यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसका विवाह मामा द्वारा दहेज की मांग करने से टूट जाता है और उसके लंबे समय बाद उसे जिस अपरिचित लड़की से प्रेम होता है, वह लड़की कोई और नहीं बल्कि वही होती है।
यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसका विवाह मामा द्वारा दहेज की मांग करने से टूट जाता है और उसके लंबे समय बाद उसे जिस अपरिचित लड़की से प्रेम होता है, वह लड़की कोई और नहीं बल्कि वही होती है।
कहानी एक स्वार्थपरस्त व्यक्ति अनाथ बाबू की है | अनाथ बन्धु का विवाह विन्ध्यवासिनी से हुआ जोकि सुन्दर सद्चरित्रा है किन्तु अनाथ बाबू को हिन्दुस्तानी नाम से घृणा थी। पत्नी को भी वह विशेषताओं और सुन्दरता में अपने योग्य न समझते थे। अनाथ बाबू ससुराल के पैसों से विदेश जाना चाहते हैं |क्या अनाथ बाबू की यह मंशा पूरी हो पाती है? विंध्यवासिनी के जीवन में आगे क्या घटित होता है? इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं रविंद्र नाथ टैगोर के द्वारा लिखी गई कहानी नई रोशनी, शिवानी आनंद की आवाज में..
बनवारी जो पत्नी से बेहद प्रेम करता है, अपने हालदार परिवार के के बड़े बेटे होने का फर्ज न निभाते हुए केवल उसकी खुशी के लिए ही सब करता है लेकिन परिस्थिति तब बदल जाती है जब उसे पता चलता है कि उसकी पत्नी किरण की नज़र में उसका कोइ मोल नहीं और वह जी जान से अपने देवर के पुत्र हरिदास की देखभाल करते हुए कब उसकी पत्नी से ज्यादा हालदार परिवार की बड़ी बहू बन गई बनवारी को पता ही नहीं चला।
बनवारी जो पत्नी से बेहद प्रेम करता है, अपने हालदार परिवार के के बड़े बेटे होने का फर्ज न निभाते हुए केवल उसकी खुशी के लिए ही सब करता है लेकिन परिस्थिति तब बदल जाती है जब उसे पता चलता है कि उसकी पत्नी किरण की नज़र में उसका कोइ मोल नहीं और वह जी जान से अपने देवर के पुत्र हरिदास की देखभाल करते हुए कब उसकी पत्नी से ज्यादा हालदार परिवार की बड़ी बहू बन गई बनवारी को पता ही नहीं चला।
यह कहानी हर उस पत्नी की है जो पढ़ी लिखी और विवेकशील होने के कारण परिस्थितियों से समझौता नहीं कर पाती बल्कि उनसे लड़ती है तबतक जबतक कि वह लड़ सकती हैं…
नवीन का कंचन से प्रेम करना किंतु कह ना पाना इस कहानी को प्रेम के शिखर पर ले जाता है।
सिंहासन बत्तीसी-तेरहवीं पुतली – कीर्तिमती एक बार राजा विक्रमादित्य ने एक महाभोज का आयोजन किया। उस भोज में असंख्य विद्धान, ब्राह्मण, व्यापारी तथा दरबारी आमन्त्रित थे। भोज के मध्य में इस बात पर चर्चा चली कि संसार में सबसे बड़ा दानी कौन है। इस धरा पर सर्वश्रेष्ठ दानवीर कौन है? इसे जानने के लिए सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी सिंहासन बत्तीसी-तेरहवीं पुतली – कीर्तिमती शिवानी आनंद की आवाज में
राजा विक्रमादित्य अद्भुत गुणग्राही थे। वे सच्चे कलाकारों का बहुत अधिक सम्मान करते थे तथा स्पष्टवादिता पसंद करते थे। उनके दरबार में योग्यता का सम्मान किया जाता था। चापलूसी जैसे दुर्गुण की उनके यहाँ कोई कद्र नहीं थी। यही सुनकर एक दिन एक युवक उनसे मिलने उनके द्वार तक आ पहुँचा। शास्त्रों का ज्ञाता था। कई राज्यों में नौकरी कर चुका था। युवक स्पष्टवक्ता होने के कारण उसके आश्रयदाताओं को वह धृष्ट नज़र आया, अतः हर जगह उसे नौकरी से निकाल दिया गया।विक्रमादित्य ने उस युवक की गुणवत्ता को परखा और उसे उचित सम्मान दिया |कैसे?इसे जानने के लिए सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानीबाइसवीं पुतली अनुरोधवती राजा विक्रमादित्य और बुद्धि और संस्कार पर चर्चा ,शिवानी आनंद की आवाज में …
संसार की ओर देखने की जैसी हमारी दृष्टि होगी, संसार हमें वैसा ही दिखाई देगा।कैसे ? विनोबा भावे द्वारा लिखी गई कहानीजैसी दृष्टि सुनते हैं ,शिवानी आनंद के द्वारा
कहानी में चौबे जी ने पुत्री की चाहत में अपनी पत्नी मंगला की सौतेली मां की बेटी बिन्नी को अपने घर में संरक्षण दिया और उसे पुत्री के समान स्नेह भी किया। कहानी में स्तब्ध कर देने मोड तब आता है जब चौबे जी की पत्नी मंगला की मृत्यु हो जाती है चौबे जी अधेड़ उम्र के हो चुके हैं और बिन्नी एक युवती बन चुकी है। पूरे जीवन जिसे चौबे जी ने पुत्री समान स्नेह दिया आज उनका चित्त बिन्नी को लेकर भ्रमित है और वह पुत्री मान चुके बिन्नी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने जा रहे हैं।किंतु क्या यह मर्यादा के अनुकूल है? कहानी कई दिलचस्प मोड़ से गुज़रती हुई बेहद रोचक है ।मुंशी प्रेमचंद जी की कहानी भूत आज ही सुनिए सिर्फ़ गाथा पर..
कहानी में एक युवती अपनी दोनों बेटियों के साथ अकेली है |ठंड की एक रात अचानक उसके यहां 60…65 साल का आदमी चादर लपेटे एक वृद्ध व्यक्ति आ जाता है ,जो अपने को उनका रिश्तेदार बतलाता है| अब युवती बेहद असमंजस की स्थिति में है, अतिथि को अपने घर आने दे अथवा नहीं| अब आगे क्या होता है जानने के लिए सुनते हैं सिनीवाली द्वारा लिखी गई कहानी अतिथि, निधि मिश्रा की आवाज में….
अनामिका का विवाह अतुल से हुआ है लेकिन अतुल का व्यवहार अनामिका के प्रति कुछ रुखा सा है अनामिका को अचानक एक दिन अपने कॉलेज के दिनों के एक दोस्त समीर की याद आती है जिसका प्यार अनामिका के द्वारा ठुकराया जाता है आज अनामिका को ऐसा क्यों लग रहा है कि ईश्वर उससे उसी बात का अधूरा बदला ले रहे हैं क्या हुआ था अनामिका की जिंदगी में पूरी कहानी जानने के लिए के लिए सुनते हैं विकास श्रेय केवल जी की लिखी कहानी अधूरा बदला अमित तिवारी जी की आवाज
लेफ्टिनेंट सागर शिव सागर जाना चाह रहा है मूसलाधार बारिश के कारण और रास्ते में कीचड़ हो जाने के कारण उसकी गाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रही है |रैन बसेरा करने के लिए किसी जगह की तलाश कर रहा है |उसे एक इमारत दिखाई देती है किंतु इमारत का क्या रहस्य है उसके पीछे क्या कहानी है जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी जय-दोल, अमित तिवारी की आवाज में के द्वारा लिखी गई कहानी
हिंदुस्तान- पाकिस्तान बंटवारे में हुए दंगों के समय रफ़ीकुद्दीन और देविन्दरलाल मित्र होते हैं |देविन्दरलाल रफ़ीकुद्दीन के यहां शरण लेता है | देविन्दरलाल को जब यह लगता है कि उसकी वजह से रफ़ीकुद्दीन की जान खतरे में है तो है उसका घर छोड़ देता है और देविन्दरलाल अत्ताउल्लाह के अहाते में शरण लेता है | क्या वास्तव में यह शरणदाता उसके जीवन की रक्षा करता है क्या देविन्दरलाल जी का जीवन वहां वास्तव में सुरक्षित है पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं अज्ञेय द्वारा लिखी गई कहानी शरणदाता सुमन वैध्य की आवाज में
Reviews for: Aprichita ( अपरिचिता) – Part-1