कहानी में बड़ी सहजता के साथ ही समझा जा सकता है कि आखिर सत्य क्या है ?खाना, कपड़ा और मकान जिंदगी का सबसे बड़ा सत्य है| इसी बीच मनुष्य की धूर्तता उतना ही बड़ा सच है ,किस तरह मनुष्य अपने जोड़-तोड़ से इस संसार को चला रहा है और यही जोड़-तोड़ से युगों -युगों तक संसार में चलता रहेगा लेकिन रोटी, कपड़ा और मकान का सत्य कभी नहीं बदलेगा कैसे ? सुनते हैं हैं रांगेय राघव के द्वारा लिखी गई कहानी ‘बिल और दाना ‘,नयनी दीक्षित की खूबसूरत आवाज में …
कहानी “जो है उस धूसर सन्नाटे में “,धीरेंद्र अस्थाना जी ने बहुत ही सजीव ढंग से प्रस्तुत किया है कि आज की दुनिया में किसी भी तरह की संवेदना लोगों में नहीं बची है| खासतौर पर मीडिया, अखबार और किसी भी तरह के सोशल अकाउंट पर| आज की तारीख में किसी का जीना- मरना इस बात का मायने नहीं रखता कि वह इंसान इंपॉर्टेंट था या नहीं |लोग मरते हैं ,मर जाते हैं इस तरह की स्टेटमेंट हमें अक्सर सुनने को मिल जाते हैं |आज का समय जिसमें हम लोग जी रहे हैं, बहुत ही असंवेदनशील है | इस पूरे समाज में जो असंवेदनशील है ,उसमें एक ऐसा इंसान जो किसी एक की मृत्यु होने पर अपना खुद का व्यक्तित्व ही भूल जाता है इस बात पर आधारित है यह कहानी…
पिछले भाग में बाबू बटुकनाथ ₹100000 से भी हाथ धो बैठते हैं और उनका बेटा भी उन्हें नहीं मिलता दूसरी तरफ और दूसरी तरफ नकुल चंद्र ने राय साहब बनने पर एक बहुत बड़ा जलसा आयोजित किया है क्या इस जश्न का फायदा उठाकर रक्त मंडल के लोग यहां पर धावा बोलेंगे क्या यहां भी वही कांड होगा जो इससे पहले बाबू बटुकनाथ के साथ हुआ था आगे क्या हुआ इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी रक्त मंडल का अगला भाग नयनी दीक्षित की आवाज में
कहानी अंतिम प्रश्न ऐसी कहानी है जब शेरलॉक होम्स को एक बड़े गिरोह के एक डॉन ने मार दिया है| तो अंतिम प्रश्न यह है कि शेरलॉक होम्स के मारे जाने के बाद उस ग्रुप के आदमी को पकड़ा जा सकेगा ?ऐसी कौन-कौन सी चीजें कर रहा था |शेरलॉक होम्स उस आदमी के पीछे क्यों था और उसकी मौत हो गई है या शेरलॉक होम्स अभी भी जिंदा है ? क्या होगा उस गिरोह के माफिया का अंजाम क्योंकि इतने सालों में शेरलॉक होम्स उसे क्यों पकड़ नहीं पाए
किसी भी इंसान की वाह्य और आंतरिक रुप में बहुत अंतर होता है ऐसा ही कुछ निशिकांत के साथ है निशिकांत की का विवाह रजनी नाम की साधारण रंग रूप की युवती से हुआ है| यूं तो निशिकांत के सामने प्रेम पूर्वक व्यवहार करता है किंतु कहीं ना कहीं उसके मन में सुंदर युवती से विवाह करने की इच्छा रही है तो क्या ऐसे में वह रजनी के साथ सच्चा प्रेम कर पाएगा? क्या होता है आगे रजनी के साथ क्या होता है इसको जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर के द्वारा लिखी गई कहानी छाती के भीतर नयनी दीक्षित की आवाज में
दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
गाय के नेत्रों में हिरन के नेत्रों-जैसा विस्मय न होकर आत्मीय विश्वास रहता है। उस पशु को मनुष्य से यातना ही नहीं, निर्मम मृत्यु तक प्राप्त होती है, परंतु उसकी आंखों के विश्वास का स्थान न विस्मय ले पाता है, न आतंक। महादेवी वर्मा जी के द्वारा लिखित प्रसिद्ध कहानियों में से है कहानी गौरा गाय |महादेवी जी के स्नेह पाकर गौरा गाय हष्ट-पुष्ट हो गई थी, किंतु एक समय ऐसा भी आया गौरा अपने बछड़े को छोड़कर सदा के लिए चल बसी |आखिर क्या हुआ था गौरा के साथ ?जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में कहानी गौरा गाय….
दिल्ली शहर में रहने वाली एक युवती है मीनू | मीनू को अक्सर एक अनजान युवती बार बार मिलती है और किसी ना किसी बहाने उसकी मदद भी करती है |अचानक एक दूसरे शहर आगरा में मीनू की मुलाकात नमिता से होती है जो हूबहू वही अनजान युवती है ,किंतु नमिता इस बात से इंकार करती है कि मीनू और उसकी मुलाकात पहले कभी हुई है | क्या यह मीनू का भ्रम है या फिर इसके पीछे कोई कहानी |जानने के लिए सुनते हैं कहानी वह कौन थी
कहानी में लेखक कार्निवल गया है वही उसे तेरह-चौदह वर्ष का एक लड़का दिखाई देता है उसके गले में फटे कुरते के ऊपर से एक मोटी-सी सूत की रस्सी पड़ी है और जेब में कुछ ताश के पत्ते है । उसके मुँह पर गम्भीर विषाद के साथ धैर्य की रेखा है लेखक न जाने क्यों उसकी ओर आकर्षित होता है |लेखक उस लड़के के साथ कुछ समय बिताता है| छोटा जादूगर से जानने वाले उस लड़के के जीवन में क्या- क्या घटित हो रहा है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी छोटा जादूगर ,निधि मिश्रा की आवाज में
एक साधारण-सी बस यात्रा में
युवा संदीप और प्रतीक्षा की अनायास मुलाकात होती है।
संदीप रोज़ की तरह ऑफिस जा रहा है,
और प्रतीक्षा भी अपने काम के सिलसिले में
उसी ऑफिस की ओर निकली है।
बस की भीड़, रास्ते की हलचल और
कुछ अनकहे क्षणों के बीच
जब दोनों के बीच बातचीत शुरू होती है, तो यह मुलाकात केवल संयोग नहीं रह जाती।
बातों-बातों में दोनों को यह एहसास होने लगता है कि उनके जीवन की राहें, संघर्ष, ख़ामोशियाँ और सपने कहीं न कहीं एक-दूसरे से मिलते हैं। क्या है संदीप और प्रतीक्षा के जीवन की वह समानता जो दो अजनबियों को एक पल में अपना-सा बना देती है? क्या यह सिर्फ़ इत्तेफ़ाक़ है या जीवन का कोई गहरा संकेत?
इन्हीं सवालों, भावनाओं और मानवीय संवेदनाओं से बुनी संजय विद्रोही की भाव-विभोर कर देने वाली कहानी “हम एक से”
सुनिए पूजा श्रीवास्तव की आत्मीय आवाज़ में—
केवल Gaatha पर।
एक युवक अविनाश अवस्थी जो कि पुलिस में अधिकारी है, 8 वर्ष की आयु से अपनी विधवा मां पर किए गए समाज द्वारा शोषण को देखकर उसकी मानसिक स्थिति एक आक्रोश में तब्दील हो जाती है |वह किस प्रकार उस समाज से इस बात का बदला लेता है |इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी “मां “…..
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