1983 मेंआज ही के दिन देश में पहली बार नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ था। यह राष्ट्रमंडल देशों का सातवां शिखर सम्मेलन था। इसकी अध्यक्षता भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की थी। यह सम्मेलन 29 नवंबर तक चला।
पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने उरी हेड क्वार्टर पर हमला किया जिससे भारत के 19 जवान शहीद हो गए। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए पाक सीमा में जाकर भारतीय जवानों ने आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों के साथ उनकी 6 घंटे तक मुठभेड चली ।भारतीय जवानों ने चारों आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया।
सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश फातिमा बीबी नियुक्त हुई ।जिनका पूरा नाम मीरा साहब फातिमा बीवी है। सेवानिवृत होने होने के बाद वह राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की सदस्य भी रही। वह तमिलनाडु की राज्यपाल भी रह चुकी है।
देश के पहले गैर राजनीतिज्ञ राष्ट्रपति ए.पी.जे अब्दुल कलाम, जिनको उनके विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा। भारत के मिसाइल मैन के नाम से जाने जाने वाले अब्दुल कलाम जी ने मिसाइल प्रणाली को उड़ान दी। ‘पद्म भूषण’ और ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित होने वाले वह एक पहले ऐसे राष्ट्रपति बने जिन्हें राष्ट्रपति बनने से पूर्व ही ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया गया।
आज ही के दिन 24 अक्टूबर 1946 को व्हाइट सैंड्स मिसाइल रेंज (White Sands Missile Range) से सैनिकों और वैज्ञानिकों ने एक वी-2 मिसाइल (V-2 missile) लॉन्च की, जिसमें 35-मिलीमीटर मोशन पिक्चर कैमरा था. इसके जरिए अंतरिक्ष से पृथ्वी की पहली तस्वीर ली गई. इन तस्वीरों को बाहरी अंतरिक्ष (Outer Space) की शुरुआत से ठीक ऊपर 65 मील की ऊंचाई पर लिया गया था. इन तस्वीरों को जिस कैमरे में लिया गया था, वो लैंडिंग के दौरान क्रैश से इसलिए बच गया, क्योंकि इसे स्टील कैसेट में बंद किया गया था. ये पहली बार नहीं था, जब पृथ्वी की कर्व को तस्वीर में देखा गया था.
अमेरिका ने ऑपरेशन इंड्योरिंग फ्रीडम के तहत 7 अक्टूबर को अफगानिस्तान में हवाई हमला शुरू किया. नवंबर-दिसंबर में 1300 अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान पहुंचे
शक्तिसत्य पर विजय पाती हैबात की सार्थकता समझने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी शिकार को निकला शेर,निधि मिश्रा की आवाज में
कहानी “जो है उस धूसर सन्नाटे में “,धीरेंद्र अस्थाना जी ने बहुत ही सजीव ढंग से प्रस्तुत किया है कि आज की दुनिया में किसी भी तरह की संवेदना लोगों में नहीं बची है| खासतौर पर मीडिया, अखबार और किसी भी तरह के सोशल अकाउंट पर| आज की तारीख में किसी का जीना- मरना इस बात का मायने नहीं रखता कि वह इंसान इंपॉर्टेंट था या नहीं |लोग मरते हैं ,मर जाते हैं इस तरह की स्टेटमेंट हमें अक्सर सुनने को मिल जाते हैं |आज का समय जिसमें हम लोग जी रहे हैं, बहुत ही असंवेदनशील है | इस पूरे समाज में जो असंवेदनशील है ,उसमें एक ऐसा इंसान जो किसी एक की मृत्यु होने पर अपना खुद का व्यक्तित्व ही भूल जाता है इस बात पर आधारित है यह कहानी…
कहानी में एक औरत अपने जीवन के खालीपन को भरने के लिए क्या रास्ता अपनाती है ?विवेक श्रीवास्तव की कहानी चैट में जानते हैं ,अमित तिवारी की आवाज में
आपको अपनी किस्मत खुद लिखनी होगी 🔥- Rise Above Hard Times – CA Poonam Pathak- Josh Talks Hindi
Reviews for: Commonwealth Heads of Government – 23 Nov