सूबेदार जोगिंदर सिंह शूरसैनी राजपूत (26 सितंबर 1921 – 23अक्टूबर1962) सिख रेजिमेंट के एक भारतीय सैनिक थे। इन्हें 1962 के भारत-चीन युद्ध में असाधारण वीरता के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।साल 1962 का भारत-चीन युद्ध में एक हीरो ऐसा भी था जिसने गोली लगने के बाद भी हार नहीं मानी और युद्ध के मैदान में डटा रहा. ये हीरो कोई और नहीं बल्कि सूबेदार जोगिंदर सिंह थे,जोगिंदर सिंह ने ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारे लगाते हुए चीनी सेना पर हमला किया था और अकेले फौज पर भारी पड़े|
अब्दुल हमीद मसऊदी (1 जुलाई 1933 – 10सितम्बर 1965)भारतीय सेना की 4 ग्रेनेडियर में एक सिपाही थे जिन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान खेमकरण सैक्टर के आसल उत्ताड़ में लड़े गए युद्ध में अद्भुत वीरता का प्रदर्शन करते हुए वीरगति प्राप्त की जिसके लिए उन्हें मरणोपरान्त भारत का सर्वोच्च सेना पुरस्कार परमवीर चक्र मिला।युद्ध में शहीद होने से पहले पाकिस्तानी सेना के आठ पैटन टैंको को नष्ट कर लड़ाई का रुख पलट दिया था| पाकिस्तान को भागना पड़ा था और इस तरह से भारतीय सेना को विजय मिली थी
कर्नल होशियार सिंह ( 5 मई, 1937- 6 दिसम्बर, 1998) परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय व्यक्ति है।1971 की भारत-पाकिस्तान की जंग भारतीय सैनिकों की वीरता और पराक्रम का एक शानदार उदाहरण है। इस जंग से जुड़े जवानों के बहादुरी के कई किस्से हैं। इस युद्ध में यूं तो चार जांबाजों को सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से नवाजा गया था, मगर सिर्फ एक जांबाज मेजर होशियार सिंह ऐसे थे जिन्हें यह पुरस्कार जीवित रहते मिला।
दीपक के पाँच संदेश – भाग 5
दिवाली पर संदीप द्विवेदी के पाँच संदेश.
अल्बर्ट एक्का ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में भाग लिया था, जहां वह दुश्मनों से लड़ते हुए वे शहीद हो गए थे| मरणोपरांत उन्हें देश की सर्वश्रेष्ठ सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया था|बता दें कि जंग के दौरान उन्हें 20 से 25 गोलियां लगी थी| उनका पूरा शरीर दुश्मन की गोलियों से छलनी हो गया था|
साल 1996 में 20 अक्टूबर को पहली बार विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस (World Osteoporosis Day) मनाया गया था। जिसकी शुरुआत यूनाइटेड किंगडम के नेशनल ऑस्टियोपोरोसिस सोसाइटी ने यूरोपीय आयोग के साथ मिलकर एक अभियान के साथ की थी।
इटली के विश्व संरक्षण संगठन सम्मेलन में ‘विश्व पशु दिवस’ मनाने की घोषणा की गई। जर्मन लेखक ज़िमर्मन ने1925 में बर्लिन में प्रथम विश्व पशु दिवस का आयोजन किया। उनके अथक प्रचार एवं प्रसार के कारण 1931 में वैश्विक स्तर पर विश्व पशु दिवस मनाने की शुरुआत की गई ।जिसका उद्देश्य पशु कल्याण मानकों में सुधार करना था।
क्या आप जानते हैं कि जिस परीक्षा के नाम से हम सभी को इतना भय लगता है ,असल में परीक्षा की वह प्रक्रिया हमारी जिंदगी में कौन सा गुण विकसित करती है ? निश्चित तौर पर संदीप द्विवेदी के द्वारा पास- फेल से ऊपर परीक्षा का उद्देश्य को सुनकर , परीक्षा को लेकर भय की स्थिति पर भी एक सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे…
Women’s Day Special – Breaking Barriers
हर दौर में कुछ स्त्रियाँ ऐसी होती हैं जो सीमाओं को स्वीकार नहीं करतीं—वे उन्हें बदल देती हैं।
“Breaking Barriers” उन स्त्रियों की कहानियों का विशेष संग्रह है जिन्होंने साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास के साथ समाज की रूढ़ियों और चुनौतियों को पार किया।
इन कहानियों में आपको मिलेंगी ऐसी स्त्रियों की प्रेरक यात्राएँ, जिन्होंने परिस्थितियों से लड़कर अपनी पहचान बनाई, अपने सपनों को सच किया और दूसरों के लिए रास्ते खोले।
ये सिर्फ संघर्ष की कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि उम्मीद, आत्मबल और परिवर्तन की कहानियाँ हैं—जो हमें याद दिलाती हैं कि हर बाधा के पार एक नई संभावना छिपी होती है।
इस Women’s Day पर सुनिए उन आवाज़ों को
जो कहती हैं — सीमाएँ टूट सकती हैं, अगर हिम्मत हो।
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pragati sharma