कुसुम नवीन बाबू जी की पुत्री है। शादी के बाद उसका पति उससे किसी भी तरह का कोई वैवाहिक संबध नहीं रखता है। कुसुम को इस बात का कारण नहीं समझ आ रहा ।मायके से वो अपने पति को इसी संदर्भ में कई पत्र लिखती जिसमें पूर्ण सम्पर्ण की पराकाष्ठा उडेल देने के बाबजूद उसका पति उसे कोई उत्तर नहीं देता। आगे जानने के लिये कि आखिर क्या वज़ह है कि कुसुम के साथ ऐसा व्यवहार होने का,क्या कुसुम अपने आत्म सम्मान की रक्षा कैसे करती है सुनते हैं प्रेमचंद जी के द्वारा लिखी कहानी कुसुम सुमन वैद्य जी की आवाज़ में..।
चोखे लाल शर्मा एक रसिक किस्म के संपादक हैं | स्त्रियों के कैसे भी लेख उनकी भूरी- भूरी प्रशंसा चोखे लाल शर्मा जी के द्वारा जरूर होती है |एक बार उग्र प्रेम को झलकाती एक अश्लील कविता प्राप्त हुई | इस कविता के बाद चोखे लाल शर्मा जी का क्या हुआ? क्या अब भी उनका रसिक मिजाज बाकी है ?सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी रसिक संपादक भूपेश पांडे की आवाज में
चंद्रप्रकाश b.a. पास करके ठाकुर जी के बेटे को ट्यूशन पढ़ा कर अपनी जीविका चला रहा है | ठाकुर जी का पूरा परिवार चंद्र प्रकाश को अपने बेटे के समान प्यार और सम्मान देते हैं, किंतु कहानी के प्रसंग में चंद्रप्रकाश की नियत बदल जाती है और ठाकुर जी के यहां गहनों चोरी करता है |क्या चंद्र प्रकाश को अपने द्वारा किए गए गलत कार्य का कोई पश्चाताप होगा? क्या चंद्र प्रकाश की चोरी पकड़ी जाएगी? क्या ठाकुर जी का व्यवहार चंद्रप्रकाश के प्रति बदल जाएगा? संवेदना से भरी प्रेमचंद्र की कहानी चमत्कार में सुनते हैं, सुमन वैद्य जी की आवाज में….
महाशय मेहता उन अभागों में से हैं जिनको अपनी मेहनत के हिसाब से प्रशंसा या पुरस्कार नहीं मिलता| किंतु अब उन्होंने सोच लिया है कि वह राजा साहब के आगे स्तुति गान करेंगे| इसके चलते वह शीघ्र दीवान बन गए |किंतु मेहता जी की परेशानियां यहीं खत्म नहीं हुई ,आगे अब क्या क्या हुआ? पूरी बात जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी रियासत का दीवान ,सुमन वैद्य की आवाज में
कहानी के माध्यम से बड़े ही रोचक ढंग से यह समझाने की कोशिश की गई है कि नशा चाहे भांग का हो ,शराब का या कोई और नशा हो हमेशा खराब होता है| नशे के सेवन से मनुष्य सही और गलत निर्णय लेने में अक्षम हो जाता है |कहानी में बहुत अधिक पंडितबाद पर कटाक्ष भी किया गया है| कहानी के मुख्य पात्र राय साहब पंडित घसीटे लाल और जिलाधीश मिस्टर बुल (जोकि विलायत से आये हैं ),उनके बीच नशे को लेकर संवाद पर व्यंग किया गया है | प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई इस रोचक कहानी यह भी नशा, वह भी नशा सुनते हैं , नयनी दीक्षित की आवाज में …
कहानी का नायक एक मेहनती गरीब क्लर्क है ,जबकि उसका मित्र ईश्वरी एक बड़े जमीदार का लड़का है |नायक को अपने अमीर दोस्त के साथ कुछ दिन बिताने को मिलते हैं ईश्वरी के ठाठ- बाट, शानो- शौकत से नायक भी अपने को अछूता नहीं रख पाता है |कहीं ना कहीं नायक के मन में भी अमीरी का नशा चढ़ने लगता है| नायक के चरित्र में आए इस बदलाव को जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी नशा भूपेश पांडे जी की आवाज में…
कहानी का नायक कड़ाके की सर्दी में प्लेटफार्म में अपने गाड़ी के आने का इंतजार कर रहा है |नायक एक गरीब तबके का है किंतु दूसरे से मांगे हुए ओवरकोट पहनकर अपने को रौबदार महसूस कर रहा है | प्लेटफार्म में ज्यादातर यात्री गरीब तबके से ही है | तभी प्लेटफार्म में उसकी मुलाकात एक लड़के से होती है जो कड़ाके की सर्दी में गर्म कपड़े नहीं पहने हुए हैं | नायक उसे अपने बिस्तार पर जगह देता है | उस लड़के के चले जाने के बाद नायक सोच में पड़ जाता है | आखिर उसकी सोच क्या है ?पूरी कहानी सुनने के लिए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध द्वारा लिखी गई कहानी जंक्शन सुमन वैद्य जी की आवाज में
हरसिंगार एक अनाथालय में जीवन बिता रहे एक युवक गोविंद की कहानी है| जिसे एक घटना के पश्चात ये एहसास होता है कि उसके अनाथ जीवन में कभी उसे पूर्णता का एहसास नहीं होगा |ऐसा गोविंद क्यों सोच रहा है? इसको जानते हैं अज्ञेय जी की लिखी कहानी हरसिंगार में सुमन वैद्य जी की आवाज में
पँचकौड़ी मिरदंगिया एक छोटी जात का बूढ़ा कलाकार है |जो मृदंग बजाता है |पहले तो लोग उसी कला को पसंद करते थे ,किंतु धीरे-धीरे लोग उससे अलग होते गए | पँचकौड़ी मिरदंगिया को एक 10 से 12 साल के लड़के मोहना से विशेष लगाव होता है और उसे अपने द्वारा गाए रसप्रिया सुनाना और सिखाना चाहता है |क्या है मोहना और मिरदंगिया का रिश्ता पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं फणीश्वर नाथ रेणु द्वारा लिखी गई कहानी रसप्रिया , सुमन वैद्य जी की आवाज में
नीला और मीना नाम की दो युवतियां आपस में किसी बात को लेकर जिरह कर रही है |उनके जिरह का संबंध किस बात से है? उसका क्या निष्कर्ष निकलता है ?जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी जादू सुमन वैद्य जी की आवाज में
रहमत मियां के बेटे सुक्खन जब गोश्त लेने बाजार गए तो उनकी लापरवाही से पूरे कस्बे में क्या कांड घटित हुआ ?जानने के लिए सुनते हैं सुभाष नीरव द्वारा लिखी गई कहानी एक और कस्बा, शिवानी आनंद की आवाज में
स्त्री के चरित्र को समझना एक लेखक के लिए भी मुश्किल होता है ऐसा ही कुछ कहानी की नायिका का किरदार है वास्तव में कहानी की नायिका कैसी है जानने के लिए सुनते हैं ज्योत्सना सिंह की लिखी कहानी नायिका
गंगू एक ब्राह्मण युवक है |वह अपने मालिक के यहां काम करता है |गंगू जब एक विधवा स्त्री से विवाह करने का निर्णय लेता है तो मैं अपने मालिक के यहां से काम छोड़ देता है |उसका मालिक गंगू के इस निर्णय से अप्रसन्न है |क्या वास्तव में गंगू का यह निर्णय उचित है ? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी बालक सुमन वैद्य जी की आवाज में
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pragati sharma