पद्मश्री उड़न सिख मिल्खा सिंह का जन्मदिन है। स्वर्गीय मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवंबर,1929 को मौजूदा पाकिस्तान के गोविंदपुरा शहर में हुआ था। उनका जीवन खेल को ही समर्पित रहा। मिलखा सिंह मरते दम तक खिलाड़ियों में जोश भरने का काम करते रहे।
8 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री मोदी ने रात को 8 बजे अचानक राष्ट्र को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि रात 12 बजे के बाद 500 और 1000 रुपये के नोट को बंद कर दिया जाएगा |अर्थव्यवस्था के लिए काला धन खतरा बन जाता है। इसके चलते अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने के लिए नोटबंदी की घोषणा की गई थी।
10 अक्तूबर के दिन वर्ष 1970 में 96 वर्ष के ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के बाद फिजी को आधिकारिक रूप से स्वतंत्रता प्रदान की गई थी। फिजी दक्षिण प्रशांत महासागर में एक देश और द्वीप समूह है। यह न्यूज़ीलैंड के आकलैंड से करीब 2000 किमी |
30 सितंबर 1993 का दिन महाराष्ट्र के लातूर के लिए काला दिन था। 6.4 तीव्रता से आए भूकंप ने लातूर को तहस-नहस कर दिया ।इस भयानक त्रासदी में करीब 10000 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवायी और हजारों की संख्या में लोग घायल हुए कई विदेशी एजेंसियां और पूरे विश्व में भारत को इस त्रासदी से निपटने में अपना सहयोग दिया।
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में महज़ 21 वर्ष की आयु में वीर योद्धा सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल नेअपनी मातृभूमि के लिए शहीद हो गए ।दुश्मन के 10 टैंक्स में 5 टैंक्स अकेले उन्होंने नष्ट किया ।उन्हें ‘बसंतर के युद्ध’ का युद्धा के नाम से भी जाना जाता है। भारत सरकार ने सर्वोच्च सैन्य अलंकरण परमवीर चक्र से सम्मानित किया।
जम्मू-कश्मीर रियासत को पाकिस्तान से बचाने के लिए महारजा हरि सिंह ने भारत से मदद मांगी थी. तब की नेहरू सरकार ने महाराजा के साथ विलय करने की शर्त रखी थी. 26 अक्टूबर 1947 को विलय होते ही भारतीय सेना ने पाक कबायलियों को खदेड़ दिया था. 26 अक्टूबर 1947 के दिन ही जम्मू-कश्मीरभारतीय संघ का हिस्सा बना था |
मीरा बेन का जन्म इंग्लैंड में साल 1892 को 22 नवंबर के दिन हुआ था। उनका असली नाम मेडेलीन स्लेड था। मेडेलीन मुंबई के नौसेना के ईस्ट इंडीज स्क्वाड्रन में कमांडर इन चीफ के पद पर तैनात सर एडमंड स्लेड की बेटी थीं। गाँधीजी के व्यक्तित्व के जादू में बँधी सात समंदर पार देश हिंदुस्तान चली आई और फिर यहीं की होकर रह गईं। गाँधी ने उन्हें नाम दिया था – ‘मीरा बेन’।
अकबर के सवालों के सटीक जवाब बीरबल के पास होते थे। आईये जानते हैं इन दोनों का ऐसा ही एक रोचक किस्सा, जिसमें अकबर ने बीरबल से ईश्वर से जुड़े तीन प्रश्न पूछे थे। मोनीषा मुकुंदन की अकबर बीरबल की कहानियां,अंजू जेटली की आवाज में
पुरानी रईसी चली जाती है ,पर ठसक नहीं जाती । | इसी झूठी शान का खामियाजा भुगतना पड़ता है परिजनों को |अपनी ही संतान तब भार लगने लगती है ही इन सारी परिस्थितियों का गुबार सहना पड़ता है | करुणा की इस भूमि पर सभी दुखी होने के कारण सास और बहू में भी एक भावनात्मक रिश्ता हो जाता है इन्हीं भावनाओं को चित्रित किया गया है कहानी हम तो ठहरे परदेसी में
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