1874 में गठित हुई ‘यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन’ की याद में जापान के टोक्यो में 09 अक्टूबर 1969 को आयोजित विश्व डाक संघ के सम्मेलन में इसी दिन ‘विश्व डाक दिवस’ मनाए जाने की घोषणा की गई और तभी से प्रतिवर्ष 09 अक्टूबर को ही अंतरराष्ट्रीय डाक सेवा दिवस मनाया जा रहा है।
भारतीय नृत्य सम्राट शंभू महाराज का वास्तविक नाम ‘शंभूनाथ मिश्रा’ था। नृत्य के संग ठुमरी गाकर उसके भावों को विभिन्न प्रकार से इस अदा से शंभू महाराज प्रदर्शित करते थे कि दर्शक मुग्ध हुए बिना नहीं रह सकते थे ।शंभू महाराज को 1967 में ‘संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप’ से तथा 1956 में ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया था।
1904 में आज ही के दिन अमेरिका के सेंट लुईस में तीसरे ओलंपिक खेलों का समापन हो गया था
पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने उरी हेड क्वार्टर पर हमला किया जिससे भारत के 19 जवान शहीद हो गए। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए पाक सीमा में जाकर भारतीय जवानों ने आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों के साथ उनकी 6 घंटे तक मुठभेड चली ।भारतीय जवानों ने चारों आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया।
हिमालय पर्वतारोहण संस्थान की स्थापना 4 नवंबर, 1954 में भारत में पर्वतारोहण को क्रीड़ा के रूप में बढ़ावा देने हेतु की गई थी|1953 में तेंज़िंग नाॅरगे और एडमंड हिलेरी द्वारा एवरेस्ट की चोटी पर पहला मानव कदम रखा गया|
मीरा बेन का जन्म इंग्लैंड में साल 1892 को 22 नवंबर के दिन हुआ था। उनका असली नाम मेडेलीन स्लेड था। मेडेलीन मुंबई के नौसेना के ईस्ट इंडीज स्क्वाड्रन में कमांडर इन चीफ के पद पर तैनात सर एडमंड स्लेड की बेटी थीं। गाँधीजी के व्यक्तित्व के जादू में बँधी सात समंदर पार देश हिंदुस्तान चली आई और फिर यहीं की होकर रह गईं। गाँधी ने उन्हें नाम दिया था – ‘मीरा बेन’।
दुःशासन शस्त्र-बल को सब कुछ समझता है। उसे धर्म-शास्त्र और धर्मज्ञों में कोई विश्वास नहीं है। इन्हें तो वह शस्त्र के आगे हारने वाले मानता है
ब्रह्म समाज की स्थापना और सती प्रथा जैसी प्रथा के अलावा भारतीय समाज में व्याप्त ज्वलंत मुद्दों पर जन-जन तक एक नवीन चेतना को जागृत करने में अहम भूमिका निभाने वाले राजा राममोहन राय का निधन 27 सितंबर 1833 को हो गया
अकबर के सवालों के सटीक जवाब बीरबल के पास होते थे। आईये जानते हैं इन दोनों का ऐसा ही एक रोचक किस्सा, जिसमें अकबर ने बीरबल से ईश्वर से जुड़े तीन प्रश्न पूछे थे। मोनीषा मुकुंदन की अकबर बीरबल की कहानियां,अंजू जेटली की आवाज में
भीष्म पितामह द्रौपदी द्वारा उठाए गए प्रश्नों को सर्वथा उचित मानते हैं किंतु साथ में यह कहते हैं कि धर्मराज युधिष्ठिर धर्म से बंधे हुए हैं अतः इस कारण उन्हें अपनी हार स्वीकार करनी होगी |पत्नी ,पति की अर्धांगिनी होती है इस नाते उनका तुम्हारे ऊपर अधिकार बनता है|
Reviews for: Universal Postal Union Congress – 9 Oct