पाषाणी मृगमयी नाम की एक लड़की की कहानी है, जिससे अपूर्व नाम के लड़के को प्रेम होता है तथा वह उससे विवाह भी करता है। किंतु मृगमयी की प्रकृति से बचपना है की जाने का नाम नहीं लेता। परिस्थितियां विपरीत तब होती हैं जब अपूर्व कई वर्षो के लिए कलकत्ता चला जाता है और लौट कर नहीं आता…
पाषाणी मृगमयी नाम की एक लड़की की कहानी है, जिससे अपूर्व नाम के लड़के को प्रेम होता है तथा वह उससे विवाह भी करता है। किंतु मृगमयी की प्रकृति से बचपना है की जाने का नाम नहीं लेता। परिस्थितियां विपरीत तब होती हैं जब अपूर्व कई वर्षो के लिए कलकत्ता चला जाता है और लौट कर नहीं आता…
पाषाणी मृगमयी नाम की एक लड़की की कहानी है, जिससे अपूर्व नाम के लड़के को प्रेम होता है तथा वह उससे विवाह भी करता है। किंतु मृगमयी की प्रकृति से बचपना है की जाने का नाम नहीं लेता। परिस्थितियां विपरीत तब होती हैं जब अपूर्व कई वर्षो के लिए कलकत्ता चला जाता है और लौट कर नहीं आता…
पाषाणी मृगमयी नाम की एक लड़की की कहानी है, जिससे अपूर्व नाम के लड़के को प्रेम होता है तथा वह उससे विवाह भी करता है। किंतु मृगमयी की प्रकृति से बचपना है की जाने का नाम नहीं लेता। परिस्थितियां विपरीत तब होती हैं जब अपूर्व कई वर्षो के लिए कलकत्ता चला जाता है और लौट कर नहीं आता…
कहानी बृहस्पति देव के बेटे कच की है, जो शंकराचार्य के पास अमर जीवन का रहस्य प्राप्त कर स्वर्ग-लोक को जाने के लिए तैयार हैं |जाने से पहले गुरु पुत्री उसकी तथा देवयानी से भेंट करने के लिए आता है, किंतु देवयानी कच को समझाने का प्रयत्न करती है कि संसार में यह मिथ्या होगा कि केवल शिक्षा का मूल है परंतु प्रेम का कोई मूल्य नहीं है | क्या वह देवयानी के प्रेम का उपहास करता है ? क्या वह नारी हृदय की वेदना को समझ पाता है? क्या वह प्रेम के मूल्य को समझ पाता है ? इसे जानने के लिए सुनते हैं रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी प्रेम का मूल्य ,शिवानी आनंद की आवाज में…
“Patro o Patri” is a story of a boy whose mom wanted to fix his marriage with a little girl before he goes to college. The marriage has been discarded by his father. But the process of negotiations revealed the fact that even 14 years old boy’s imagination of marital relationship was revolving around the same expectation, attention and control towards his baby wife that he experienced in his father’s behavior pattern all through his life in spite of being a modern boy and raised independent.
कादम्बिनी में प्राण तब वापस आए जब उसे जलाने के लिए शमशान में रखकर, लोग लकड़ी लेने चले गए। अपने आस पास किसी को ना पाकर कादंबनी को लगा कि वह मर चुकी है और जीवन तथा मृत्यु के बीच लटक रही है, उसकी इसी जीवन और मृत्यु के बीच की यात्रा की कहानी।
दो भाईयों की ऐसी कहानी जो अपनी पत्नियों के रोज़ रोज़ के झगड़े से आहत हैं। एक दिन खाना मांगने पर न मिलने से क्रुद्ध हो एक भाई अपनी पत्नी के सर पर प्रहार करता है जिससे कि उसकी मृत्यु हो जाती है लेकिन दूसरा भाई सबके सामने बताता है कि खून भाई ने नहीं बल्कि उसकी पत्नी ने किया है क्योंकि उसका मानना है कि पत्नी तो उसे और मिल जाएगी लेकिन भाई तो दूसरा नहीं मिल सकता।
अतृप्त आत्माओं से भरे एक महल की कथा जिसका एक एक पत्थर जिंदा व्यक्तियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
राक्षसों के चंगुल से एक युवती को ,राजा विक्रमादित्य ने किस प्रकार अपने पराक्रम के द्वारा मुक्त कराया ?इसे जानने के लिए पूरी कहानी सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में सिंहासन बत्तीसी से ली गई कहानी सिंहासन बत्तीसी-बारहवी पुतली – पद्मावती
एक ऐसी मुसलमान राजकुमारी की कहानी जिसने अपनी सेना के हिंदु सेनापति के लिए अपना धर्म और राज्य सब छोड़ दिया लेकिन अपने प्रेम को ना प्राप्त कर सकी।
कहानी का नायक ब्रजराज अपनी पत्नी इन्दो की बातों से विचलित रहता है | ब्रजराज के हृदय में एक अलग ही विरक्ति आ जाती है |और ब्रजराज घर छोड़ने का निश्चय कर लेता है |आगे क्या होता है ब्रजराज की जिंदगी में? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी भीख ,शिवानी आनंद की आवाज में
अकाल की स्थिति में सारस का झुंड पानी की तलाश में इधर- उधर भटक रहा है एक बुढ़िया पानी का कटोरा उनके लिए रखती है लेकिन सारस का झुंड इस बात से अनजान है केदारनाथ सिंह के द्वारा लिखी गई कविता अकाल में सारस सुनते हैं पवन मिश्रा जी की आवाज में
कहानी एक वृद्ध खिलौने वाले गंगाधर की है| आज गृहत्याग करने की इच्छा से जाने लगता है |तब उसे गृहस्वामी की छोटी बेटी कनक रोक लेना चाहती है |गंगाधर मासूम कनक को अपनी पूरे जीवन गाथा सुनाता है क्या आज गंगाधर उस मासूम के मोह में आकर अपने गृह त्याग का विचार ध्यान देगा त्याग देगा| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी गृहत्याग , सुमन वैद्य की आवाज में
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