“मेरे घर से बाहर के रास्ते में कई बाजार और गलियां पड़ती थी | जहां मेरी आंखों ने देखा कई दिनों से बना पाकिस्तान अब जिंदाबाद हुआ है |” लेखक सआदत हसन मंटो ने हिंदुस्तान -पाकिस्तान बंटवारे के बाद जब पाकिस्तान गए ,तो वहां की स्थिति से रूबरू हुए | जो उन्हें बेहद जो बेहद अचंभित कर देने वाली थी |सुनते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में यह पूरा वृतांत “सवेरे जो कल मेरी आंख खुली “……
मंटो की कहानियां हमेशा की समाज की उन वास्तविकताओं से हमें रूबरू करवाती हैं , जिन्हे हम देख के भी अनदेखा क्र देते हैं,,, ये कहानी भी समाज की उन आवाज़ों को सुनाने का प्रयास करती है , जिन्हे हम सुनते तो हैं पार्ट अनसुना कर देते हैं ,,, गरीब परिवार में होने पर ये आवाज़ें कुछ ज्यादा ही सुनाई देने लगती हैं ,, आप भी सुने ,,और बताएं क्या सुना आपने ?
यह कहानी हिंदुस्तान- पाकिस्तान बंटवारे के समय की है |एक वृद्ध मुसलमान महिला अपनी बेटी की तलाश कर रही है उसे अपने ऊपर पूरा विश्वास है कि उसकी बेटी अभी जीवित है |यही बात उसे जीने का हौसला दे रही है |किंतु क्या उसका यह विश्वास सत्य है? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो के द्वारा लिखी गई कहानी खुदा की कसम अनुपम ध्यानी जी की आवाज में…
ग़ुलाम देश के लोगो की आखों में जब आज़ादी का सपना होता है तो एक अनपढ़ इंसान भी सपने देखने लगता है , वो सोचने लगता है सब बदल जायेगा , अब वो भी गोरों के बराबर हो जायेगे ,,,और ज़रूरत पड़ने पर इतने सालों से गोरों ने जो अत्याचार किये हैं उसपे , उनका बदला भी वो ले पायेगा , उसके कानो ने नए कानून के बारे में सुना होता है , पर क्या सच में नए कानून से कुछ बदलेगा ? क्या सच में नया कानून आएगा ?
मंटो की ये कहानी जीवन के कई पहलुओं पर नज़र डालती है , जैसा की हम जानते हैं मंटो ने उन औरतो और गलियों के बारे में बहुत लिखा है , जिन्हे लोगो बाज़ारू कहते हैं, पर इंसान वो भी हैं और एहसास उनके दिलों में भी होते हैं , ये कहानी भी एक ऐसी ही औरत की है , जो जवानी से बुढ़ापे की ओर बढ़ती है तो उसके जीवन में बहुत कुछ बदल जाता है
मंटो की लिखी गयी सबसे ज्यादा मशहूर कहानियो में से एक है काली सलवार , ये कहानी एक ऐसे औरत की जो दिल्ली जैसे बड़े शहर में आ जाती है कुछ सपने सजा के , पर समय के साथ जब वो सपने धुंधले पड़ने लगते हैं तब एक शंकर नाम का आदमी उस के घर आता है और शायद दिल में भी, पर वो आदमी इस औरत को कुछ ऐसा देके जाता है जिसे पाकर वो समझ नहीं पाती की वो खुश हो या दुखी
यह कहानी हिंदुस्तान- पाकिस्तान बंटवारे के समय की है |एक वृद्ध मुसलमान महिला अपनी बेटी की तलाश कर रही है उसे अपने ऊपर पूरा विश्वास है कि उसकी बेटी अभी जीवित है |यही बात उसे जीने का हौसला दे रही है |किंतु क्या उसका यह विश्वास सत्य है? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो के द्वारा लिखी गई कहानी खुदा की कसम अनुपम ध्यानी जी की आवाज में…
तो क्या जिए | To Kya Jiye |Hindi Kavita |हिंदी कविता | Motivational Hindi Poems by Anupam Dhyani
There is no recipe for life, but it is important to live each moment as if it is your last. Easier said than done ! But you can try.
To Kya jiye is asking questions to myself. You can ask these or other questions as well.
A curious, unafraid life is a life well lived.
यह कविता कोरे पन्ने पर लिखे शब्दों से इस दुनिया को आकार देते कवि और उसकी कल्पना का महत्व दर्शाती है
“जो हरदम अपनी मनमानी को आतुर हो ,शायद उन्होंने यमराज के संदेश नहीं देखे “ ,क्या वास्तव में हर एक बात की कोई सीमा है? नहीं ….इस कविता को सुनने के बाद यथार्थ का ज्ञान हो जाता है |अनुपम ध्यानी की आवाज में कविता “जो ‘”….
7 अक्टूबर, 1944 को संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्तावित ढांचे को प्रकाशित किया गया। इनमें प्रस्तावों पर आगे चलकर याल्टा सम्मेलन (फरवरी 1945) में विचार-विमर्श किया गया, जहां सोवियत संघ, अमेरिका एवं ब्रिटेन के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक हुई थी।
वो पड़ोसी के घर से घर जैसे सम्बंध होना, वो बचपन से लेकर बड़े होने तक छतों पर जमने वाली महफ़िलों का साथ हिस्सा बनना, वो पसंदो का मिलना, वो साथ वक़्त बिताना .. वो एक दूसरे को हर बात बताना , वो एक दूसरे से हर बात पूछना… क्या ये सारे लक्षण प्यार के नहीं है ? नयना और अनुराग … प्यार ही था .. और भाभी ने तो बात भी बढ़ा दी थी …प्यारी सी कहानी का अलग सा मगर प्यार सा अंत जाने के लिए सुनिए – अंज़ू शर्मा की लिखी कहानी – “छत वाला कमरा और इश्क़ वाला लव “
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