दुनिया की शहरी चुनौतियों पर जोर देने और नए शहरी एजेंडा की दिशा में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को शामिल करने के लिए 2014 में यूएन-हैबिटेट द्वारा अर्बन अक्टूबर की शुरुआत की गई थी।
साल 1996 में 20 अक्टूबर को पहली बार विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस (World Osteoporosis Day) मनाया गया था। जिसकी शुरुआत यूनाइटेड किंगडम के नेशनल ऑस्टियोपोरोसिस सोसाइटी ने यूरोपीय आयोग के साथ मिलकर एक अभियान के साथ की थी।
चंडिका दास अमृत राव देशमुख’ एक प्रसिद्ध समाजसेवी थे। लेकिन जन- समाज में वह ‘नानाजी देशमुख’ के नाम से काफ़ी लोकप्रिय रहे। 1999 में उनको ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया ।2019 में मरणोपरांत ‘भारत रत्न ‘से भी वह नवाज़ा गया।
जीन बैप्टस सीमेन चार्डिन ने 200 से अधिक चित्रों की रचना की। इनका पसंदीदा विषय खेलने वाला बच्चा रहा। घरेलू अंदरूनी शैली के चित्रों का को इन्होंने बखूबी चित्रित किया। उनकी चित्रकारी में बच्चों और घरेलू गतिविधियों को बखूबी दर्शाया गया है
पिकासो ने 1907 से क्यूबिज़्म की शैली में काम किया। इस प्रवृत्ति को ज्यामितीय आकृतियों के उपयोग से अलग किया जाता है जो वास्तविक वस्तुओं को आदिम आकृतियों में तोड़ते हैं|मानव वेदना का जीवित दस्तावेज कहीं जाने वाली इन कलाकृतियों को बनाने के लिए पिकासो ने अपना सब कुछ कल को समर्पित कर दिया|
एक भारतीय अभिनेता, फिल्म निर्माता, फिल्म निर्देशक, लेखक और राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने हिंदी सिनेमा के मूक युग में अपना करियर शुरू किया था । वह इप्टा के संस्थापक सदस्यों में से एक के रूप में जुड़े थे और उन्होंने 1944 में मुंबई स्थित एक ट्रैवलिंग थिएटर कंपनी, पृथ्वी थिएटर की स्थापना की थी। वह हिंदी फिल्मों के कपूर परिवार के पितामह थे , जिनमें से चार पीढ़ियों ने उनसे शुरुआत की थी1969 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया इसके अलावा 1972 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से भी इन्हें नवाजा गया
विट्ठल भाई पटेल भारत के प्रख्यात विधान वेत्ता होने के साथ ही साथ एक महान क्रांतिकारी भी रहे। यह सरदार वल्लभभाई पटेल के बड़े भाई थे। पूर्ण स्वराज पाने के लिए वह किसी भी तरह अंग्रेजों से कोई भी समझौता नहीं करना चाहते थे। इनका संपूर्ण जीवन सिर्फ़ और सिर्फ़ देश के लिए ही समर्पित रहा।
कार्तिक और केशव दोनों मित्र हैं कार्तिक जब आईआईटी की परीक्षा में टॉप करता है तो उसके अंदर कहीं ना कहीं अहंकार आ जाता है और इसी कारण वह केशव से कुछ ऐसा कह देता है जिससे केशव का आत्मविश्वास और भी कम हो जाता है और वह फेल हो जाता है लेकिन हमेशा जीतने वाले को क्या कभी हार का सामना नहीं करना पड़ता और हमेशा हारने वाला क्या कभी जिंदगी में सफल नहीं हो सकता इस बात को दर्शाती है कहानी हार में भी जी जीत है
8 अगस्त 2000 को, और फिर यह 9 नवंबर 2000 को अधिनियम में बदल गया, नया राज्य उत्तरांचल भारत के 27वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। जनवरी 2007 में नए राज्य ने अपना नाम बदलकर उत्तराखंड कर लिया, जिसका अर्थ है “उत्तरी क्षेत्र” जो इस क्षेत्र का पारंपरिक नाम था।
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