27 सितंबर 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन (UNWTO) ने विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत विश्व समुदाय को संस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से की।
स्वेज नहर मिस्र में भूमध्य सागर पर बन्दरगाह सईद से दक्षिण की ओर स्वेज शहर (स्वेज की खाड़ी के उत्तरी किनारे पर स्थित) तक 120 मील तक फैली हुई है। नहर मिस्र के बड़े हिस्से को सिनाई प्रायद्वीप से अलग करती है। इसे बनने में 10 साल लगे और इसे आधिकारिक तौर पर 17 नवंबर, 1869 को खोला गया।
चंद्रयान-1, चंद्रमा के लिए भारत का पहला मिशन, 22 अक्टूबर, 2008 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार, श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रमोचित किया गया था। अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा की सतह से 100 किमी की ऊंचाई पर चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा की और चंद्रमा के रासायनिक, खनिज और फोटो-भौगोलिक मानचित्रण प्रदान किए।
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में महज़ 21 वर्ष की आयु में वीर योद्धा सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल नेअपनी मातृभूमि के लिए शहीद हो गए ।दुश्मन के 10 टैंक्स में 5 टैंक्स अकेले उन्होंने नष्ट किया ।उन्हें ‘बसंतर के युद्ध’ का युद्धा के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार ने सर्वोच्च सैन्य अलंकरण परमवीर चक्र से सम्मानित किया।
अर्थराइटिस एंड रूमेटिज़्म इंटरनेशनल (ARI )ने ‘विश्व गठिया दिवस’ की पहल की। जिसका उद्देश्य गठिया रोग के बारे में लोगों को जागरूकता पैदा करना है। गठिया किसी भी आयु वर्ग के लोग को प्रभावित कर सकता है। गठिया के मुख्य लक्षण जोड़ों के आसपास लालिमा ,दर्द और सूजन है।
पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने उरी हेड क्वार्टर पर हमला किया जिससे भारत के 19 जवान शहीद हो गए। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए पाक सीमा में जाकर भारतीय जवानों ने आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों के साथ उनकी 6 घंटे तक मुठभेड चली ।भारतीय जवानों ने चारों आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया।
स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र गढ़वाली अपने सांप्रदायिक सौहार्द के लिए मशहूर रहे। जब अंग्रेजों ने निहत्ते पठानों पर गोली चलाने का आदेश दिया तो वीर चंद्र गढ़वाली ने गोली चलाने से मना किया तो इन्हें फांसी की सज़ा ब्रिटिश हुकूमत ने सुना दी। ‘पेशावर कांड के नायक’ के रूप में प्रसिद्ध वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की स्मृति में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना की शुरुआत की गई।
शून्य से शिखर तक का सफ़र एक आम आदमी को खास बना देता है । निखिल कामत उन खास आदमियों में से एक है। एक समय ऐसा भी था जब निखिल कामत स्कूल ड्रॉपआउट थे किंतु किस प्रकार अपनी ज़िन्दगी को एक नया मोड़ देते हुए आज निखिल भारत के युवा अरबपतियों में गिने जाते हैं? वह एक मशहूर stock broker entrepreneur हैं और जिनके आर्टिकल्स द फाइनेंस टाइम में छपते हैं जिन्हें हज़ारों लाखों- लाखों लोग पढ़ते हैं। जानिए उनके कामयाब सफ़र के बारे में, अमित तिवारी के द्वारा..
धीरेंद्र अस्थाना की कहानी चीख में, एक अबोध बालक के मन पर मारपीट का प्रभाव उसके जीवन को कहां तक उधर- पुथल के रास्ते पर ले जा सकता है ? इन बातों का प्रभाव एक छोटे से बच्चे के मन पर पड़ता है जो युवा होने के बाद भी उसका पीछा नहीं छोड़ता और किस तरफ अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है | यह कहानी समाज के सामने एक प्रश्न रखती है कि क्या इस तरह की चीजों से निपटना सामाजिक दायित्व नहीं है?
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