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कहानी उस ओर संकेत करती है कि समाज में पुरुष सिर्फ अपने पुरुषत्व को दिखाने की चाहत में स्त्रियों पर अत्याचार करने में अपना गौरव महसूस करते हैं |कहानी का मुख्य पात्र कन्हैयालाल की जब नई-नई शादी होती है तो आपके दोस्तों के समझाने पर अपनी नई नवेली दुल्हन लाजो पर अत्याचार शुरू कर देता है |करवा चौथ वाले दिन भी लाजो के प्रति रूखे व्यवहार से लाजो खिन्न हो जाती हो जाती है |कहानी में आगे क्या होता है? क्या लाजो कन्हैयालाल को छोड़ देती है? कन्हैयालाल को अपनी भूल का अहसास होता है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं यशपाल के द्वारा लिखी गई कहानी करवा का व्रत, नयनी दीक्षित की आवाज में…
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जयराज एक चित्रकार है और रानीखेत की सुंदर वादियों में प्रकृति के सुंदर चित्र बनाता है किंतु इन चित्रों में मनुष्य की अनुपस्थिति उसे अपने चित्र में अधूरे पन का एहसास दिलाती है इसी बीच उसके एक मित्र का पत्र आता है कि वह अपने पत्नी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए उसे रानीखेत भेज रहा है जयराज का चित्रकार मन नारी के सौंदर्य को चित्रित करने की कल्पना की उड़ान लेने लगता है क्या होता है जब उसकी मुलाकात नीता से होती है क्या वास्तव में उसकी कल्पना यथार्थ हो पाती है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं यशपाल जी के द्वारा लिखी गई कहानी चित्र का शीर्षक सुमन वैद्य जी की आवाज में
जयराज एक चित्रकार है और रानीखेत की सुंदर वादियों में प्रकृति के सुंदर चित्र बनाता है किंतु इन चित्रों में मनुष्य की अनुपस्थिति उसे अपने चित्र में अधूरे पन का एहसास दिलाती है इसी बीच उसके एक मित्र का पत्र आता है कि वह अपने पत्नी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए उसे रानीखेत भेज रहा है जयराज का चित्रकार मन नारी के सौंदर्य को चित्रित करने की कल्पना की उड़ान लेने लगता है क्या होता है जब उसकी मुलाकात नीता से होती है क्या वास्तव में उसकी कल्पना यथार्थ हो पाती है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं यशपाल जी के द्वारा लिखी गई कहानी चित्र का शीर्षक सुमन वैद्य जी की आवाज में
पर्दा किस भावना का अविलंब हो सकता है इस मार्मिक कहानी के माध्यम से महसूस किया जा सकता है। कहानी चौधरी पीर ब़ख्श की की है जो अपनी कम आमदनी में अपने बड़े परिवार का भरण -पोषण कर रहा है ।चौधरी पीर ब़ख्श कर्ज़ में डूबा हुआ है। अपनी इज्जत को किसी तरह पर्दे की आड़ में छुपायें हुए हैं। सुनते हैं क्या होता है जब उसके घर का पर्दा हट जाता है ।ऐसे में चौधरी पीर ब़ख्श की क्या मनोस्थिति होगी ? इसे जानने के लिए सुनते हैं यशपाल के द्वारा लिखी गई कहानी पर्दा, जिसे आवाज़ दी है नयनी दीक्षित ने..
मोहाना रियासत के महाराज की बीमारी भी उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रसिद्ध हो गई थी | देश -विदेश के ना जाने कितने प्रतिष्ठित डॉक्टरों ने महाराज के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन बीमारी ऐसी, जिसका उपचार करने में सभी असफल हुए | अब ऐसे में मुंबई मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर संघटिया ने ऐसा क्या कर दिया कि महाराज स्वस्थ हो गए ?व्यंग से भरपूर रोचक यशपाल के द्वारा लिखी गई रोचक कहानी महाराजा का बीमारी, सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में….
हजूर नौकरी करता हूं, जान दे कर सरकार का नमक हलाल कर सकता हूँ पर ईमान नहीं बेच सकता,सरकार मालिक है। मैंने गद्दारी नहीं की, है………. नहीं की, लेकिन खुदा के रूबरू दरोगहलफी करके आकबत नहीं बिगाड़ सकता। यहाँ आप मालिक है, वहाँ वो मालिक है…। ऐसा कुछ कहानी का नायक उबेद कह रहा है | जो बचपन से बस यही सोचता था की मेहनत और सब्र का फल एक दिन मिलेगा ,खुदा सब कुछ देखता है किंतु क्या वाकई उसकी यह सोच सही साबित हुई? क्या वह अपने जीवन की कशमकश में कभी ऐसे मुकाम पर पहुंचा ,जहां उसे वाकई खुदा की मदद मिली हो| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं यशपाल जी के द्वारा लिखी गई कहानी खुदा की मदद, नयनी दीक्षित की आवाज में…
कहानी बेहद भावपूर्ण है एक लेखक निशिकांत अपने दोस्त रमेश के पास जाता है जो एक अनाथालय चला रहा है | बंगाल से आई एक प्यारी सी मासूम अनाथ लड़की मीनू से उसकी मुलाकात होती है |निशिकांत के जीवन में मीनू की क्या भूमिका रहती है और क्या है मीनू का अतीत? विष्णु प्रभाकर की कहानी मुक्ति में जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में…
शोलागढ़@34km – Kumar Rehman (कुमार रहमान) – Nayani Dixit
सार्जेंट सलीम और कैप्टन सोहराब ,शेयाली की मौत का रहस्य जानने के लिए सलीम शेयाली की असिस्टेंट श्रेया से मुलाकात करता है श्रेया शेयाली की खुदकुशी की वज़ह विक्रम को बताती है और इसका दावा भी करती है। लेकिन इसी बीच सलीम के साथ एक हादसा हो जाता है और वह बेहोश हो जाता है इधर कैप्टन सोहराब का पीछा एक लड़की करती है वह सोहराब को एक न्यूड पेंटिंग के बारे में कुछ बताती है ।सलीम के साथ आखिर क्या हुआ? क्या श्रेया की कोई साजिश थी ?कौन है वह लड़की जो सोहराब का पीछा कर रही थी ?बिल्ली का कातिल कौन है ?और उसे मारने की क्या वजह रही? न्यूड पेंटिंग का क्या. रहस्य है? इन रोचक और सस्पेंस से भरे सवालों के बारे में जानने के लिए सुनते हैं का यह भाग नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
तृतीय सर्ग – कृष्ण संदेश
रश्मिरथी के सभी सर्गो में यह सर्ग सर्वाधिक लोकप्रिय सर्ग है। संभावित युद्धजनित महाविनाश को टालने के लिए स्वयं योगिराज कृष्ण कौरवों के दरबार पहुंचते हैं और पांडव पक्ष की ओर से निवेदन करते हैं
दे दो केवल पाँच ग्राम,
रक्खो अपनी धरती तमाम।
हम वहीं खुशी से खाएंगे,
परिजन पर असि न उठाएंगे।
परंतु हठी दुर्योधन को यह भी स्वीकार नहीं होता। वह तो केवल एक ही हठ पर अडिग था कि “सूच्याग्रं नैव दास्यामि बिना युद्धेन केशव।” और अभिमान वश वह श्रीकृष्ण को बंधक बनाने का असफल प्रयास भी करता है। अंत में श्रीकृष्ण यह भी प्रयास करते हैं कि कर्ण पाण्डव पक्ष में सम्मिलित हो जाये क्योंकि वह पांडवों का बड़ा भाई है, परंतु इस प्रयास में भी असफल हो उन्हें रिक्त – कर वापस आना पड़ता है।
नारी का अस्तित्व उसके नारीत्व से है ना कि उनकी शारीरिक सुंदरता से | कहानी का मुख्य पात्र निशिकांत सहस्त्रधारा घूमने गया हुआ है| वहां पर निशिकांत की मुलाकात बेहद गुणवान युवती चंद्रा से होती है जो अभी तक अविवाहित है एक युवती चंद्रा से होती है उसका विवाह ना हो पाने का कारण सिर्फ उसकी कुरूपता निशिकांत चंद्रा के बारे में क्या अपनी अंतर्वेदना रखता है इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की लिखी कहानी अंतर्वेदना नए नयनी दीक्षित की आवाज में
सिल्वर ब्लेज शेरलॉक होम्स की जो कहानी है वह इस चीज पर है कि सिल्वर ब्लेज नाम का एक घोड़ा है जो की रेस में हमेशा अव्वल आता है |हमेशा उसके ऊपर बहुत बाजी लगाई जाती है और अचानक एक रात गायब हो जाता है| साथ ही उसको ट्रेन करने वाला ट्रेनर भी गायब हो जाता है |क्यों उसे गायब किया गया? उसके साथ क्या हुआ ?शेरलॉक होम्स ने इसकी गुत्थी को कैसे सुलझाया? क्योंकि यह बहुत डिफिकल्ट गुत्थी थी और सिल्वर ब्लेज दोबारा से वापस कैसे आया ?
हेमंत और सुधा 3 वर्ष के वैवाहिक जिंदगी के बाद एक दूसरे से अलग होने का निर्णय ले रहे हैं| उनकी वैवाहिक जिंदगी में तलाक लेने की नौबत क्यों आ रही है ?यह निर्णय उनकी जिंदगी में क्या प्रभाव डालता है ? उनकी जिंदगी को समझने के लिए सुनते हैं अज्ञेय जी के द्वारा लिखी गई कहानी वे दूसरे ‘सुमन वैद्य जी की आवाज में…
मिश्राजी यूं तो बिजली का बिल कम आए इसके लिए मीटर रीडिंग लेने आने वाले अली भाई से पैसे देकर सेटिंग जमाए हुए हैं लेकिन अंत में पाते हैं की उनकी सेटिंग की अपेक्षा उनके घर काम करने वाली बाई की सेटिंग ज्यादा कारगर है।
द्रौपदी जब अपना शील खो रही थी , तब आप कहां थे कृष्ण ??? कृष्ण और उद्धव जी के बीच में चल रहे संवाद को उस संदर्भ मे उस प्रसंग को प्रेषित करता है जब धर्मराज युधिष्ठिर, दुर्योधन से द्युत क्रीडा में पराजित हो गए थे | भगवान श्री कृष्ण उसी संदर्भ में उद्धव को स्पष्टीकरण देते हैं | सुनते हैं इस संवाद को अमित तिवारी जी की आवाज में……
क्यों सरकारी ऑफिस में अपना ही हक पाना मुश्किल होता है जानते हैं ज्योत्सना सिंह के द्वारा लिखी गई कहानी मैं जिंदा हूं
हमदर्दी – Alka saini (अल्का सैनी ) – Shivani Anand
एक अमीर आदमी बिना ज़रूरत के भी अपने ऊपर हजारों- लाखों रुपयों को बेमतलब में ख़र्च कर देता है किंतु किसी गरीब की एक छोटी सी मदद करने के लिए क्यों उसके हाथ सिकुड़ जाते हैं? अमीरी -गरीबी के रिश्तो को समझाती हुई अलका सैनी की एक कहानी हमदर्दी सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज़ में…
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