एक था नन्हा खरगोश, जिसेअपने लंबे कान अपने पूरे शरीर में सबसे अधिक पसंद थे, लेकिन एक दिन झाड़ियों में भेड़िए से बचते हुए उसके कान ज़ख्मी हो गए जिससे वह बेहद दुखी रहने लगा। लेकिन अपनी बहादुरी से उसने कुछ ऐसा किया की सभी उसे नन्हा बहादुर कहकर पहले से भी ज्यादा प्रेम करने लगे।
एक बार कृष्णदेव राय के राज्य में चूहों का आतंक हो गया |इससे निपटने के लिए कृष्ण देव राय ने सभी को एक बिल्ली दी और उस बिल्ली को दूध पिलाने के लिए एक गाय भी दी | अब तेनालीरामा ने इस पूरे प्रकरण में क्या किया और अंत में राजा को किस बात का एहसास हुआ? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी दूध ना पीने वाली बिल्ली, शिवानी आनंद की आवाज में…
कहानी की नायिका निरुपमा पांच भाइयों में इकलौती बहन है। पिता रामसुन्दर ने उसका विवाह एक बड़े खानदान में तय किया किंतु ससुराल पक्ष के द्वारा जो दहेज़ की मांग की गई थी वह राम सुंदर जी पूरी नहीं कर पाए ।ऐसे में क्या निरुपमा का विवाह हो पाता है? क्या निरुपमा भी दहेज़ की भेंट चढ़ जाती है? या निरुपमा इस संदर्भ में कोई ठोस कदम उठाती है? बेहद भावुक कर देने वाली रविंद्र नाथ टैगोर जी की कहानी दहेज़ में जानते हैं उतने ही भावुक अंदाज में शिवानी आनंद के द्वारा..
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