वजूद कहानी उन सभी महिलाओं को समर्पित कहानी है,जो अपनी पूरी जिंदगी सिर्फ अपने परिवार के प्रति अपने कर्तव्य और समर्पण करने के बावजूद हमेशा उपेक्षित रहती हैं।उन्हें अपने प्रति भी उतना ही ध्यान रखना होगा। अपना एक वजूद बनाना ही होगा…….. इस ओर ध्यान केंद्रित करती हुई है कहानी “वजूद”…
आज इस वैश्विक महामारी में चिकित्सा जगत से जुड़े सभी लोगों की जो भूमिका रही है उसके लिए गाथा उन सभी का हार्दिक अभिनंदन करता है ।धर्म, जाति और अपना निजी स्वार्थ को त्याग कर मानवता की सेवा करना ही जिनका एक मात्र उद्देश्य है।कमल मुस्सद्दी की यह कविता उन सभी को समर्पित है ।
हमारे जांबाज सैनिक सीमा पर डट कर ,दिन -रात मेहनत कर दुश्मनों से हमारी रक्षा करते हैं ,|उन्हीं के लिए कमल मुसद्दी की रचना तुम अकेले नहीं हो”, जिसमें उन्हें आश्वासन दिया गया है कि आप हमें हमारे साथ हैं, तो हर हालात में हम भी आपके साथ हैं|सुनते हैं इस खूबसूरत रचना को कमल मुसद्दी की आवाज में..
आज इस वैश्विक महामारी में चिकित्सा जगत से जुड़े सभी लोगों की जो भूमिका रही है उसके लिए गाथा उन सभी का हार्दिक अभिनंदन करता है ।धर्म, जाति और अपना निजी स्वार्थ को त्याग कर मानवता की सेवा करना ही जिनका एक मात्र उद्देश्य है।कमल मुस्सद्दी की यह कविता उन सभी को समर्पित है ।
वजूद कहानी उन सभी महिलाओं को समर्पित कहानी है,जो अपनी पूरी जिंदगी सिर्फ अपने परिवार के प्रति अपने कर्तव्य और समर्पण करने के बावजूद हमेशा उपेक्षित रहती हैं।उन्हें अपने प्रति भी उतना ही ध्यान रखना होगा। अपना एक वजूद बनाना ही होगा…….. इस ओर ध्यान केंद्रित करती हुई है कहानी “वजूद”…
30 seconds of positive energy, positive poetry.
ठंडी वायु के चलने से प्रकृति और समस्त जीव धारियों में उसका कैसा प्रभाव पड़ रहा है इस बात को दर्शाती यह कविता
30 seconds of positive energy, positive poetry.
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sarita
kmusaddi@yahoo.in
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