यह कविता आपको इस आधार पर प्रेरित करेगी और ईश्वर के प्रति आपका विश्वास तथा प्रेम बढायेगी कि कई बार ईश्वर को जब निखारना होता है तो वो आपको हमें मुश्किलों से घेर देते हैं। क्योंकि तभी हम निकलने का प्रयास करेंगे और इस परीक्षा से निकलने के बाद एक अलग ही ऊर्जा रहेगी। सफलता का अलग ही आनंद होगा।। इसके लिए हमने भगवान् श्री कृष्ण और महारथी कर्ण के बीच की गाथा को लिया है। कर्ण कौरव पक्ष की ओर होकर भी इसलिए वंदनीय है क्योंकि उसने सब बहुत संघर्ष से हासिल किया है। अपने आपको कई गुणों से सज्जित किया है। भगवान् कृष्ण भी कर्ण की प्रशंसा करते नही थकते लेकिन उन्होंने कभी अधिक पक्ष नही लिया और फिर भी कर्ण की कीर्ति सारे संसार में है।। और यह कविता कर्ण की कीर्ति का कारण श्री कृष्ण को मानते हुए बढ़ती है। अब ये किस तरह.. यह कविता सुनते हुए स्पष्ट होगा। आशा है यह कविता आपको प्रेरित करेगी। महाकवि दिनकर जी की ‘रश्मिरथी’ और शिवा जी सावंत जी की ‘मृत्युंजय’और बी आर चोपड़ा जी की ‘महाभारत’ से कर्ण का त्यागी जीवन परिचय मिला है मुझे।इनको पढ़ता हूँ।प्रेरित होता हूँ।।। बस वही से कर्ण को जो समझा।। उसी से ये कल्पना भीतर बढ़ी और प्रयास किया।
अक्टूबर 1962 में चीन -भारत युद्ध में पैन्गाॅग झील के उत्तर में मेजर धन सिंह थापा ने 8 गोरखा राइफल्स के प्रथम बटालियन की कमान संभाली। चीनी सेना ने जब इस पोस्ट को घेर लिया था ,ऐसे में मेज़र थापा और उनके साथियों ने इस पोस्ट पर होने वाले तीनों आक्रमणों को असफल कर दिया। युद्ध के दौरान उनके सराहनीय प्रयास के कारण इन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
क्या आप जानते हैं कि जीवन में बड़ी सफलता कहाँ छुपी होती है और हमें वह कैसे प्राप्त होती है? इस संदर्भ में सुनते हैं संदीप द्विवेदी को…
लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे को 1948 में परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राणा की भूमिका आव्दितीय थी। बारूदी सुरंग हमारी बटालियन की उन्नति में बाधा बन रही थी। ऐसे में राणे के नेतृत्व में गोलियों की बौछार के बीच बारूदी सुरंग को साफ़ करने का जिम्मा राणे ने बखूबी निभाया ।यह परमवीर चक्र पाने वाले पहले जीवित व्यक्ति थे। 11 जुलाई 1994 को इनका निधन हो गया।
अब्दुल हमीद मसऊदी (1 जुलाई 1933 – 10सितम्बर 1965)भारतीय सेना की 4 ग्रेनेडियर में एक सिपाही थे जिन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान खेमकरण सैक्टर के आसल उत्ताड़ में लड़े गए युद्ध में अद्भुत वीरता का प्रदर्शन करते हुए वीरगति प्राप्त की जिसके लिए उन्हें मरणोपरान्त भारत का सर्वोच्च सेना पुरस्कार परमवीर चक्र मिला।युद्ध में शहीद होने से पहले पाकिस्तानी सेना के आठ पैटन टैंको को नष्ट कर लड़ाई का रुख पलट दिया था| पाकिस्तान को भागना पड़ा था और इस तरह से भारतीय सेना को विजय मिली थी
तिलिस्मी दुनिया जहां बड़े लोग, बड़े व्यापार, बड़ी पार्टियां, बड़ी सुंदरता ,बड़ी मारकाट ,बड़ी सफलता और चकाचौंध कर देने वाली जिंदगी को पाने के लिए इंसान ऐसी नींद के आगोश में चला जाता है कि उसके कारण वह अपने सच्चे रिश्ते, सच्चा प्यार और यहां तक की अपने से भी प्यार करना भूल जाता है |वह समझ नहीं पाता है कि उस नींद के बाहर की दुनिया अब उसके लिए कितनी अजनबी हो चुकी है ?एक आम -इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी में आए हुए कई बदलावों को चित्रित करती हुई धीरेंद्र अस्थाना की कहानी नींद के बाहर ,सुनते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में
अमेरिका ने ऑपरेशन इंड्योरिंग फ्रीडम के तहत 7 अक्टूबर को अफगानिस्तान में हवाई हमला शुरू किया. नवंबर-दिसंबर में 1300 अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान पहुंचे
10 अक्तूबर के दिन वर्ष 1970 में 96 वर्ष के ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के बाद फिजी को आधिकारिक रूप से स्वतंत्रता प्रदान की गई थी। फिजी दक्षिण प्रशांत महासागर में एक देश और द्वीप समूह है। यह न्यूज़ीलैंड के आकलैंड से करीब 2000 किमी |
Reviews for: Mere Alawa Sab Behtar (मेरे अलावा सब बेहतर)
Average Rating
pragati sharma