किसी भी कवि की यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह समाज को अपने गीतों के माध्यम से समाज को मानवता का संदेश दे | इसी तरह की भावनाओं से ओतप्रोत है राजीव राज के द्वारा लिखा हुआ यह गीत
मकान तो ईंटों और दीवारों से बनता है, लेकिन उसे घर बनाते हैं प्रेम, अपनापन और रिश्तों की गर्माहट।
कुछ रिश्ते जीवन में इतने सहज हो जाते हैं कि उनके अनगिनत योगदान को हम अक्सर शब्दों में व्यक्त ही नहीं कर पाते।
यह कविता उसी स्त्री के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है, जो अपने स्नेह, संवेदनाओं और साथ से एक साधारण-से घर को खुशियों और यादों का संसार बना देती है।
यह कविता हमें याद दिलाती है कि प्रेम केवल व्रत, परंपरा या किसी विशेष दिन का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने, सम्मान देने और जीवन भर साथ निभाने का सुंदर एहसास है।
सुनिए एक ऐसी कविता, जिसमें शायद आपको अपने जीवनसाथी की झलक दिखाई दे… और कुछ अनकही भावनाओं को शब्द मिल जाएँ।
मकान तो ईंटों और दीवारों से बनता है, लेकिन उसे घर बनाते हैं प्रेम, अपनापन और रिश्तों की गर्माहट।
कुछ रिश्ते जीवन में इतने सहज हो जाते हैं कि उनके अनगिनत योगदान को हम अक्सर शब्दों में व्यक्त ही नहीं कर पाते।
यह कविता उसी स्त्री के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है, जो अपने स्नेह, संवेदनाओं और साथ से एक साधारण-से घर को खुशियों और यादों का संसार बना देती है।
यह कविता हमें याद दिलाती है कि प्रेम केवल व्रत, परंपरा या किसी विशेष दिन का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने, सम्मान देने और जीवन भर साथ निभाने का सुंदर एहसास है।
सुनिए एक ऐसी कविता, जिसमें शायद आपको अपने जीवनसाथी की झलक दिखाई दे… और कुछ अनकही भावनाओं को शब्द मिल जाएँ।
किसी भी कवि की यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह समाज को अपने गीतों के माध्यम से समाज को मानवता का संदेश दे | इसी तरह की भावनाओं से ओतप्रोत है राजीव राज के द्वारा लिखा हुआ यह गीत
यह एक ऐसा प्रेम गीत है जिसमें कवि अपनी प्रेमिका को औरउसके प्रेम को हर पल महसूस कर सकता है |कैसे ?जानते हैं डॉ राजीव राज के द्वारा लिखी गई एक खूबसूरत प्रेम गीत उन्हीं की आवाज में….
30 seconds of positive energy, positive poetry.
स्थिरता और स्थायित्व सुनने और समझने में एक जैसे लगते हैं किंतु स्थिरता हम यह कह सकते हैं जैसे उसने कभी हार ना मानी हो स्थायित्व जिसने कभी लड़ा ही ना हो….. , इसके मूल रूप को समझने के लिए सुनते हैं अनुपम ध्यानी की आवाज में यह कविता….
अतीत की यादों की ओर ले जाने वाला यह गीत, जिसमें कवि जब एकांत बैठकर अपने बीते हुए कल को याद करता है और उसका चित्र उसके शब्दों में समाहित हो जाता है
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subodhnitu
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9956934048