बीते समय की बातें, अब यादे भले ही बन गयी हैं पर आज भी वो अच्छी लगती हैं |लोग चाह कर भी उस समय को भूल नहीं पाते ,अगर आप भी इतिहास के पन्नो को पलटकर उस समय के समाज और उस समय के माहौल को अच्छे से जानना समझना और महसूस करना चाहते हैं तो ये कहानी आपके लिए है, इसमें आजादी से पहले का भारत भी आपको नजर आएगा और उसके बाद का भी ,आओ इतिहास के पन्ने पलटें..
पँचकौड़ी मिरदंगिया एक छोटी जात का बूढ़ा कलाकार है |जो मृदंग बजाता है |पहले तो लोग उसी कला को पसंद करते थे ,किंतु धीरे-धीरे लोग उससे अलग होते गए | पँचकौड़ी मिरदंगिया को एक 10 से 12 साल के लड़के मोहना से विशेष लगाव होता है और उसे अपने द्वारा गाए रसप्रिया सुनाना और सिखाना चाहता है |क्या है मोहना और मिरदंगिया का रिश्ता पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं फणीश्वर नाथ रेणु द्वारा लिखी गई कहानी रसप्रिया , सुमन वैद्य जी की आवाज में
महतो टोली के पंचों ने पेट्रोमैक्स खरीदा |जिसे गांव वाले पंचलाइट कहते हैं |गांव वालों और पंचों का उत्साह देखते बनता है| बस समस्या यह है कि पंचलाइट कैसे और कौन जलाएं क्योंकि पंचलाइट जलाना किसी को आता नहीं है |यह समस्या किस प्रकार हल होती है |बेहद हास्यास्पद तरीके से इसका उल्लेख किया गया है फणीश्वरनाथ रेणु जी के द्वारा लिखी कहानी पंचलाइट में ,आवाज दी है सुमन वैद्य जी ने…
एक अनाथ की मानसिकता क्या हो सकती है? एक वो चाहे तो हमेशा खुद को अनाथ ,अकेला ,बेसहारा महसूस करता रहे और अपनी किस्मत को कोसता रहे|दूसरा वो हर जगह परिवार बनाने के बारे में सोचे , हर जगह परिवार बनाये और अपनी ज़िंदगी में खुशियां भर ले | यह सब आपके ऊपर है कि आप अपनी ज़िंदगी में क्या चाहते हैं? ये कहानी है एक ऐसे शख्श की जिसकी ज़िंदगी की रेल गाडी में कई स्टेशन आये पर वो तलाश में था अपने परिवार के स्टेशन की….
देश एक है, देशवासी भी एक हैं, राज्य अलग हैं, भाषाएँ अलग हैं और इसी की बुनियाद पे कई बार लोग आपस में बट जाते हैं|भेदभाव करने लगते हैं, पर इन सबसे अलग हो कर कोई अपनी धुन में मस्त होकर जीना चाहे भी तो लोग उसे जीने नहीं देते |फिर भी जीवन आगे बढ़ता जाता है , और इंसान खुश रहने के रास्ते निकाल ही लेता हैं , भाषाओं के आगे भी बहुत कुछ है…
कहानी में किसान सिरचन को लोग बेकार ही नहीं बल्कि बेगार समझते हैं लेकिन एक समय ऐसा था कि एक सिरचन कुशल कारीगर था लोग उसकी खुशामद करते थे लेकिन वह कलाकार आज बेकार या बेगार क्यों है ?क्या उसे किसी बात की ठेस लगी है? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं फणीश्वर नाथ रेणु द्वारा लिखी गई कहानी ठेस सुमन वैद्य जी की आवाज में
देश एक है, देशवासी भी एक हैं, राज्य अलग हैं, भाषाएँ अलग हैं और इसी की बुनियाद पे कई बार लोग आपस में बट जाते हैं|भेदभाव करने लगते हैं, पर इन सबसे अलग हो कर कोई अपनी धुन में मस्त होकर जीना चाहे भी तो लोग उसे जीने नहीं देते |फिर भी जीवन आगे बढ़ता जाता है , और इंसान खुश रहने के रास्ते निकाल ही लेता हैं , भाषाओं के आगे भी बहुत कुछ है…
सत्य की खोज में इंसान हमेशा से रहा है और इसे खोजने के लिए कभी उसने धर्म को गहराई से समझने की कोशिश की है | आसान से शब्दों में कहा जाये तो सत्य , धर्म , राजनीति , सामाजिकता और अत्याचार इन सबसे घिरा इंसान सत्य की खोज कैसे करेगा और इन सब का उस पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
दुनिया की सबसे पुरानी हस्तनिर्मित गुफायें बराबर और नागार्जुन पर्वतों को भारतवर्ष के सबसे पुरातन और ऐतिहासिक पर्वतों में गिना जाता है। इस जगह पर कभी मगध का साम्राज्य हुआ करता था इसलिए1100 फुट ऊंचे बराबर और नागार्जुन पर्वतों को मगध का हिमालय भी कहा जाता है। प्रकति प्रेमियों को यहां एक बार ज़रूर जाना चाहिए
ग़ुलाम देश के लोगो की आखों में जब आज़ादी का सपना होता है तो एक अनपढ़ इंसान भी सपने देखने लगता है , वो सोचने लगता है सब बदल जायेगा , अब वो भी गोरों के बराबर हो जायेगे ,,,और ज़रूरत पड़ने पर इतने सालों से गोरों ने जो अत्याचार किये हैं उसपे , उनका बदला भी वो ले पायेगा , उसके कानो ने नए कानून के बारे में सुना होता है , पर क्या सच में नए कानून से कुछ बदलेगा ? क्या सच में नया कानून आएगा ?
कठिन परिश्रम ,दृढ़ शक्ति दूरदर्शिता और कुछ कर गुज़रने का सपना लेकर कीमत राय गुप्ता जी ने किस प्रकार मात्र 10000 से 17 हजार करोड़ का साम्राज्य खड़ा किया ? हैवेल्स इंडिया लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनी के मालिक कीमत राय गुप्ता की ज़िन्दगी के उतार-चढ़ाव के कई पहलुओं से रू-ब-रू होते हैं ,मज़ीद की आवाज़ से जानते हैं आम आदमी खास कहानी में…
प्रोफेसर डी.पी. झा 48 वर्ष की आयु में कैंसर से पीड़ित हो जाते हैं |अपनी मौत को इतने करीब से महसूस करते हुए वह जीते जी अपने सारे कर्तव्यों को पूरा करना चाहते हैं |वह अपने शरीर को मेडिकल कॉलेज में देहदान कर देते हैं | उनकी मृत्यु के पश्चात उनके शव के साथ क्या होता है??? बड़े भावपूर्ण रूप में चित्रित किया गया है अभिज्ञात’’ की कहानी कामरेड और चूहे मे…. ,अमित तिवारी जी की आवाज में सुनिए सिर्फ गाथा पर
प्रेम में होने पर अक्सर प्रेमी युगल अपनी कल्पना में अपनी प्रेमी अथवा प्रेमिका की तस्वीर बनाते हैं इसी भाव को गीत में प्रस्तुत किया गया है सुनिए भावना तिवारी जी की आवाज में प्रोफेसर रामस्वरूप सिंदूर ji के शब्दों में
एक स्वयंसेवक को जेल हो जाती है और उसकी पत्नी को यहां तक कि अपने ससुर का भी सहारा नहीं मिलता है |ऐसे में ज्ञानचंदकी पत्नी उसका सहारा बनती है| जानते हैं नारी के निर्भीक ,अलौकिक रूप को प्रेमचंद के द्वारा लिखी गई कहानी अनुभव में भूपेश पांडिया की आवाज में
अनामिका का विवाह अतुल से हुआ है लेकिन अतुल का व्यवहार अनामिका के प्रति कुछ रुखा सा है अनामिका को अचानक एक दिन अपने कॉलेज के दिनों के एक दोस्त समीर की याद आती है जिसका प्यार अनामिका के द्वारा ठुकराया जाता है आज अनामिका को ऐसा क्यों लग रहा है कि ईश्वर उससे उसी बात का अधूरा बदला ले रहे हैं क्या हुआ था अनामिका की जिंदगी में पूरी कहानी जानने के लिए के लिए सुनते हैं विकास श्रेय केवल जी की लिखी कहानी अधूरा बदला अमित तिवारी जी की आवाज
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