स्वर्गीय चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा सामाजिक समानता के प्रबल पक्षधर थे, उनके प्रयासों के चलते इस बांध का निर्माण संभव हुआ। 22 अक्टूबर 1963 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस बांध को राष्ट्र को समर्पित किया।
21 अक्टूबर 1943 को आजाद हिंद सरकार की स्थापना हुई. आज़ाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से सुभाष चन्द्र बोस ने स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई.
अर्थराइटिस एंड रूमेटिज़्म इंटरनेशनल (ARI )ने ‘विश्व गठिया दिवस’ की पहल की। जिसका उद्देश्य गठिया रोग के बारे में लोगों को जागरूकता पैदा करना है। गठिया किसी भी आयु वर्ग के लोग को प्रभावित कर सकता है। गठिया के मुख्य लक्षण जोड़ों के आसपास लालिमा ,दर्द और सूजन है।
पांडुरंग शास्त्री एक दार्शनिक, आध्यात्मिक नेता, समाज सुधारक के रूप में जाने वाले एक जाना- माना नाम है। उनके द्वारा स्वाध्याय आंदोलन और स्वाध्याय परिवार की स्थापना की गई ।श्री भगवतगीता पर आधारित आत्मज्ञान आंदोलन उनमें से एक है। उनके जन्म दिवस को ‘मनुष्य गौरव दिन’ के रूप में मनाया जाता है 1999 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
चंडिका दास अमृत राव देशमुख’ एक प्रसिद्ध समाजसेवी थे। लेकिन जन- समाज में वह ‘नानाजी देशमुख’ के नाम से काफ़ी लोकप्रिय रहे। 1999 में उनको ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया ।2019 में मरणोपरांत ‘भारत रत्न ‘से भी वह नवाज़ा गया।
अपना पूरा जीवन भारत की स्वतंत्रता के लिए समर्पित करने वाले लाला हर दयाल माथुर एक प्रसिद्ध भारतीय क्रांतिकारी थे ।उन्होंने प्रसिद्ध क्रांतिकारी ‘ग़दर पाटी’ का गठन किया। देशभक्ति के साथ साहित्य के क्षेत्र में उनका अहम योगदान रहा। बौद्ध संस्कृति साहित्य पर उनको ‘डॉक्टरेट’ की उपाधि से सम्मानित भी किया गया।
उस दिन मैं बिना कुछ सोचे हुए ही भाई निराला जी से पूछ बैठी थी,” आपके किसी ने राखी नहीं बांधी?” ” कौन बहन हम जैसे भुक्कड़ को भाई बनावेगी?” मे, उत्तर देने वाले के एकांकी जीवन की व्यथा थी, या चुनौती ? यह कहना कठिन है ।पर जान पड़ता है किसी अन्य चुनौती के आभास ने ही मुझे उस हाथ के अभिषेक की प्रेरणा दी। उनके अस्त-व्यस्त जीवन को व्यवस्थित करने के असफल प्रयास का स्मरण कर मुझे आज भी हंसी आ जाती है। संयोग से उन्हें कहीं से ₹300 मिले। उन्होंने मुझे अपने खर्च का बजट बनाने का आदेश दिया। अस्तु : नमक से लेकर नापित तक और चप्पल से लेकर मकान के किराए तक का अनुमान- पत्र मैंने बनाया। उन्हें पसंद आया ।पर दूसरे ही दिन वह सवेरे आ पहुँचे। ₹50 चाहिए किसी विद्यार्थी की परीक्षा शुल्क भरना है वरना—–
दो मित्र – गाय दी मोपासां – नयनी दीक्षित
कहानी यह दर्शाती है कि चाहे सत्ता की लड़ाई हो ,दो देशों के बीच की लड़ाई हो, या अपने अपने ईगो की लड़ाई हो, सत्ता धारियों को कोई फ़र्क नहीं पड़ता बल्कि इस बात का खामियाजा़ एक आम आदमी ही उठाता है। इस कहानी में लेखक ने दो मित्रों को के द्वारा बेवज़ह मारे जाने वाले लोगों का उल्लेख किया है। वह दो मित्र जो फ्रांस में रह रहे हैं और किस तरह भुखमरी गरीबी और तकलीफ़ से गुजर रहे हैं और किस तरह इस लड़ाई में मारे जाते हैं ?दो मित्रों को केंद्र बनाकर लेखक ने बेवज़ह मारी जा रही जनता का मार्मिक वर्णन किया है,जिसे नयनी दीक्षित ने उसे उतनी ही भाव प्रधान आवाज़ में पेश किया है।
किचन के बर्तनो के माध्यम से एक दुसरे के महेत्वा को स्वीकार करने की बात इस कहानी ‘ गुडबाय डार्लिंग’ में कही गई है।
मात्र 19 वर्ष की आयु में इंग्लिश चैनल पार करने वाली हिंदुस्तान की जलपरी के नाम से मशहूर आरती साहा ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया ।इस कीर्तिमान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया।
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