27 सितंबर 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन (UNWTO) ने विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत विश्व समुदाय को संस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से की।
चंद्रयान-1, चंद्रमा के लिए भारत का पहला मिशन, 22 अक्टूबर, 2008 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार, श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रमोचित किया गया था। अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा की सतह से 100 किमी की ऊंचाई पर चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा की और चंद्रमा के रासायनिक, खनिज और फोटो-भौगोलिक मानचित्रण प्रदान किए।
8 अगस्त 2000 को, और फिर यह 9 नवंबर 2000 को अधिनियम में बदल गया, नया राज्य उत्तरांचल भारत के 27वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। जनवरी 2007 में नए राज्य ने अपना नाम बदलकर उत्तराखंड कर लिया, जिसका अर्थ है “उत्तरी क्षेत्र” जो इस क्षेत्र का पारंपरिक नाम था।
10 नवंबर 1920 को महाराष्ट्र के वर्धा जिले के अरवी में जन्मे दत्तोपंत ठेंगड़ी ने श्रमिक आंदोलनों को एक नयी दृष्टि और चेतना दी। राष्ट्र के औद्योगीकरण के साथ श्रम के राष्ट्रीयकरण के पक्षधर दत्तोपंत ठेंगड़ी ने भारतीयता के दर्शन को अपने जीवन में उतार कर उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने वैश्वीकरण को आर्थिक पक्ष तक सीमित न रह कर मानवतावादी सोच का आह्वान किया
स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र गढ़वाली अपने सांप्रदायिक सौहार्द के लिए मशहूर रहे। जब अंग्रेजों ने निहत्ते पठानों पर गोली चलाने का आदेश दिया तो वीर चंद्र गढ़वाली ने गोली चलाने से मना किया तो इन्हें फांसी की सज़ा ब्रिटिश हुकूमत ने सुना दी। ‘पेशावर कांड के नायक’ के रूप में प्रसिद्ध वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की स्मृति में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना की शुरुआत की गई।
27 नवंबर 1895 को अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी आखिरी वसीयत लिखी थी। इसी वसीयत के आधार पर नोबेल पुरस्कारों की स्थापना हुई। 1901 में पहली बार नोबेल पुरस्कार दिए गए। अब तक 975 शख्सियत और संस्थानों को 609 नोबेल पुरस्कार मिल चुके हैं।
झलकारी बाई (22 नवंबर 1830 – 4 अप्रैल 1857) झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की नियमित सेना में, महिला शाखा दुर्गा दल की सेनापति थीं। वे लक्ष्मीबाई की हमशक्ल भी थीं इस कारण शत्रु को गुमराह करने के लिए वे रानी के वेश में भी युद्ध करती थीं। अपने अंतिम समय में भी वे रानी के वेश में युद्ध करते हुए वे अंग्रेज़ों के हाथों पकड़ी गयीं और रानी को किले से भाग निकलने का अवसर मिल गया।
मात्र 19 वर्ष की आयु में इंग्लिश चैनल पार करने वाली हिंदुस्तान की जलपरी के नाम से मशहूर आरती साहा ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया ।इस कीर्तिमान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया।
चंडिका दास अमृत राव देशमुख’ एक प्रसिद्ध समाजसेवी थे। लेकिन जन- समाज में वह ‘नानाजी देशमुख’ के नाम से काफ़ी लोकप्रिय रहे। 1999 में उनको ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया ।2019 में मरणोपरांत ‘भारत रत्न ‘से भी वह नवाज़ा गया।
धीरेंद्र अस्थाना के द्वारा लिखी गई एक कहानी जिसमें एक इंसान से जाने- अनजाने एक गलती हुई है जिसका उसे पश्चाताप भी है | उस गलती के कारण वह अपनों से नजर भी नहीं मिला पा रहा और आज उसकी उस गलती के कारण वह एक बड़ी बीमारी से ग्रसित हो चुका है |जिसे वह किसी को बता भी नहीं पा रहा है | ऐसे में वह इंसान क्या करें ?क्या वह इंसान घुट घुट कर यूं ही जीता रहे या फिर उसे फिर एक मौका मिलना चाहिए ?ऐसे ही प्रश्नों को लेकर कहानी का ताना-बाना बुना गया है सुनते हैं कहानी Meri Fernadis क्या तुम तक मेरी आवाज पहुंचती है? नयनी दीक्षित की आवाज में
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