ईरान का एक व्यापारी चांद खान जब भारत आया तो उसे गन्ने बहुत पसंद आए और वह गन्ने को रसगुल्ले की जड़ के नाम से जानने लगा| जब दोबारा चांद खां के सामने रसगुल्ले पेश किए गए किए गए तो उसने रसगुल्ले की जड़ के बारे में प्रश्न किया? अब तेनालीरामा ने किस प्रकार चांद खान कि इस गलतफहमी को दूर किया |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी “ रसगुल्ले की जड़ “शिवानी आनंद की आवाज में…
नवीं पुतली- मधुमालती ने जो कथा सुनाई उससे विक्रमादित्य की प्रजा के हित में प्राणोत्सर्ग करने की भावना झलकती है। कैसे ?पूरी कहानी जानने के लिए के लिए सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी सिंहासन बत्तीसी-नवीं पुतली – मधुमालती शिवानी आनंद की आवाज में…
महाभारत की कहानियों में से एक कहानी ‘द्रौपदी स्वयंवर’, उस समय का प्रसंग है जब द्रुपद नरेश का द्रौपदी स्वयंवर आयोजित किया जाता है| इस स्वयंवर में भाग लेने के लिए एक से बढ़कर एक महारथी आए किंतु स्वयंवर में रखी गई शर्त को कोई भी पूर्ण ना कर सका| ऐसे में किस प्रकार द्रौपदी का स्वयंवर हुआ ?इस स्वयंवर में कौन सी घटना घटित हुई? इस पूरे प्रसंग को सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
आज छठा दिन था। बच्चे स्कूल छोड़े घरों में बैठे ,अपनी और सारे घर वालों की जिंदगी मुसीबत किए दे रहे थे । कोई और मामूली दिन होता तो कमबख्तों से कहा जाता कि बाहर मुँह काला करके गदर मचाओ। लेकिन चंद रोज से शहर का वातावरण इतना खराब था कि शहर के सारे मुसलमान एक तरह से नजरबंद थे। झटपट सामान बँधने लगा। अम्मा ने जाने से साफ इनकार कर दिया। लाख समझाने के बावजूद वे राजी़ न हुई । सारा घर खाली हो गया ।और अम्मा उजाड़ सहन में आकर खड़ी हुई तो उनका बूढ़ा दिल नन्हे से बच्चे की तरह सहम कर कुम्हला गया।
एक बार तेनालीराम, महाराज कृष्ण देव राय जी से रूठ गए और उन्होंने दरबार आना बंद कर दिया | जब महाराज को तेनालीराम की कमी महसूस होने लगी तो उन्होंने उन्हें बुलाने की बात सोची लेकिन यह क्या? तेनालीराम तो कई दिनों से अपने घर भी नहीं गए , आखिर तेनालीराम कहां है और राजा ने किस प्रकार उनकी खोज की? इस पूरे रोचक किस्से को सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी तेनालीराम की खोज शिवानी आनंद की आवाज में
विजयनगर में होली और दिवाली का त्यौहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता था | होली के त्यौहार पर महामूर्ख की उपाधि पाने वाले को पुरस्कार के तौर पर 10000 स्वर्ण मुद्राएं दी जाती थी |तेनाली रामा ने अपनी बुद्धिमत्ता से किस प्रकार यह पुरस्कार जीता ?इस पूरे रोचक किस्से को सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी महामूर्ख की उपाधि, शिवानी आनंद की आवाज में….
चांद कुमारी एक सुंदर युवती है, किंतु उसकी उसकी मां की वजह से उसका विवाह नहीं हो रहा है |अब तेनाली रामा किस तरीके से चांद कुमारी की का विवाह कराते हैं ?इस पूरे प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी चानन की चमेली शिवानी आनंद की आवाज में..
तेनालीरामा से चिढ़ने वाले सभी लोग राजगुरु के पास पहुंचे ताकि राजगुरु किसी भी प्रकार से तेनाली रामा को निम्न साबित कर दे |क्या राजगुरु ने ऐसी कोई योजना बनाई और क्या उनकी यह योजना सफल हुई ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी …
राजा कृष्णदेव राय के प्रिय सुनहरे पौधे को बकरी के खा जाने पर माली को दिए जाने वाले दंड को किस प्रकार तेनाली रामा राजा को अनुचित निर्णय लेने से रोकते हैं ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी सुनहरा पौधा शिवानी आनंद की आवाज में
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