अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ़ भारत की आज़ादी की मांग करते हुए जिसने हंसते-हंसते अपनी अपनी आखिरी सांस भी कुर्बान करने में ऐसी निडरता दिखाई जो भारतीय इतिहास के पन्नों में एक मिसाल बन अंकित हो गई। महान क्रांतिकारी भगत सिंह के यह स्वर ‘इंकलाब जिंदाबाद’ सबकी रगों में देशभक्ति का संचार कर गया।
पद्मश्री उड़न सिख मिल्खा सिंह का जन्मदिन है। स्वर्गीय मिल्खा सिंह का जन्म 20 नवंबर,1929 को मौजूदा पाकिस्तान के गोविंदपुरा शहर में हुआ था। उनका जीवन खेल को ही समर्पित रहा। मिलखा सिंह मरते दम तक खिलाड़ियों में जोश भरने का काम करते रहे।
देश के पहले गैर राजनीतिज्ञ राष्ट्रपति ए.पी.जे अब्दुल कलाम, जिनको उनके विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा। भारत के मिसाइल मैन के नाम से जाने जाने वाले अब्दुल कलाम जी ने मिसाइल प्रणाली को उड़ान दी। ‘पद्म भूषण’ और ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित होने वाले वह एक पहले ऐसे राष्ट्रपति बने जिन्हें राष्ट्रपति बनने से पूर्व ही ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया गया।
स्वामी विवेकानंद को अपना आध्यात्मिक गुरु मानने वाली मार्गरेट एलिजाबेथ नोबेल ‘भगिनी निवेदिता’ के नाम से प्रसिद्ध हुई। उन्होंने भारत देश को अपनी कर्मभूमि बनाया। विवेकानंद ने उन्हें ‘सिस्टर निवेदिता’ का नाम दिया ।स्वामी विवेकानंद के विचारों के प्रसार के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित किया।
खंडू भाई देसाई का जन्म 23 अक्टूबर, 1898 ई. को गुजरात के वलसाड ज़िले में हुआ था। वलसाड में आरंभिक शिक्षा के बाद वे मुम्बई के विलसन कॉलेज में भर्ती हुए। परंतु 1920 में महात्मा गाँधी के असहयोग आंदोलन में कॉलेज का बहिष्कार करके बाहर आ गए।
नोबेल के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक डायनामाइट का आविष्कार है.| नाइट्रोग्लिसरीन नामक एक रासायनिक पदार्थ में असीमित विस्फोटक शक्ति होती है. |नोबेल ने नाइट्रोग्लिसरीन की इस ताकत को पहचाना और उससे एक ऐसी खोज की, जिसने मानव इतिहास की दिशा बदल दी|अल्फ्रेड नोबेल शाही स्वीडिश वैज्ञानिक अकादमी के सदस्य भी थे| यही अकादमी अब नोबेल पुरस्कारों के लिए दुनिया भर से योग्य उम्मीदवारों का चयन करती है|
3 अक्टूबर 2010 में भारत ने पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी की ।खेलों के इतिहास में ये एक नई उपलब्धि थी। 1930 में कनाडा के हेमिल्टन शहर में राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत हुई थी ।जिसे 2010 में भव्य तरीके से दिल्ली में आगाज़ किया गया भारत 101 पदक लेकर दूसरे स्थान पर रहा। 177 पदको के साथ ऑस्ट्रेलिया का प्रथम स्थान रहा।
This is a 5 minutes talk of Dr. Anil Rajvanshi broadcast by All India Radio via 62 channels all over India on 10th January 2019. Here Dr. Rajvanshi sheds light on Gandhi ji’s innovative streak. He was a tinkerer and engineer. He was not anti science
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