सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ। पिता का नाम झावेर भाई और माता का नाम लाडबा पटेल था। माता-पिता की चौथी संतान वल्लभ भाई कुशाग्र बुद्धि के थे। उनकी रुचि भी पढ़ाई में ही ज्यादा रही।आज एकता के सूत्र में बंधे भारत के लिए देश सरदार पटेल का ही ऋणी है। कहा जाता है कि एक बार उनसे किसी अंग्रेज ने इस बारे में पूछा तो सरदार पटेल ने कहा- मेरा भारत बिखरने के लिए नहीं बना।सरदार पटेल’,’लोह पुरुष’ और ‘भारत का बिस्मार्क’ की उपाधियों से इन्हें सम्मानित किया गया 1991 में ‘भारत रत्न’ से भी इन्हें सम्मानित किया गया इनका जन्म दिवस ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है
लीला सेठ का जन्म लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 20 अक्टूबर, 1930 को हुआ। लीला सेठ बचपन में ही पिता की मृत्यु के बाद विधवा मां के सहारे पली-बड़ीं और मुश्किलों का सामना करते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जैसे पद तक पहुंचने का सफर पूरा किया
दुनिया को रोशनी दिखाने वाले थॉमस एल्वा एडिसन ने आज ही के दिन, 18 अक्टूबर 1931 को अपनी आखिरी सांस ली थी. एक अमेरिकी वैज्ञानिक और बिजनेसमैन थे. उन्होंने बिजली के उपकरण, संचार, साउंस रिकॉर्डिंग और वीडियोग्राफी जैसे क्षेत्रों में कई डिवाइस इजाद किए
1 नवंबर को मनाया जाने वाला केरल स्थापना दिवस, 1956 में भारत में केरल राज्य की स्थापना का प्रतीक है। यह मलयालम भाषी क्षेत्रों के एकीकरण और जीवंत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य के जन्म का जश्न मनाता है
27 सितंबर 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन (UNWTO) ने विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत विश्व समुदाय को संस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से की।
डॉ॰ (सर) जगदीश चन्द्र बसु (बंगाली: (30 नवंबर 1858 – 23 नवंबर, 1937) भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिन्हें भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पतिविज्ञान तथा पुरातत्व का गहरा ज्ञान था। वे पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकाशिकी पर कार्य किया।
4 अक्टूबर 1884 में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले अगोना में राम चंद्र शुक्ला का जन्म हुआ। उन्होंने हिंदी साहित्य में आलोचना और समीक्षा को महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। 20वीं शताब्दी के प्रमुख हिंदी साहित्यकारों में वह एक हिंदी के प्रमुख स्तंभ रहे।
विश्व रेडियोग्राफी दिवस पहली बार साल 2012 में मनाया गया था| इस दिन को मनाने की पहल यूरोपियन सोसाइटी ऑफ रेडियोलॉजी, रेडियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका और अमेरिकन कॉलेज ऑफ रेडियोलॉजी की तरफ से की गई थी|तभी से हर साल दुनियाभर में इस दिन को 8 नवंबर को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है|
Credit: Josh Talk
महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती, भारतीय सुधारक और आर्य समाज के संस्थापक, 30 अक्टूबर 1883 को अजमेर, राजस्थान, भारत में अपने आश्रयस्थल में निधन हुआ था। उन्होंने आर्य समाज की स्थापना की और अपने जीवन के दौरान भारतीय समाज के सुधार और सामाजिक परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्ध रहे।स्वामी दयानंद सरस्वती की दिशा में अर्थनीति, सामाजिक न्याय, और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान किया गया और उनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरणास्त्रोत रहा।
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