कहानी एक सस्पेंडेड थानेदार का इंटरव्यू अमित तिवारी जी की आवाज में
साँस लेना भी कैसी आदत है जीये जाना भी क्या रवायत है कोई आहट नहीं बदन में कहीं कोई साया नहीं है आँखों में पाँव बेहिस हैं, चलते जाते हैं इक सफ़र है जो बहता रहता है कितने बरसों से, कितनी सदियों से जिये जाते हैं, जिये जाते हैं आदतें भी अजीब होती मोहनलाल की जीवन को दर्शाती यह कहानी विभिन्न पड़ाव से गुजरती हुई अब चरण में पहुंच चुकी है जब उस चरण में पहुंच गई है जब वहअपनी जीवन को समाप्त करना चाह रहा है | कैसी थी उसकी जीवन यात्रा ?? इस मार्मिक कहानी को सुनते हैं अमित तिवारी जी की आवाज में, मीरा राम निवास द्वारा लिखी कहानी जीवन यात्रा
सृष्टि की बागडोर इंसान के हाथों में आ गई. आज वह समय की दी हुई उसी छूट का लाभ अच्छे और बुरे दोनों तरह के कार्यों के लिए करता आ रहा है. ओमप्रकाश कश्यप जी के द्वारा लिखी गई बाल कहानी खेल जिसमें किस प्रकार सृष्टि का निर्माण हुआ ?समय के साथ साथ किस प्रकार के बदलाव आए ?जीव धारियों का निर्माण हुआ और सबसे सुंदर कृति किस प्रकार मनुष्य मनुष्य की रचना हुई| बेहद रोचक ढंग से उल्लेख किया गया है
अर्जुन आयकर विभाग में कार्यरत है 30 जनवरी की रात अकेले ऑफिस में अपना काम कर रहा होता है उसके साथ कुछ रहस्यमई घटना घटित होती है इसी बीच उसे अपने केबिन में एक सोने का एंटीक झुमका दिखाई देता है अर्जुन असमंजस की स्थिति में है कि आखिर में झुमका किसका है आखिर क्या है झुमके का रहस्य पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं अजीत पाल सिंह के द्वारा लिखी कहानी रहस्य ,अमित तिवारी जी की आवाज में
जेरिन नाम के एक अनजान लड़के का अचानक स्कूल के अध्यापक के पास मदद मांगने के लिए फोन आता है ,कि वह सीडी चुराने के आरोप में सिक्योरिटी वालों की गिरफ्त में है |अध्यापक उसकी मदद के लिए वहां पहुंचता है ,किंतु जब उसे सच्चाई का पता लगता है तो वह बहुत हताश होता है |क्या थी उसकी सच्चाई और अध्यापक क्यों हताश हुआ ??पूरी कहानी जाने के लिए अमित तिवारी जी की आवाज में सुनते हैं कृष्ण बिहारी जी द्वारा लिखी गई कहानी जब तवक्को ही उठ गई गालिब……
धीरेंद्र अस्थाना जी की कहानी ओरंगउटान इस ओर संकेत करती है कि क्या एक मनुष्य अपने आप को एक ऐसे जीव से तुलना कर सकता है जिसमे की वह अपना अक्स देखता हो? उसी तरह जिस तरह जंगल मे रहने वाला ओरंगउटान काफी बुद्धिमान वनमानुष है किंतु इसके बावजूद भी अकेला रहता है| कभी-कभी इंसान में धीरे-धीरे ऐसी प्रवृत्ति सामाजिक दबाव के चलते उत्पन्न हो जाती है |मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और अपने आप को अकेला महसूस करता है और धीरे-धीरे मानव जाति का हर इंसान ओरंगउटान होता जा रहा|
शीतला प्रसाद जी की सीमित आमदनी है| जैसे ही वह खाना खाने जा रहे होते हैं तभी उनके दरवाजे की घंटी बजती है |दामाद रामअवतार जी के आने की आशंका से जैसे- तैसे उनकी खातिरदारी की तैयारियां शुरू हो जाती है किंतु क्या वास्तव में वह मेहमान राम अवतार जी है या कोई और ?कामतानाथ के द्वारा लिखी गई इस रोचक कहानी को सुनते हैं पूजा श्रीवास्तव जी की आवाज
द्रौपदी रौद्र रूप धारण कर लेती है। उसके दुर्गा-जैसे तेजोद्दीप्त भयंकर रौद्र-रूप को देख दु:शासन घबरा जाता है और उसके वस्त्र खींचने में स्वयं को असमर्थ पाता है। द्रौपदी कौरवों को पुन: चीर-हरण करने के लिए ललकारती है। सभी सभासद द्रौपदी के सत्य, तेज और सतीत्व के आगे निस्तेज हो जाते
सफ़ाई पसंद – विपिन जैन – विनीता श्रीवास्तव
इसमें कोई दो -राय नहीं कि साफ़-सफ़ाई एक बहुत अच्छी आदत है लेकिन ज्यादा साफ़- सफ़ाई की धुन कभी-कभी मुश्किल में भी डाल देती है। कहानी की नायिका विभा कुछ ज्यादा सफ़ाई पसंद है और ऐसे में उसके पति का क्या अनुभव रहता है ?जानिए विपिन जैन के द्वारा लिखी गई कहानी सफ़ाई पसंद ,विनीता श्रीवास्तव की आवाज़ में…
अच्छे पलों को किसी की नजर लग जाना आम बात है और अगर वही पल हम किसी के साथ बिताएं तो ये डर और बढ़ जाता है। तो ऐसे ही भावों को दर्शा रही है ये कविता।
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