कहानी मंदरीसर्पिणी नाम की जूं की है, जो रोज राजा के सोने के बाद उसका रक्त पान करती है |किंतु एक दिन अग्निमुख खटमल भी अपने को मेहमान बताकर राजा का रक्त पान करना चाहता है |अब इसके बाद कहानी में क्या होता है इसे जानने के लिए सुनते हो शिवानी आनंद की आवाज में पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी मुफ्त खोर मेहमान…
बनवारी जो पत्नी से बेहद प्रेम करता है, अपने हालदार परिवार के के बड़े बेटे होने का फर्ज न निभाते हुए केवल उसकी खुशी के लिए ही सब करता है लेकिन परिस्थिति तब बदल जाती है जब उसे पता चलता है कि उसकी पत्नी किरण की नज़र में उसका कोइ मोल नहीं और वह जी जान से अपने देवर के पुत्र हरिदास की देखभाल करते हुए कब उसकी पत्नी से ज्यादा हालदार परिवार की बड़ी बहू बन गई बनवारी को पता ही नहीं चला।
मिथ्याभिमान – Alka Saini (अल्का सैनी ) – Shivani Anand
सभी अनामिका की योग्यता से प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाते। किंतु उसका पति जयंत उसकी योग्यता की उड़ान को क्यों पिंजरे में बंद रखना चाहता है ?अनामिका क्यों ऐसा महसूस कर रही है कि जैसे उसके पति ने उसकी उड़ान को रोकने के लिए उसके पंख काट दिए हैं और फिर से वह आसमान से ज़मीन पर आ गिरी हो । जानिए इसके पीछे की कहानी अलका सैनी के द्वारा लिखी गई कहानी मिथ्याभिमान शिवानी आनंद की आवाज़ में..
कहानी में हरिदत्त नाम का एक ब्राह्मण अपने खेत में सांप के बिल के पास प्रतिदिन पूजा कर दूध रखता है और अगले दिन उसे दूध वाले पात्र में एक स्वर्ण मुद्रा प्राप्त होती है | इसके आगे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी ब्राह्मण और सर्प, शिवानी आनंद की आवाज में…
समय द्वारा अपने मनोरंजन के लिए वायु. जल, अग्नि और कई प्रकार के जीवों के उपरांत मनुष्य के बनाए जाने की कथा।
यतीन की मुलाकात चुनिया से उसकी चचेरी बहन पटल के घर पर होती है। अपने मजाकिया स्वभाव के चलते पटल दोनों को खूब छेड़ती है जिससे तंग आकर यतीन तो अपने घर चला आता है पर चुनिया उसका जाना सहन नहीं कर पाती और घर छोड़ कर चली जाती है। काफी समय बाद वह यतीन को फिर मिलती है हमेशा के लिए चले जाने के लिए।
कहानी दुखम शरणम गच्छामि में, इस जिंदगी में उम्र के और समय के हर पड़ाव पर तरह-तरह के दो खाते हैं ,निर्भर करता है कि हम उन दुखों से आत्मसात कैसे करते हैं? दुखों से किस प्रकार सामना करते हैं?कहीं दुख प्रेम का होता है ,कहीं दुख कैरियर को लेकर होता है, कहीं दुख शारीरिक होता है ,कहीं दुख पर पारिवारिक होता है और मानसिक होता है| अपने सारे दुखों से भागकर आप संन्यास नहीं ले सकते| उन दुखों की शरण में जाना, उन्हें आत्मसात करना उन दुखों से डील करना ही मानव का धर्म है| उसी पर यह कहानी आधारित है
कहानी जीवन की उस सत्यता से परिचय कराती है कि इंसान तभी अपनों की अहमियत का एहसास करता है, जब वह व्यक्ति उसके पास नहीं होता | कहानी में 62 वर्ष के राजीव निगम को जब सुबह यह पता चलता है कि उसकी पत्नी आरती रात में उसे और घर को छोड़कर कहीं चली गई है | तब राजीव निगम एहसास करता है कि आखिर 40 वर्ष साथ गुजारने के बाद, इस उम्र में आरती को यह कठोर फैसला क्यों लेना पड़ा होगा |धीरेंद्र अस्थाना की बेहद रोचक और दिल को छू लेने वाली कहानी है ‘पराधीन ‘,सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में…
महाभारत का युद्ध प्रारंभ से ही बड़ा ही भयंकर रूप ले चुका था| भीष्म पितामह के रहते हुए पांडव पुत्रों की विजय असंभव दिखाई पड़ रही थी| किंतु भीष्म ने स्वयं अपनी मृत्यु का रहस्य श्री कृष्ण के समक्ष रख दिया |महाभारत के युद्ध में पितामह भीष्म की किस प्रकार मृत्यु हुई और अर्जुन पुत्र अभिमन्यु ने किस प्रकार वीरगति को प्राप्त किया? इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी भीष्म -अभिमन्यु वध ,शिवानी आनंद की आवाज में…
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Dakshina Sharma