21 अक्टूबर 1943 को आजाद हिंद सरकार की स्थापना हुई. आज़ाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से सुभाष चन्द्र बोस ने स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई.
सर छोटू राम, (जन्म-24 नवंबर 1881 – 9 जनवरी 1945) ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के एक प्रमुख राजनेता एवं विचारक थे। उन्होने भारतीय उपमहाद्वीप के ग़रीबों के हित में काम किया। इस उपलब्धि के लिए, उन्हें 1937 में ‘नाइट’ की उपाधि दी गई।
7 अक्टूबर, 1944 को संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्तावित ढांचे को प्रकाशित किया गया। इनमें प्रस्तावों पर आगे चलकर याल्टा सम्मेलन (फरवरी 1945) में विचार-विमर्श किया गया, जहां सोवियत संघ, अमेरिका एवं ब्रिटेन के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक हुई थी।
मात्र 19 वर्ष की आयु में इंग्लिश चैनल पार करने वाली हिंदुस्तान की जलपरी के नाम से मशहूर आरती साहा ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया ।इस कीर्तिमान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया।
रमन का जन्म 7 नवंबर, 1888 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में हुआ था। गणित व भौतिकी का माहौल इन्हें घर ने ही प्रदान किया था। इनके पिता चंद्रशेखर अय्यर गणित व भौतिकी के लेक्चरर थे। उन्हीं से रमन में विज्ञान व शिक्षण के प्रति लगाव पैदा हुआ।1928 में ‘रमन प्रभाव’ की खोज से इन्हें प्रसिद्धि मिली। 1930 में भौतिक विज्ञान में योगदान करने के कारण इन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 1954 में ‘भारत रत्न’ से भी यह नवाज़े गए।
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म मुगलसराय में हुआ ।वह 1964 में भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री बने। काशी विद्यापीठ से उन्हें ‘शास्त्री’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। उनके प्रधानमंत्री काल में 1965 में भारत ने पाकिस्तान को कारारी शिकस्त दी। उनके द्वारा दिया गया’ जय जवान, जय किसान’ का नारा जवानों और किसानों के श्रम को दर्शाता है ।उनके सादगी भरे जीवन और भारत के लिये अभूतपूर्व प्रेम को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
मात्र 19 वर्ष की आयु में इंग्लिश चैनल पार करने वाली हिंदुस्तान की जलपरी के नाम से मशहूर आरती साहा ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया ।इस कीर्तिमान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया।
यतीन्द्रनाथ दास का जन्म 27 अक्टूबर 1904 को कोलकता में हुआ था। जब वे नौ वर्ष के थे तभी उनकी माँ का देहान्त हो गया था। उनके पिता ने उनका पालन पोषण किया। पढ़ाई के दौरान ही जब गांधी जी ने असहयोग आन्दोलन आरम्भ किया तो यतीन्द्र भी आन्दोलन में कूद पड़े थे।
एक कामकाजी महिला के ऊपर समाज किस प्रकार शोषण करता है इसी बात दर्शाती है कहानी एक फलसफा जिन्दगी कहानी में सुभद्रा सुंदर सुशिक्षित लड़की है |जिसको कई बार नौकरी में शोषित किया जा रहा है| सुभद्रा कैसे इस बात से बाहर निकलती है जानने के लिए सुनते हैं स्वाति तिवारी की लिखी हुई कहानी एक फलसफा जिन्दगी ,अंजू जेटली की आवाज में
सोमा बुआ एक बूढ़ी, गरीब और अकेली महिला है जिसका जवान पुत्र 20 साल पहले गुजर गया है |पति भी घर-बार त्याग कर तीरथ वासी बन गया है किंतु सोमा बुआ दूसरों की खुशियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर अपनी खुशी और अपना अकेलापन दूर करने की कोशिश करती है किंतु क्या समाज भी उन्हें उसी रूप में स्वीकार कर पाता है और वह प्यार व सम्मान दे पाता है जैसा वह दूसरों को देना चाहती है भावुक कर देने वाली देने वाली मन्नू भंडारी की कहानी है अकेली आरती श्रीवास्तव जी की आवाज में |
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