जया एक हिंदुस्तानी महिला है उसके घर के पास किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है.| किंतु उसे वहां का दृश्य मानवीय संवेदना से विहीन वहीं लगता है | किसी भी व्यक्ति के आंख में मृत व्यक्ति के लिए की अश्रु भी नहीं दिखाई दे रहा है| जया यह सब देख कर व्यथित हो रही है |क्या विदेशों में रहने वाले व्यक्ति मानवीय संवेदना से अपेक्षित है अपरिचित है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सुदर्शन प्रियदर्शी द्वारा लिखी गई कहानी अखबार वाला निधि की आवाज में…
नाहर एक हिंदुस्तानी युवक है उसने एक विदेशी लड़की कैथी से विवाह किया है और विवाह के बाद जो विदेश में ही रहने लगा | कैथी ने इस विवाह को लेकर नाहर के सामने एग्रीमेंट कराया है | एग्रीमेंट नाहर के लिए एक जी का जंजाल साबित हो रहा है |क्या होगा आगे कहानी में नाहर और कैथी का विवाह टिक पाएगा| जानने के लिए सुनते हैं सुदर्शन प्रियदर्शिनी की लिखी कहानी आचार संहिता, निधि की आवाज में..
कहानी विदेश में रह रहे एक भारतीय परिवार की है ।जहां उन्हीं के बेटे का शादी का कार्ड आज उनके पास आया है ।कार्ड में मां -बाप का नाम भी नहीं है विदेशी संस्कृति से प्रभावित बेटे में भारतीय संस्कृति और संस्कार की छाप कहीं भी नज़र नहीं आ रही है ।ऐसा क्यों हुआ? क्या यह पीढ़ी का अंतर है या फिर देशांतर लेकिन आज जिस बात के लिए मां-बाप अपने बेटे के लिए अफ़सोस कर रहे हैं, क्या वह स्वयं इस बात के लिए जिम्मेदार हैं ?इस प्रश्न को समेटे हुए कहानी किस मोड़ पर रूकती है सुनते हैं सुदर्शन प्रियदर्शिनी की लिखी कहानी देशांतर, पल्लवी गर्ग की आवाज़ में..
मगर मैं सोचता हूँ – आदमी क्यार चूहे से भी बद्तर हो गया है? चूहा तो अपनी रोटी के हक के लिए मेरे सिर पर चढ़ जाता है, मेरी नींद हराम कर देता है। इस देश का आदमी कब चूहे की तरह आचरण करेगा? लेखक ऐसा क्यों सोच रहा है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं हरिशंकर परसाई के द्वारा लिखी गई कहानी चूहा और मैं ,निधि मिश्रा की आवाज में
कहानी में प्रेम की पराकाष्ठा झलकती है| एक युवक जिसका नाम बलवंत है अर्बुद-गिरि राज्य की राजकुमारी को अपलक दृष्टि से देखता रहता है और प्रेम करता है| युवक को राजमहल लाया जाता है तो महारानी उसके आगे एक कठोर शर्त रखती हैं| क्या है वह युवक के लिए शर्त ? कौन है वह युवक ? क्या युवक शर्त को पूर्ण कर राजकुमारी से विवाह कर पाता है?क्या होता है इसको जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी रसिया बालम, निधि मिश्रा की आवाज में
हर बात को जहाँ तक हो, सँवारना चाहिए। । सूर्यकांत त्रिपाठी जी की लिखी कहानी गधा और मेंढक सुनते हैं निधि मिश्रा की आवाज में
शक्तिसत्य पर विजय पाती हैबात की सार्थकता समझने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी शिकार को निकला शेर,निधि मिश्रा की आवाज में
एक जहाज के कप्तान से एक सौदागर उसके पिता की मृत्यु के बारे में प्रश्न पूछता है वह जानना चाहता है कि उसे वही कार्य करने में डर क्यों नहीं लगता जिस कारण उसके पिता की मृत्यु हुई कप्तान क्या उत्तर देता है ? इस छोटी सी कहानी से क्या सीख मिलती है जाने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला द्वारा लिखी गई कहानी सौदागर और कप्तान और निधि मिश्रा जी की आवाज में
झाबुआ से लौटते हुए इसलिए उदास हूँ कि अन्नास नदी सूख गई है और रंग-बिरंगे प्रिंट वाले कपड़े पहने मोटर साइकिल पर घूमते सीधे-सादे भील आज भी प्रकृति के इतने नज़दीक हैं कि उन्हें इस शोख नदी के मर जाने का शायद अहसास ही नहीं है।असीम राय और मदन झाबुआ नगर जा रहे हैं मदन जी का बचपन वहां गुजरा है अनास नदी को लेकर उनकी काफी यादें हैं अब दोबारा जब वहां पाते हैं तो क्या उन्हें pहले जैसा सब कुछ मिलता है जानने के लिए सुनते हैं कहानी हेमंत जोशी के द्वारा लिखी गई कहानी अनास नदी सूख गई अमित तिवारी जी की आवाज
एकाक्षर – ममता कालिया – शैफाली कपूर
कहानी में संकल्प खन्ना और खुर्शीद पति-पत्नी है। संकल्प खन्ना की आयु करीब साठ वर्ष की है ,जो पेशे से एक प्रोफेसर है। उनका दांपत्य जीवन ठीक-ठाक चल रहा होता है। लेकिन जब से संकल्प खन्ना की रूचि सोशल -मीडिया, फेसबुक व्हाट्सएप पर बढ़ने लगी है, खुर्शीद को संकल्प खन्ना के व्यवहार में परिवर्तन महसूस होने लगा है ।ऐसी क्या वजह हो सकती है कि संकल्प खन्ना को अपनी वास्तविक दुनिया से काल्पनिक दुनिया में रहना ज्यादा पसंद आने लगा है? क्या संकल्प खन्ना के जीवन में खुर्शीद के अलावा किसी और ने जगह बना ली है ?या फिर ऐसा भी हो सकता है कि खुर्शीद बेवज़ह ऐसा- वैसा सोच रही है। कुछ भी हो सकता है। पूरी कहानी जानने के लिए सुने ममता कालिया के द्वारा लिखी गई कहानी एकाक्षर -प्रेम ,जिसे आवाज़ दी है शैफ़ाली कपूर ने…
मां बाप के लिए अपने बच्चे ना कोई बोझ होते हैं ना कोई अवसाद होते हैं वह अपने बच्चों को पूरे स्नेह के साथ उनका लालन-पालन करते हैं क्या कभी बच्चे भी अपने मां-बाप कीउसी प्रकार उनकी देखभाल कर पाते हैं इसी भावना से ओतप्रोत है मालती जोशी जी की लिखी कहानी वो तेरा घर यह मेरा घर ,सुनते हैं पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
“हालात और वक़्त के साथ सबको बदलना पड़ता है। इंसान के बदलाव के बारे में दर्शाती यह कविता जरूर सुनें।
कहानी प्रारंभ से ही उन संकीर्ण मानसिकता वाले पुरुषों और स्त्रियों की मनोदशा से परिचित कराते हुए आगे बढ़ती है कि किस प्रकार एक अकेली युवती को देखकर बिना यथार्थ जाने लोग उसके चरित्र का विश्लेषण करने लग जाते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी मनोवृति मनोवृति सुनते हैं भूपेश पांडे जी की आवाज में
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nancy mishra