किसी भी कवि की यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह समाज को अपने गीतों के माध्यम से समाज को मानवता का संदेश दे | इसी तरह की भावनाओं से ओतप्रोत है राजीव राज के द्वारा लिखा हुआ यह गीत
नारी ईश्वर की की सबसे सुंदर कृति है, किंतु समाज में नारी को क्या वह स्थान मिला है, जो उसे मिलना चाहिए |जब एक घर बनाने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाली नारी से यह कहा जाता है कि तुम क्या करती हो? यह भाव कितना असहनीय होता है | इसी संदर्भ में डॉक्टर राजीव राय की यह गीत इस हकीकत को उजागर करता है
अतीत की यादों की ओर ले जाने वाला यह गीत, जिसमें कवि जब एकांत बैठकर अपने बीते हुए कल को याद करता है और उसका चित्र उसके शब्दों में समाहित हो जाता है
किसी भी कवि की यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह समाज को अपने गीतों के माध्यम से समाज को मानवता का संदेश दे | इसी तरह की भावनाओं से ओतप्रोत है राजीव राज के द्वारा लिखा हुआ यह गीत
कविता के अंश में सिंदूरी शाम की सुंदरता का वर्णन किया गया है
किसी भी कवि की यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह समाज को अपने गीतों के माध्यम से समाज को मानवता का संदेश दे | इसी तरह की भावनाओं से ओतप्रोत है राजीव राज के द्वारा लिखा हुआ यह गीत
कई दिनों तक – Arvind saxena – Priya bhatia
एक ऐसा एहसास जब सारी बातें, सारे लोग ब़ेगाने से लगने लगे,जो कभी हमारी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा हुआ करते थे। ऐसा कब होता है ?और यह एहसास कब जन्म लेता है ?खूबसूरत शब्दों में पिरोया हुआ यह एहसास अरविंद सक्सेना की कविता कई दिनों से में सुनते हैं प्रिया की आवाज़ में..
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