कहानी में दो गरैया नायक के घर में घोसला बनाने के लिए संघर्ष कर रही है | घर का मालिक उन दोनों गौरैयों को अपने घर से निकालने की कोशिश कर रहा है | क्या कहानी के अंत तक उसकी यह कोशिश सफल होती है या फिर उसका हृदय -परिवर्तन हो जाता है| जानने के लिए सुनते हैं भीष्म साहनी द्वारा लिखी गई कहानी दो गौरैया ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
स्टेशन के प्लेटफार्म में 2 औरतें जोर-जोर से लड़ रही है| उन दोनों औरतों का दावा एक छोटे दूध पीते बच्चे की मां होने का है| इस विषम परिस्थिति में जानने के लिए कि कौन उस बच्चे की वास्तविक मा है मां है? उसके पीछे क्या कहानी है? सुनते हैं भीष्म साहनी द्वारा लिखी गई कहानी माता -विमाता ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
शामनाथ जी के यहां आज उनके अंग्रेज बॉस चीफ़ की दावत की है| शामनाथ अपनी झूठी शानो शौकत को दिखाने के उद्देश्य से अपनी उस मां की उपेक्षा करते हैं जिसने शामनाथ के लिए अपना सब कुछ लुटा दिया| भावुक कर देने वाली भीष्म साहनी की द्वारा लिखी गई कहानी चीफ़ की दावत ,सुनते हैं अमित तिवारी की आवाज में
मनुष्य भौतिकवादी जब बनता चला जाता है ,तो वो रिश्तों को भूलता चला जाता है , या दूसरे शब्दों कहें तो इंसान रिश्तों को पैसे से और ताकत से तोलने लगता है |क्या यह सही होगा कि इंसान की ईमानदारी उसके अमीर या गरीब होने से आकी जाये ?
सत्य की खोज में इंसान हमेशा से रहा है और इसे खोजने के लिए कभी उसने धर्म को गहराई से समझने की कोशिश की है | आसान से शब्दों में कहा जाये तो सत्य , धर्म , राजनीति , सामाजिकता और अत्याचार इन सबसे घिरा इंसान सत्य की खोज कैसे करेगा और इन सब का उस पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
कहानी का नायक दिल्ली शहर का है | नायक मोटर गाड़ी चला रहा होता है तभी उसकी टक्कर एक साइकिल चलाने वाले व्यक्ति से हो जाती है | इस एक्सीडेंट में साइकिल चलाने वाले व्यक्ति को काफी चोट लगती है किंतु क्या नायक के मन में उस घायल व्यक्ति के लिए कोई सद्भावना आती है? क्या नायक उसकी मदद करता है ?क्या होता है उस हादसे के बाद? जानने के लिए सुनते हैं भीष्म साहनी द्वारा लिखी गई कहानी त्रास ,सुमन वैद्य जी की आवाज में …
50 की उम्र पार करने के बाद भी नेउर एक मेहनती इंसान है| गांव में वह अपनी बूढ़ी पत्नी के साथ खुशी-खुशी रहता है| एक महात्मा के चक्कर में पड़कर के नेउर अपनी पत्नी के सारे गहने और रुपए गवा देता है ||इसके बाद नेउर की जिंदगी में बहुत बड़ी तब्दीली आ जाती है |वह क्या है? जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी की रोचक कहानी नेउर सुमन वैद्य जी की आवाज में
रतनी बचपन से ही दबंग लड़की रही है |बात-बात पर गालियां देने से भी परहेज नहीं करती |अब उसकी इन आदतों की वजह से उसे कोई विवाह नहीं करना चाहता| रतनी ऐसी क्यों बन गई? क्या है रतनी से नैना जोगिन बनने तक का उसका सफर |जानने के लिए सुनते हैं फणीश्वर नाथ रेणु द्वारा लिखी गई कहानी नैना जोगिन ,सुमन वैद्य की आवाज में ..
हिंदुस्तान -पाकिस्तान में जब बंटवारा हुआ था तब कुछ ऐसे स्वार्थ परस्त लोग जो मजहब ,धर्म का नाम लेकर, उसकी आड़ लेकर सिर्फ -सिर्फ अपना फायदा करने में लगे हुए थे। उनके लिए किसी के भी जज्बात कोई मायने नहीं रखते थे। ऐसे ही एक शख्स की कहानी है।”मलबे का मालिक”
गौरा शूद्र जाति की गरीब मां की बेटी है | जिसकी शादी मंगरू नामक एक परदेसी से हो जाती है, लेकिन अचानक मंगरू गौरा को छोड़कर बिना कुछ बताए वहां से चला जाता है, कई साल बाद अचानक एक बूढ़ा व्यक्ति गौरा के पास आता है और यह कहकर कि मंगरू ने उसे बुलाया है अपने साथ कोलकाता ले जाता है किंतु बाद में जब गौरा कोलकाता पहुंचती है तो वह बहुत अचंभित हो जाती है आखिर ऐसा क्या हुआ गौरा के साथ?क्या मंगरू ने वापस गौरा को अपने पास बुलाया था ? बूढ़ा व्यक्ति कौन था ?पूरी कहानी को जाने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी शुद्र सुमन वैद्य जी की आवाज में..
नीला और मीना नाम की दो युवतियां आपस में किसी बात को लेकर जिरह कर रही है |उनके जिरह का संबंध किस बात से है? उसका क्या निष्कर्ष निकलता है ?जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी जादू सुमन वैद्य जी की आवाज में
दीपा बहुत ही कम उम्र में विधवा हो जाती है दीपा के भाई भाभी उसके विधवा होने पर उसके श्रृंगार और पहनने ओढ़ने पास तंज कसते हैं समाज में विधवा होने पर नारी के प्रति लोगों के इस दृष्टिकोण को उजागर करती हुई कहानी है अनारकली
चन्द्रदेव एक ताल्लुकेदार का युवक पुत्र था। अपने मित्र देवकुमार के साथ मसूरी के ग्रीष्म-निवास में सुख और स्वास्थ्य की खोज में आया था। इनकी मुलाकात एक श्याम वर्ण युवती नेरा से होती है जो सांप पकड़ने का काम करती है आगे कहानी में क्या होता है जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी सुनहरा सांप, शिवानी आनंद की आवाज में
निशिकांत एक मध्यमवर्गीय ,सुंदर व्यक्ति है | निशिकांत सरकारी दफ्तर में काम कर रहा है |साहित्य में निशिकांत को विशेष रूचि है | उसका सरकारी नौकरी में विशेष मन नहीं लग रहा है |उसका स्वप्न है कि वह भारत मां की सेवा करें |क्या निशिकांत का यह सपना पूरा हो पाता है ? निशिकांत के जीवन में आखिर क्या क्या चल रहा है ? और वह अपने सपने को पूरा करने के लिए क्या प्रयत्न कर रहा है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की कहानी निशिकांत का स्वप्न नयनी दीक्षित आवाज में
दंगे में सिराजुद्दीन की पत्नी मर जाती है |मरते समय वह अपनी बेटी सकीना को दंगाइयों से दूर रखने के वास्ते सिराजुद्दीन से उसे लेकर भागने के लिए कहती है| सिराजुद्दीन उसे लेकर गाड़ी में बैठता है लेकिन वहां पर वह बेहोश हो जाता है जब उसे होश आता है तो उसे सकीना नजर नहीं आती| क्या हुआ सकीना का ? क्या सिराजुद्दीन अपनी बेटी सकीना को पुनः को ढूंढ पाएगा? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो की लिखी कहानी ‘खोल दो ‘, अनुपम ध्यानी की आवाज में
अनिकेत – Malti Joshi (मालती जोशी) – Arti Srivastava
माँ की मृत्यु के बाद वीरेश और विशाखा ने जिया में ही अपनी माँ को देखा । लेकिन नई बहू उसे सास के रूप में स्वीकार नहीं कर सकी । वह जिया को साथ रखना नहीं चाहती थी । पिता की मृत्यु के बाद वीरेश को जिया की चिंता सताने लगी क्योंकि वह सच्चाई से अनभिज्ञ नहीं था । ऐसी क्या सच्चाई थी जिसकी वजह से वीरेश को जिया की इतनी चिंता थी ? वह जिया के लिए इतना बेचैन क्यों था?
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