सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ। पिता का नाम झावेर भाई और माता का नाम लाडबा पटेल था। माता-पिता की चौथी संतान वल्लभ भाई कुशाग्र बुद्धि के थे। उनकी रुचि भी पढ़ाई में ही ज्यादा रही।आज एकता के सूत्र में बंधे भारत के लिए देश सरदार पटेल का ही ऋणी है। कहा जाता है कि एक बार उनसे किसी अंग्रेज ने इस बारे में पूछा तो सरदार पटेल ने कहा- मेरा भारत बिखरने के लिए नहीं बना।सरदार पटेल’,’लोह पुरुष’ और ‘भारत का बिस्मार्क’ की उपाधियों से इन्हें सम्मानित किया गया 1991 में ‘भारत रत्न’ से भी इन्हें सम्मानित किया गया इनका जन्म दिवस ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है
6 नवंबर 1861 को कनाडा के ओंटारियो में अलमोंटे शहर में जेम्स नाइस्मिथ का जन्म हुआ। उन्होंने मैकगिल यूनिवर्सिटी से शारीरिक शिक्षा में ग्रेजुएशन किया। साल 1959 को स्प्रिंगफील्ड, मैसाचुसेट्स में जेम्स नाइस्मिथ को बास्केटबॉल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। खेल को ऐसे समय में पेश किया गया, जब स्कूलों को अलग कर दिया गया था।
गुरु नानक देव जी की 500 जयंती के अवसर पर अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना की गई।यह पंजाब राज्य विधानमंडल द्वारा पारित एक अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया था। विश्वविद्यालय को यूजीसी द्वारा “उत्कृष्टता की क्षमता वाले विश्वविद्यालय” का दर्जा भी दिया गया है।
4 अक्टूबर 1884 में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले अगोना में राम चंद्र शुक्ला का जन्म हुआ। उन्होंने हिंदी साहित्य में आलोचना और समीक्षा को महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। 20वीं शताब्दी के प्रमुख हिंदी साहित्यकारों में वह एक हिंदी के प्रमुख स्तंभ रहे।
विट्ठल भाई पटेल भारत के प्रख्यात विधान वेत्ता होने के साथ ही साथ एक महान क्रांतिकारी भी रहे। यह सरदार वल्लभभाई पटेल के बड़े भाई थे। पूर्ण स्वराज पाने के लिए वह किसी भी तरह अंग्रेजों से कोई भी समझौता नहीं करना चाहते थे। इनका संपूर्ण जीवन सिर्फ़ और सिर्फ़ देश के लिए ही समर्पित रहा।
होमी जहांगीर भाभा, भारतीय परमाणु वैज्ञानिक और एकीकृत परमाणु ऊर्जा विकास के प्रमुख आदिकारी, 30 अक्टूबर 1909 को मुंबई, भारत में जन्मे थे। उन्होंने अपने जीवन के दौरान भारतीय परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।होमी भाभा को भारत सरकार द्वारा भारतीय सिविल विभूषण और भारतीय रत्न से सम्मानित किया गया था। उनका योगदान भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण था और उन्होंने भारत को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में स्वायत्तता प्राप्त करने में मदद की।
राष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाने की शुरुआत 2015 में हुई थी| इंटरनेशनल ब्यूरो और इंटरनेशनल लीग अगेंस्ट एपिलेप्सी द्वारा इसे आयोजित किया गया था| इस दिन देशभर में लोगों को मिर्गी के लक्षणों, कारणों और उपचार के बारे में जानकारी दी जाती है साथ ही लोगों को अपना अनुभव शेयर करने को मौका भी दिया जाता है|
Credit: Josh Talk
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4 अक्टूबर 1977 जब अटल बिहारी वाजपेई विदेश मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे थे, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देकर हिंदी भाषा का परचम लहराया ।भाषण के बाद UNGA का सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा ।
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