राजा शल्य को दुर्योधन ने महाभारत संग्राम भूमि में कर्ण का सारथी बनने का आदेश दिया ,किंतु जब राजा शल्य ने महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण की भूमिका का उल्लेख किया तो दुर्योधन ने उसे कर्ण का अपमान समझा| तो क्या हुआ क्या राजा शल्य करण के सारथी बनने के लिए तैयार हुए और उनकी इस युद्ध में क्या भूमिका रही ?इस रोचक प्रसंग को सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी शल्य का सारथी बनना ,शिवानी आनंद की आवाज में..
पांडु जेष्ठ पुत्र युधिष्ठिर ने अर्जुन को कर्ण का वध न कर पाने के कारण धिक्करा और यहां तक कह दिया कि अगर कर्ण का वध नहीं कर पाते हो तो ,अपना गांडीव धनुष किसी दूसरे योद्धा को दे दो |इस बात को लेकर अर्जुन बहुत क्रोधित हुए और और युधिष्ठिर को मारने के लिए तत्पर हो गए |ऐसी विषम परिस्थिति में किस प्रकार अर्जुन शांत इस हो पाए |महाभारत के रोचक प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी युधिष्ठिर का अपमान ,शिवानी आनंद की आवाज में
दुष्यंत एक होशियार और सीधा साधा लड़का है जिसकी जिंदगी एक लाक्षाग्रह तब बन गईं जब उसकी शादी मेघा से हुई जोकि एक मॉडर्न लड़की है जिसे न तो दुष्यंत की परवाह है न उसके परिवार या परिजनों की।
पितामह भीष्म के आहत होने पर आचार्य द्रोण को सेनापति बनाया गया। सेनापति बनने के बाद द्रोण ने प्रतिज्ञा की कि मैं भीष्म की तरह ही कौरव-सेना की रक्षा तथा पांडव-सेना का संहार करूँगा। मुझे केवल धृष्टद्युम्न की चिंता है, क्योंकि उसकी उत्पत्ति ही मेरी मृत्यु के लिए हुई है। इस पूरे प्रसंग में कौरवों और पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य को जब कौरवों का सेनापति बनाया जाता है तो महाभारत का युद्ध किस मोड़ तक जा पहुंचता है| इस दरमियान कौन-कौन सी घटनाएं घटित होती है ?और कौन-कौन वीरगति को प्राप्त होता है ?इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी द्रोण पर्व,शिवानी आनंद की आवाज में…
कहानी का नायक ब्रजराज अपनी पत्नी इन्दो की बातों से विचलित रहता है | ब्रजराज के हृदय में एक अलग ही विरक्ति आ जाती है |और ब्रजराज घर छोड़ने का निश्चय कर लेता है |आगे क्या होता है ब्रजराज की जिंदगी में? पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी भीख ,शिवानी आनंद की आवाज में
दिग्वलय – Alka saini (अल्का सैनी ) – Shivani Anand
प्रेम की अलग-अलग अनुभूति होती है प्रेम मीरा और कृष्ण के मध्य भी था कहानी कुछ इसी तरह के भावों को आधुनिक समीकरण के रूप में ढाल दिया गया है कहानी का नायक अभिनव एक शादीशुदा युवक है जिसकी मित्रता अनीता के साथ हो जाती है ।उनकी मित्रता में एक अजीब सी आत्मीयता और लगाव है किंतु जैसे-जैसे अभिनव को सामाजिक मान मर्यादा की तरफ ध्यान आकर्षित होता है उसके अंदर अजीब सी बेचैनी उत्पन्न हो जाती है ।अभिनव की यह बेचैनी उसे किस हद तक ले जाएगी? जानेंगे अलका सैनी के द्वारा लिखी गई कहानी दो नावों में सवार, शिवानी आनंद की आवाज़ में..
भगवान श्री कृष्ण दुर्योधन के पास दूत बनकर, युधिष्ठिर को मात्र 5 गांव देने का प्रस्ताव लेकर गए|किंतु दुर्योधन, युधिष्ठिर को सुई के बराबर भूमि देने को भी तैयार नहीं हुआ और इस कारण महाभारत का युद्ध प्रारंभ हो गया |इस युद्ध के पीछे और क्या कारण थे ?महाभारत के युद्ध में क्या नियम बनाए गए और कौरवों और पांडवों की सेना में कौन कौन शामिल थे ?पूरी जानकारी के लिए सुनते हैं ,महाभारत की कहानियों में से एक कहानी महाभारत का युद्ध ,शिवानी आनंद की आवाज में…
ये कहानी एक बकरी के बेचने और खरीदने के बहुत ही सरल माध्यम से हमे यह सिखाती है कि हमे यूं तो कभी किसी का बुरा नहीं करना चाहिए लेकिन अगर कोई आपके साथ बुरा करे तो उसे सबक ज़रूर सिखाना चाहिए।
महाभारत की कहानी में से एक कहानी “अश्वत्थामा की प्रतिज्ञा “ ,जिसमें अश्वत्थामा प्रतिज्ञा करते हैं कि जब तक वह धृष्टद्युम्न को नहीं मार लेंगे तब तक वह अपना कवच नहीं उतारेंगे | इस प्रसंग का पूरा वर्णन सुनते हैं, शिवानी आनंद की आवाज में |
माया सुर के द्वारा युधिष्ठिर के लिए एक ऐसी सभागार का निर्माण हुआ जिसमें बहुत सी बातें भ्रम पैदा कर रही थी |इसी सभागार में दुर्योधन उपहास का पात्र बन गए| दुर्योधन ने उपहास का बदला लेने के प्रयोजन से दुर्योधन के मामा शकुनि के साथ मिलकर द्यूत-क्रीड़ा के लिए युधिष्ठिर को आमंत्रित किया | मामा शकुनि की धूर्तता के कारण इस द्यूत-क्रीड़ा का क्या परिणाम निकला और युधिष्ठिर के साथ क्या-क्या हार गए| इस पूरे प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी कौरवों का कपट ,शिवानी आनंद की आवाज में ..
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