एक आलीशान कॉलोनी के बीच में एक मैदान जहां पर गरीब बस्ती के लोग ,बच्चे खेलते- कूदते आते -जाते और सर्दियों में धूप सेंकते हैं किंतु आलीशान बंगलों में रहने वालों को यह बात नागुज़ार है तो क्या ये अमीर लोग अपनी झूठी शान के ख़ातिर उस मैदान के साथ ऐसा कुछ करेंगे कि जिससे कोई गरीब आदमी उस मैदान में आये ही ना । क्या होगा? जानने के लिये सुनतें हैं अंजना वर्मा की कहानी नंदन पार्क ,विनीता श्रीवास्तव की आवाज़ में..
पैसे की चाहत में हम कभी कभी अपने अपने सबसे प्रिय और उपयोगी चीज का भी सौदा करने से पहले नहीं सोचते | ऐसा ही कुछ बड़ी संजीदगी के साथ उल्लेख किया गया है अंजना वर्मा जी की कहानी सौदा में, सुनते हैं विनीता श्रीवास्तव की आवाज में…
जब तक बातें होती रहतीं, उन्हें लगता कि वे एक चलती-फिरती, जीती-जागती दुनिया से जुड़े हुए हैं, वरना इस शहर के अनजाने चेहरों के समुद्र में एक भी पहचाना चेहरा उन्हें नजर नहीं आता था। तब उनकी मनःस्थिति एक भटके हुए जहाज की हो जाती। कहाँ जाएँ… क्या करें… सब कुछ अपरिचित… अटूट एकाकीपन| विधुर रविंद्र बाबू अपने बेटे- बहू के पास आए हुए | बेटा और बहू दोनों नौकरी- पेशा है |घर में सारी सुविधाएं होने के बावजूद एकाकीपन परेशान कर रहा है एकाकीपन से बचने के लिए यहां -वहां लोगों से अपना परिचय बढ़ा रहे हैं किंतु क्या यह उनका प्रयास उनका एकाकीपन दूर कर पाता है? क्या होता है आगे रविंद्र बाबू जी की जिंदगी में ?जानने के लिए सुनते हैंअंजना वर्मा जी के द्वारा लिखी गई कहानी यहाँ-वहाँ हर कहीं,पूजा श्रीवास्तव जी की आवाज में…
पेड़ पौधे बिना कुछ कहे बहुत कुछ महसूस कर सकते हैं |उनके अंदर बहुत ही जिजीविषा होती है लेखिका ने बेहद सरल और सजीव शब्दों में एक अनाम पेड़ के भीतर चल रहे कौतूहल को बड़ी खूबसूरती के साथ वर्णन किया है| जो पढ़ने और सुनने में बेहद रोचक है ,अंजना वर्मा जी के द्वारा लिखी गई कहानी पेड़ का तबादला सुनते हैं विनीता श्रीवास्तव की आवाज में ….
त्रास – रवींद्र कालिया – विनीता श्रीवास्तव
एक लड़का जो काफी समय से अपने मां-बाप ,परिवार से दूर अलग रह रहा है ।अब अलग और अकेले रहने पर उसकी ज़िन्दगी कुछ उदासीन हो गई है लेकिन जब उसके मां-बाप उससे मिलने आते हैं और उसके जीवन का विश्लेषण करते हैं तो बहुत सी बातें निकल कर आती है ।कहानी में मां अपने बेटे की इस स्थिति से अवगत हो रही है किंतु अपने को उसके सामने सामान्य दिखाने की कोशिश में लगी है ।कहानी में मां और बेटे के कई प्रसंग आपको इमोशनल कर देते हैं ।सुनिए रवींद्र कालिया की लिखी कहानी त्रास, विनीता श्रीवास्तव की आवाज़ में
बिंदा लेखिका की की बचपन की सहेली है| जो लेखिका के पड़ोस में ही रहती है| बिंदा की सौतेली मां उसे खूब सताती है और घर का सारा काम करवाती है |बिंदा का मातृप्रेम से वंचित रहना और अपनी सौतेली मां के क्रूर व्यवहार को सहन करने के कारण क्या बिंदा का बचपन खिलने से पहले ही मुरझा जाएगा ? महादेवी वर्मा जी की बेहद हृदयस्पर्शी कहानी बिंदा मे जानिए ,जिसे विनीता श्रीवास्तव ने अपनी आवाज दी है…
पति -पत्नी का रिश्ता जो एक दूसरे के साथ पूरा जीवन बिता देते हैं किंतु क्या यह सच्चाई नहीं कि वह एक दूसरे के मन की तालों को जीवन भर नहीं खोल पाते ।एक खूबसूरत विपिन जैन की कहानी अलमारी और कागज का टुकड़ा में इस अहसास को किस तरीके से रखा गया है जानिए विनीता श्रीवास्तव की आवाज़ में…
कंप्यूटर जिसने अपने होने से पूरी दुनिया को बदल सा`दिया है | कैसे यह अविष्कार एक मनुष्य को क्रूरता की चरम सीमा तक पहुंचा सकता है |व्यक्ति के जीवन में काम का एडिक्शन उसे अपनों से दूर कर सकता है |ऐसा ही कुछ कहानी के नायक सुदीप मलिक के जीवन में चल रहा है और आज उसने क्रूरता की हद पार कर दी है और वह कटघरे में खड़ा है| सुनते हैं आकांक्षा पारे के द्वारा लिखी गई दिल को झकझोर देने वाली कहानी “शिफ्ट+कंट्रोल+ऑल्ट=डिलीट” विनीता श्रीवास्तव की आवाज में….
सफ़ाई पसंद – विपिन जैन – विनीता श्रीवास्तव
इसमें कोई दो -राय नहीं कि साफ़-सफ़ाई एक बहुत अच्छी आदत है लेकिन ज्यादा साफ़- सफ़ाई की धुन कभी-कभी मुश्किल में भी डाल देती है। कहानी की नायिका विभा कुछ ज्यादा सफ़ाई पसंद है और ऐसे में उसके पति का क्या अनुभव रहता है ?जानिए विपिन जैन के द्वारा लिखी गई कहानी सफ़ाई पसंद ,विनीता श्रीवास्तव की आवाज़ में…
इस कहानी में एक पिता और बेटे के कहे अनकहे जज़्बातों को , उनके एहसासों को बड़ी सच्चाई और ख़ूबसूरती के साथ प्रस्तुत किया गया है।
आज राजी एक शादीशुदा महिला है पति और बच्चे सब है | किंतु आज राजी को अपने बचपन के दोस्त की याद बहुत आ रही है |बचपन के वह बिताए हुए दिन, किस्से –कहानियां, वह हंसी ,वह सब कुछ | राजी के बचपन में ऐसा क्या था और वह अपनी कौन सी बातों को स्मरण कर रही है ?जानने के लिए सुनते हैं सूर्यबाला के द्वारा लिखी गई कहानी कागज की नाव में चांदी के बाल ,निधि
22- 23 साल कीकी साल कीएकखूबसूरत युवती रेस्तरां में बैली डांसर है |उसकी विवशता ने उसे बेली डांसर बना दिया है किंतु अब यही डांस उसका जीवन है, उसकी रोजी -रोटी है|इसके चलते ही वह अपनी बीमार मां का इलाज करा रही है |बेहद मार्मिक ,संवेदना से भरपूर अंजना वर्मा जी के द्वारा लिखी गई कहानी बेली डांस ,सुनते हैं विनीता श्रीवास्तव की आवाज में…
रतनी बचपन से ही दबंग लड़की रही है |बात-बात पर गालियां देने से भी परहेज नहीं करती |अब उसकी इन आदतों की वजह से उसे कोई विवाह नहीं करना चाहता| रतनी ऐसी क्यों बन गई? क्या है रतनी से नैना जोगिन बनने तक का उसका सफर |जानने के लिए सुनते हैं फणीश्वर नाथ रेणु द्वारा लिखी गई कहानी नैना जोगिन ,सुमन वैद्य की आवाज में ..
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