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Mazhab (मज़हब)
Mazhab (मज़हब)
Maa ki Shrishti Pooja (माँ की सृष्टि पूजा)
Maa ki Shrishti Pooja (माँ की सृष्टि पूजा)
Maa ki Shrishti Pooja (माँ की सृष्टि पूजा)
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Akele nahi ho tum (अकेले नही हो तुम)
Akele nahi ho tum (अकेले नही हो तुम)
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Akele nahi ho tum (अकेले नही हो तुम)
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हमारे जांबाज सैनिक सीमा पर डट कर ,दिन -रात मेहनत कर दुश्मनों से हमारी रक्षा करते हैं ,|उन्हीं के लिए कमल मुसद्दी की रचना तुम अकेले नहीं हो”, जिसमें उन्हें आश्वासन दिया गया है कि आप हमें हमारे साथ हैं, तो हर हालात में हम भी आपके साथ हैं|सुनते हैं इस खूबसूरत रचना को कमल मुसद्दी की आवाज में..
Jaadu (जादू)
Jaadu (जादू)
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Jaadu (जादू)
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नीला और मीना नाम की दो युवतियां आपस में किसी बात को लेकर जिरह कर रही है |उनके जिरह का संबंध किस बात से है? उसका क्या निष्कर्ष निकलता है ?जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी जादू सुमन वैद्य जी की आवाज में
Usar me beej (ऊसर में बीज)
Usar me beej (ऊसर में बीज)
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Chandrahar (चंद्रहार)
Chandrahar (चंद्रहार)
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Chandrahar (चंद्रहार)
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जेवर और पीहर बुढ़ापे तक इन दो चीजों का मुंह नहीं टूटता |पीहर के प्रति लगाव इतना जबरदस्त होता है कि उसे बरकरार रखने के लिए कई बार बेटियां अपना जायज हक तक छोड़ देती है| चंद्रहार कहानी में भावनाओं का ताना-बाना इसी बात को लेकर बुना गया है| कहानी ने मीनू 3 साल के बाद अपनी मां से मिलने भारत आती है | मां उसको उसकी पसंद का चंद्रहार देना चाहती है किंतु मीनू उसे लेने से इनकार कर देती है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मालती जोशी जी की आवाज में कहानी चंद्रहार
Ramante Tatra Devta (रमन्ते तत्र देवता)
Ramante Tatra Devta (रमन्ते तत्र देवता)
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Ramante Tatra Devta (रमन्ते तत्र देवता)
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सन 1946 में हुए हिंदू-मुस्लिम दंगों पर आधारित यह कहानी कोलकाता शहर की है। स्त्रियों के साथ किए गए दुर्व्यवहार और भेदभाव से संतृप्त हैं उनका तिरस्कार और निरादर होता है। समाज में फैली इस विकृति को देखकर -सुनकर मन व्यथित हो जाता है
Chuha Aur Mai (चूहा और मैं)
Chuha Aur Mai (चूहा और मैं)
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Chuha Aur Mai (चूहा और मैं)
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मगर मैं सोचता हूँ – आदमी क्यार चूहे से भी बद्तर हो गया है? चूहा तो अपनी रोटी के हक के लिए मेरे सिर पर चढ़ जाता है, मेरी नींद हराम कर देता है। इस देश का आदमी कब चूहे की तरह आचरण करेगा? लेखक ऐसा क्यों सोच रहा है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं हरिशंकर परसाई के द्वारा लिखी गई कहानी चूहा और मैं ,निधि मिश्रा की आवाज में
Bhediya (भेड़िया)
Bhediya (भेड़िया)
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Bhediya (भेड़िया)
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जो झूठ बोलने का आदी है, उसके सच बालने पर भी लोग कभी विश्वास नहीं करते।पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी भेड़िया, भेड़िया’ , निधि मिश्रा की आवाज में
Yashoda (यशोदा)
Yashoda (यशोदा)
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Yashoda (यशोदा)
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Ek pyali chai (एक प्याली चाय)
Ek pyali chai (एक प्याली चाय)
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Ek pyali chai (एक प्याली चाय)
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चाय की प्याली तो एक माध्यम है उसके बहाने दो पीढ़ियों का अंतर स्पस्ट किया गया है, किसी पर आरोप नहीं लगाया , बस अपनी बात कही गयी है ।
Calculation (कैल्क्युलेशन)
Calculation (कैल्क्युलेशन)
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Calculation (कैल्क्युलेशन)
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भौतिकवादी युग में प्यार भी हिसाब किताब से नापतोल कर किया जाता है भावुकता और संवेदनशीलता जैसी चीजें आउटडेटेड होती जा रही है कहानी में पिंकी और उसका मित्र कार्तिक इसी भावना के साथ जीवन में किसी के साथ संबंध जोड़ना चाहते हैं| कहानी के अंत में कहा गया है टूटकर प्रेम करने वाले लोग अब कहां रहे वह पीढ़ी वक्त कब से इतिहास बन गई है सुनते हैं कहानी कैलकुलेशन
Demand draft (डिमान्ड ड्राफ्ट)
Demand draft (डिमान्ड ड्राफ्ट)
Million Doller Note (मिलियन डॉलर नोट )
Million Doller Note (मिलियन डॉलर नोट )
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Deep mere jal akampit (दीप मेरे जल अकम्पित)
Deep mere jal akampit (दीप मेरे जल अकम्पित)
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Deep mere jal akampit (दीप मेरे जल अकम्पित)
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“दीपशिखा”,महादेवी वर्मा का पाँचवाँ कविता-संग्रह है। इस संग्रह के गीतों का मुख्य प्रतिपाद्य स्वयं मिटकर दूसरे को सुखी बनाना है। दीपशिखा के संग्रह से लिया गया गीत “दीप मेरे जल अकम्पित” सीमा अग्रवाल की आवाज में
Kahta jag dukh ko pyar na kr (कहता जग दुख को प्यार न कर)
Kahta jag dukh ko pyar na kr (कहता जग दुख को प्यार न कर)
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Kahta jag dukh ko pyar na kr (कहता जग दुख को प्यार न कर)
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Panth hone do aprichit pran hone do akela (पंथ होने दो अपरिचित प्राण रहने दो अकेला)
Panth hone do aprichit pran hone do akela (पंथ होने दो अपरिचित प्राण रहने दो अकेला)


