kali ki pichkari (कली की पिचकारी)
kali ki pichkari (कली की पिचकारी)
Release Date
Duration
kali ki pichkari (कली की पिचकारी)
Writer
Narrator
Genre
होली का मौसम ऐसा सुहावना होता है, ना केवल इंसान ही नहीं अपितु प्रकृति भी तरह-तरह के रंगों से रंग जाती है….
Sampadak ki holi (सम्पादक की होली)
Sampadak ki holi (सम्पादक की होली)
Release Date
Duration
Sampadak ki holi (सम्पादक की होली)
Writer
Narrator
व्यंग के बिना होली अधूरी है और हमारे संपादक जी पर क्या बीत रही है इस होली में?काम का बोझ तो बहुत ज्यादा है पर तनख्वाह 3 महीने से नहीं मिली। बीवी अलग परेशान करती है.. बेचारे संपादक जी..
Muthi mai hai lal gulaal (मुट्ठी में है लाल गुलाल)
Muthi mai hai lal gulaal (मुट्ठी में है लाल गुलाल)
Release Date
Duration
Muthi mai hai lal gulaal (मुट्ठी में है लाल गुलाल)
Writer
Narrator
|
बच्चों के बगैर होली की कल्पना भी नहीं की जा सकती ।बच्चों का पसंदीदा त्योहार है होली ।कोई रंग-बिरंगे कपड़े पहनने के लिए मचल रहा है तो कोई खुद ही अपने आपको रंग से पोत ले रहा है। बचपन की याद दिलाती है शानदार कविता मुट्ठी में गुलाल…
|
Holi Pichkari (होली पिचकारी)
Holi Pichkari (होली पिचकारी)
Release Date
Duration
Holi Pichkari (होली पिचकारी)
Writer
Narrator
होली के खूबसूरत माहौल को इस उर्दू कविता में बड़े ही सुंदर तरीके से बताया गया है। होली के अवसर पर पिचकारी को कौन भूल सकता है? इस पिचकारी के अनेक रूपों को कितने सुंदर तरीके से बताया गया है जरा आप भी इस रंग में डूब जाइए…
Hori khelat hai girdhari (होरी खेलत हैं गिरधारी)
Hori khelat hai girdhari (होरी खेलत हैं गिरधारी)
Release Date
Duration
Hori khelat hai girdhari (होरी खेलत हैं गिरधारी)
Writer
Narrator
होली का नाम सुनते ही मन में कृष्ण और राधा की लीलाएं उभर आती हैं। इसी भाव को जब मीराबाई ने अपने भजन में व्यक्त किया है तो उसमें चार -चांद और लग जाते हैं। किस तरह मीराबाई ने कृष्ण की होली का बखान किया है ?आइए सुनते हैं…https://gaathaonair.comwp-content/uploads/2021/03/Hori-khelat-hain-girdhari-by-meerabai..wav
Holi ke chand (होली के छंद)
Holi ke chand (होली के छंद)
Release Date
Duration
Holi ke chand (होली के छंद)
Writer
Narrator
ब्रज की होली की बात किए बगैर होली की बात अधूरी है। देश-विदेश से लोग ब्रज की होली का आनंद उठाने आते हैं।इस कविता में छंद के माध्यम से आप भी आनंद लीजिए कि किस तरह कन्हैया और उनके साथी मिलकर गोपियों को परेशान कर उनके संग होली खेल रहे हैं?
Gale mujhko laga lo ae dildar holi me (गले मुझको लगा लो ए दिलदार होली में)
Gale mujhko laga lo ae dildar holi me (गले मुझको लगा लो ए दिलदार होली में)
Release Date
Duration
Gale mujhko laga lo ae dildar holi me (गले मुझको लगा लो ए दिलदार होली में)
Writer
Narrator
|
होली का रंग-बिरंगा त्योहार,प्यार और रोमांस का के बिना अधूरा है। प्रेमी किस तरह अपनी प्रेमिका को अपने साथ होली खेलने के लिए मना रहा है ?प्यार और मोहब्बत के इसी भाव को बड़े ही शायराना अंदाज में पेश किया है भारतेंदु हरिश्चंद्र ने…
|
Holi- Harivanshrai (होली / हरिवंशराय बच्चन)
Holi- Harivanshrai (होली / हरिवंशराय बच्चन)
Duration
Holi- Harivanshrai (होली / हरिवंशराय बच्चन)
Writer
Narrator
होली का त्योहार रंग ही नहीं प्रेम और विश्वास का भी त्यौहार है। होली के इस अवसर पर दोस्त ही नहीं बल्कि सारे भेदभाव,लड़ाई- झगड़े भूलकर,दुश्मन भी गले मिल जाते हैं ।यही संदेश देती हुई हरिवंश राय बच्चन के द्वारा लिखी गई यह कविता…
Kavya manch par holi (काव्य मंच पर होली)
Kavya manch par holi (काव्य मंच पर होली)
Release Date
Duration
Kavya manch par holi (काव्य मंच पर होली)
Narrator
होली के अवसर पर हंसी -ठिठोली आम बात है और इस मौसम में लोग एक-दूसरे को बिल्कुल भी छेड़ने से नहीं चूकते । एक कवि सम्मेलन में किस तरह सारे कवि,एक कवियत्री को छेड़ते हैं और कवियत्री ने किस तरीके से इस छेड़खानी का उत्तर दिया ?आनंद लीजिए इस व्यंग का इस कविता में..
khele masane me hori digambar (खेलैं मसाने में होरी दिगंबर)
khele masane me hori digambar (खेलैं मसाने में होरी दिगंबर)
Release Date
Duration
khele masane me hori digambar (खेलैं मसाने में होरी दिगंबर)
Writer
Narrator
शिव एक युगपुरुष है।आदि और अंत वही है। यह अनूठी होली की दास्तान है जोकि शमशान में खेली जाती है। जहां कवि ने शिव के माध्यम से जीवन के आरंभ और अंत का बखूबी से वर्णन किया है…
Khun Ka Rista (ख़ून का रिश्ता)
Khun Ka Rista (ख़ून का रिश्ता)
Release Date
Duration
Khun Ka Rista (ख़ून का रिश्ता)
Writer
Narrator
Genre
मनुष्य भौतिकवादी जब बनता चला जाता है ,तो वो रिश्तों को भूलता चला जाता है , या दूसरे शब्दों कहें तो इंसान रिश्तों को पैसे से और ताकत से तोलने लगता है |क्या यह सही होगा कि इंसान की ईमानदारी उसके अमीर या गरीब होने से आकी जाये ?
Aakl Aur Bhains (अक्ल और भैंस)
Aakl Aur Bhains (अक्ल और भैंस)
Release Date
Duration
Aakl Aur Bhains (अक्ल और भैंस)
Writer
Narrator
Genre
अकल बड़ी या भैंस , ये तो हम कई सालो से और युगो से सुनते आ रहे हैं , पर आज तक इसका सही उतार नहीं मिला,,,एक नजर में तो ऐसा लगता है की अकाल बड़ी है पर दूसरे ही पल कोई कहता है की जिसके पास जिस चीज़ की कमी होगी वो इंसान उसी को चुनेगा ,,ये बात मज़ाकिया लग सकती है , पर सवाल भी कुछ ऐसा ही है ,,,आइये इस कहानी को सुनते हैं ,,और आनंद लेते हैं अकाल और भैंस का
Ek Admi Ratri ki Maheak (एक आदिम रात्रि की महक)
Ek Admi Ratri ki Maheak (एक आदिम रात्रि की महक)
Release Date
Duration
Ek Admi Ratri ki Maheak (एक आदिम रात्रि की महक)
Writer
Narrator
Genre
एक अनाथ की मानसिकता क्या हो सकती है? एक वो चाहे तो हमेशा खुद को अनाथ ,अकेला ,बेसहारा महसूस करता रहे और अपनी किस्मत को कोसता रहे|दूसरा वो हर जगह परिवार बनाने के बारे में सोचे , हर जगह परिवार बनाये और अपनी ज़िंदगी में खुशियां भर ले | यह सब आपके ऊपर है कि आप अपनी ज़िंदगी में क्या चाहते हैं? ये कहानी है एक ऐसे शख्श की जिसकी ज़िंदगी की रेल गाडी में कई स्टेशन आये पर वो तलाश में था अपने परिवार के स्टेशन की….
Kutte Ki Awaz (कुत्ते की आवाज़)
Kutte Ki Awaz (कुत्ते की आवाज़)
Release Date
Duration
Kutte Ki Awaz (कुत्ते की आवाज़)
Writer
Narrator
Genre
बीते समय की बातें, अब यादे भले ही बन गयी हैं पर आज भी वो अच्छी लगती हैं |लोग चाह कर भी उस समय को भूल नहीं पाते ,अगर आप भी इतिहास के पन्नो को पलटकर उस समय के समाज और उस समय के माहौल को अच्छे से जानना समझना और महसूस करना चाहते हैं तो ये कहानी आपके लिए है, इसमें आजादी से पहले का भारत भी आपको नजर आएगा और उसके बाद का भी ,आओ इतिहास के पन्ने पलटें..
Jullus (जुलूस)
Jullus (जुलूस)
Release Date
Duration
Jullus (जुलूस)
Writer
Narrator
Genre
देश एक है, देशवासी भी एक हैं, राज्य अलग हैं, भाषाएँ अलग हैं और इसी की बुनियाद पे कई बार लोग आपस में बट जाते हैं|भेदभाव करने लगते हैं, पर इन सबसे अलग हो कर कोई अपनी धुन में मस्त होकर जीना चाहे भी तो लोग उसे जीने नहीं देते |फिर भी जीवन आगे बढ़ता जाता है , और इंसान खुश रहने के रास्ते निकाल ही लेता हैं , भाषाओं के आगे भी बहुत कुछ है…
Jai Ganga (जै गंगा)
Jai Ganga (जै गंगा)
Release Date
Duration
Jai Ganga (जै गंगा)
Writer
Narrator
Genre
एक समय था जब सड़क से गाडी निकलती थी तो लोग गाड़ियों को देखते थे| आसमान से जब जहाज़ निकलता था तो लोग जहाज़ देखते थे |फिर धीरे -धीरे समय बदला और गाड़ियां आम हो गयी, जहाज़ भी आम हो गए पर वो सिर्फ अमीर लोगो के लिए, गरीबों के लिए स्थिति अभी भी वैसी की वैसी ही रही |यूँ तो कामकाज के तरीको में भी बहुत फर्क आया पर सरकारी ऑफिस में काम कैसा होता है या यूँ कहें की कैसा होता था ?इन सबके बीच एक आम इंसान की मनोस्थिति कैसी रहेगी? जीवन के इन पहलुओं पर नज़र डालती ये कहानी…
Aaj Ke Aatit (आज के अतीत)
Aaj Ke Aatit (आज के अतीत)
Release Date
Duration
Aaj Ke Aatit (आज के अतीत)
Writer
Narrator
Genre
ज़िंदगी में बहुत आगे निकल आने पर भी हमें कई बार महसूस होता है कि अतीत हम में आज भी ज़िंदा है| हम उससे कितना ही पीछा छुड़ाने की कोशिश क्यों न कर लें पर वो हमारा पीछा कभी नहीं छोड़ता और रह -रह कर हमारी आँखों के सामने आता रहता है , ऐसे में इंसान क्या करे? कभी अतीत के आगे झुकने का मन करता है तो कभी उससे लड़कर आगे बढ़ने का , इसी कशमकश को बयां करती ये कहानी…
Jhumar (झूमर) – Part-2
Jhumar (झूमर) – Part-2
Release Date
Duration
Jhumar (झूमर) – Part-2
Writer
Narrator
Genre
समय बदलने पर आदर्शों की प्रसांगिकता रह जाती है ? जब परिवार आपके आदर्शों का सम्मान ना करे तो और एक रंगकर्मी का जीवन सिर्फ मंच पर ही है या बहार की दुनिया में भी है ,,,बहुत से उलझे हुए सवालों और ज़िंदगी की मुश्किलों को बयान करती ये कहानी ,,ज़रूर सुने ,,, लगेगा जैसे हमारे जैसे ही किसी अपने की कहानी है


