कावसजी जी और शापूरजी दोनों मित्र है| दोनों खूब कमाई करते हैं किंतु दोनों के जीवन में बहुत अंतर है जहां एक और कावसजी के जीवन में अशांति ,कटुता और निराशा है | वहां दूसरी ओर शाहपुर जी के जीवन में शांति ,सहृदयता है |क्या है वास्तविकता इन दोनों के जीवन में ?दोनों के जीवन में क्या कोई ऐसी घटना घटित होती है जो जीवन का श्राप बन जाती है ,बहुत कुछ है ,इस कहानी में जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी जीवन का श्राप, सुमन वैद्य की आवाज
एक स्वयंसेवक को जेल हो जाती है और उसकी पत्नी को यहां तक कि अपने ससुर का भी सहारा नहीं मिलता है |ऐसे में ज्ञानचंदकी पत्नी उसका सहारा बनती है| जानते हैं नारी के निर्भीक ,अलौकिक रूप को प्रेमचंद के द्वारा लिखी गई कहानी अनुभव में भूपेश पांडिया की आवाज में
मंगल भंगी भूँगी दाई का बेटा है ,जबकि सुरेश जमीदार बाबू महेशनाथ का बेटा है |एक समय भूँगी ने अपने बेटे मंगल से ज्यादा सुरेश को अपना दूध पिला कर उसकी देखभाल की, किंतु क्या भूँगी की मृत्यु के बाद मंगल को जमीदार महेश नाथ के यहां से अपनी मां द्वारा सुरेश को पिलाया दूध का दाम मिल पाता है या फिर उसे एक अछूत के रूप में देखा जाता है| प्रेमचंद जी की बेहद भावपूर्ण कहानी है दूध का दाम, जिसे आवाज दी है सुमन वैद्य जी ने
“मन “की प्रसन्नता व्यवहार में उदारता बन जाती है “कहानी “में एक विधवा स्त्री “बूटी” अपने जीवन से खिन्न है और यही खिन्नता उसके व्यवहार में आ जाती है किंतु एक प्रसंग से उसके व्यवहार में परिवर्तन आ जाता है वो कौन सा प्रसंग था ? और उसके बाद क्या हुआ —–जानने के लिए सुनते हैं कहानी “ज्योति”___
शराब एक जहर है जो इंसान को हैवान बना देती है। गांधी जी ने समस्त भारतवासियों से अपील की थी कि जो लोग शराब पीते हैं , वह शराब पीना छोड़ दें ।कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता, जय राम और मिसेज़ सक्सेना, दोनों ही इस कार्य को करने के इच्छुक होते हैं। बारी-बारी से दोनों को यह कार्य सौंपा जाता है। कौन सा फल होता है और कौन विफल ,इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।
कहानी में लेखक और उसका दोस्त विक्रम जैसे -तैसे रुपए की व्यवस्था कर लॉटरी की टिकट खरीदते हैं |दोनों मिलकर खूब सारी पूर्व योजनाएं बनाते हैं क्या उनकी लॉटरी की टिकट निकलेगी? और उनके साथ क्या होगा पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद जी के द्वारा लिखी गई कहानी लॉटरी सुमन वैद्य जी की आवाज में
जीवनलाल मामूली ईंटों के भट्टे पर क्लर्क से आज खुद अपने भट्टे के मालिक के साथ-साथ बड़ी-बड़ी इमारतों के ठेकेदार भी है शंभू नाथ की बीवी जीवन लाल के चुंबकीय व्यक्तित्व से अपने को बचा नहीं पाई जीवन लाल की शादी लीला से हुई उस समय तक जीवन लाल स्त्रीे के चरित्र पर विश्वाीस ही न कर पाते और अपनी पत्नीस के सतीत्वा की परीक्षा लेने का स्वभाव बन गया है जिस कारण लीला उन से तंग आ चुकी है क्या उनका यह स्वभाव उनके वैवाहिक जीवन में मतभेद पैदा करेगा लीला किस प्रकार इस बात से जीवन लाल को सबक सिखाएगी
कहानी दो अपरिचित एक महिला यात्री और एक पुरुष यात्री के बीच के वार्तालाप से संबंधित है | बातों ही बातों में जाने- अनजाने में दोनों अपने दिल की व्यथा कह जाते हैं | दोनों की जिंदगी में क्या उलझन है? इसको जानने के लिए सुनते हैं मोहन राकेश जी के द्वारा लिखी कहानी अपरिचित सुमन वैद्य जी की आवाज में
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कहानी कुल्लू की खूबसूरत वादियों में घूमने आए एक पुरातत्व विभाग के प्रोफेसर की है |वहां पर सेबों से लदे पेड़ों को देखकर उनका मन प्रफुल्लित हो उठता है और एक लड़के को इसलिए दंडित करते हैं क्योंकि उसने वहां से एक सेब को चुराया है वही प्रोफेसर साहब प्राचीन मंदिर से मूर्ति उठाकर अपने अपने साथ ले आते हैं तब उनके अंतर्मन से क्या अंतर्मन से क्या आवाज आती है? जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी सेब और देव
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पचासी – छियासी साल के लखनऊ के हाजी मियां बुलाकी अपने पुत्र- पुत्री की मृत्यु के पश्चात हौसला नहीं छोड़ते और इस उम्र में भी परिवार के सभी लोगों के साथ – साथ, अन्य लोगों का भी ध्यान रखते हैं | जानते हैं यह सब कैसे संभव हो पाता है | कहानी हाजी कुल्फी वाला में…….
इस दुराचारी ने अपने स्वार्थ के लिए न मालूम कितनी बालाओं का जीवन नष्ट कराया है उन्हें पथभ्रष्ट कर दिया है। जिस आदरणीय दृष्टि से इस नीच समाज में देखा जाता है वास्तव में यह नीच उसके योग्य नहीं, वरन यह नर पशु है, लोलुपी है, लम्पट है। सिंह की खाल ओढ़े हुए तुच्छ गीदड़ है-रंगा सियार है। मुक्ता पंडित जी से संगीत की शिक्षा ले रही है किंतु पंडित जी दलाली जैसा घिनौना कृत्य करते हैं मुक्ता को भी इसी प्रयोजन का हिस्सा बनाने के आशय से मुक्ता की मुलाकात मणिधर से करवाते हैं मुक्ता जब गर्भ से हो जाती है तो समाज सारा दोष मुक्ता पर मढ़ देता है किंतु क्या पंडित जी और मणिधर को अपने कृत्य पर कोई अफसोस होता है और क्या वे प्रायश्चित करते हैं जानने के लिए सुनते हैं अमृतलाल नागर द्वारा लिखी गई कहानी प्रायश्चित सुमन वैद्य की आवाज में
चीनी फेरीवाला फाटक से बाहर आता दिखाई दिया । उसके कंधे पर भूरे कपड़े का गट्ठर था। मैंने कहा कि मैं फॉरेन नहीं खरीदती, तो सरल विस्मय के साथ उसने कहा कि हम क्या फारन है ? हम तो चाइना से आता है । मैंने अपनी नहीं को और अधिक कोमल बनाकर कहा, मुझे कुछ नहीं चाहिए भाई । चीनी भी विचित्र निकला,’ हमको भाई बोला है ।तुम जरूर लेगा। बहुत अच्छा सिल्क आता है सिस्तर। और उस दिन से उसे मेरे घर में आने जाने की परवानगी मिल गई
किसी की अमानत हड़प कर इंसान सुखी नहीं रह सकता। इसका उदाहरण है, बाबू हरिदास। मगन सिंह उनके ईद के पजावे पर काम करने वाला बालक था, जिस पर उन्हें बड़ी दया आती थी । किंतु जब उन्हें मदन सिंह के पुरखों द्वारा गाए गए खजाने का पता चला तो उनकी नियत खराब हो गई और उसी गड़े हुए खजाने के लालच में वे चल बसे। वही हाल उनके सुपुत्र प्रभु दास का हुआ किंतु वह भी मगन सिंह के खजाने को भोग ना सका और अंत में खजाना मगन सिंह को मिल गया।
शोध में पुरातत्व विभाग को एक सन 1950 ईस्वी की स्मारक मिलती है जिसमें खुदी हुई चार पंक्तियां होती है कवि का नाम गोवर्धन दास लिखा होता है पुरातत्व विभाग को गोवर्धन दास के बारे में पहले से कुछ भी ज्ञात नहीं होता है गोवर्धन दास कवि कैसे बना क्या उसका है उसका इतिहास और पुरातत्व विभाग में उनके विषय में क्या लिखा पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं हरिशंकर परसाई द्वारा लिखी गई कहानी सन् 1950 ईसवी
एक ऐसी मुसलमान राजकुमारी की कहानी जिसने अपनी सेना के हिंदु सेनापति के लिए अपना धर्म और राज्य सब छोड़ दिया लेकिन अपने प्रेम को ना प्राप्त कर सकी।
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pragati sharma