यह एक ऐसा प्रेम गीत है जिसमें कवि अपनी प्रेमिका को औरउसके प्रेम को हर पल महसूस कर सकता है |कैसे ?जानते हैं डॉ राजीव राज के द्वारा लिखी गई एक खूबसूरत प्रेम गीत उन्हीं की आवाज में….
मकान तो ईंटों और दीवारों से बनता है, लेकिन उसे घर बनाते हैं प्रेम, अपनापन और रिश्तों की गर्माहट।
कुछ रिश्ते जीवन में इतने सहज हो जाते हैं कि उनके अनगिनत योगदान को हम अक्सर शब्दों में व्यक्त ही नहीं कर पाते।
यह कविता उसी स्त्री के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है, जो अपने स्नेह, संवेदनाओं और साथ से एक साधारण-से घर को खुशियों और यादों का संसार बना देती है।
यह कविता हमें याद दिलाती है कि प्रेम केवल व्रत, परंपरा या किसी विशेष दिन का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने, सम्मान देने और जीवन भर साथ निभाने का सुंदर एहसास है।
सुनिए एक ऐसी कविता, जिसमें शायद आपको अपने जीवनसाथी की झलक दिखाई दे… और कुछ अनकही भावनाओं को शब्द मिल जाएँ।
यह एक ऐसा प्रेम गीत है जिसमें कवि अपनी प्रेमिका को औरउसके प्रेम को हर पल महसूस कर सकता है |कैसे ?जानते हैं डॉ राजीव राज के द्वारा लिखी गई एक खूबसूरत प्रेम गीत उन्हीं की आवाज में….
जब कोई प्रेम में होता है,
तो उसके लिए
प्रेम के अलावा
और कुछ भी
महत्त्वपूर्ण नहीं रह जाता।
हर सोच, हर एहसास
उसी एक व्यक्ति के
इर्द-गिर्द घूमने लगता है।
इसी सच्चे और गहरे अहसास को
बड़े सादेपन से
यह मधुर गीत सामने रखता है—
भावना तिवारी की आवाज़ में।
धुंए के छल्ले – Arvind saxena – Priya bhatia
जो तूने_दिया उसे हम याद करेंगे, हर पल तेरे मिलने की #फ़रियाद करेंगे, चले_आना जब कभी ख्याल आये मेरा, हम रोज़ खुदा से पहले “तुझे” याद करेंगे।
हमारे अंदर ईश्वर होता है अतः अपनी शक्ति पर पूर्ण विश्वास कर हम किसी भी परिस्थिति से निपट सकते हैं इस सत्य भावना को सजग करती हुई अनुपम ध्यानी की यह पंक्तियां…
Reviews for: Oos Hoon (ओस हूँ )
Average Rating
pragati sharma