वक़्त के महेत्वा को दर्शाती हुई मेरी ये छोटी से कहानी ‘गुन्हेगार’ है।
प्यार और वेभिचार के बीच में एक बारीक तंतु होता है उसी तंतु के आधार पर आप एक नाजायज़ कही जाने वाली संतान को ईश्वरीय उपहार के रूप में भी स्वीकार कर सकती है। इसी बात का आंकलन करती हुई दिखाई देती है मेरी यह कहानी ‘ ईश की माँ ‘
इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के द्वारा की गयी आत्मा हत्या के पीछे छुपे राज़ पर बात करती हुई दिखाई देती है यह कहानी ‘ अब अभिमन्यु नहीं मरेगा ‘
हिंदी और अंग्रेजी भाषा के सामान महेत्वा को दर्शाती हुई मेरी ये कहानी ‘चोला उतार दो’ है.
बाल मनो विज्ञानं को दर्शाती हुई मेरी ये कहानी ‘ पहली चोरी ‘ है।
किचन के बर्तनो के माध्यम से एक दुसरे के महेत्वा को स्वीकार करने की बात इस कहानी ‘ गुडबाय डार्लिंग’ में कही गई है।
बाल मनो विज्ञानं को दर्शाती हुई मेरी ये कहानी ‘ पहली चोरी ‘ है।
बाल सोषड़ कभी भी न ख़त्म होने वाली हमारे समाज की एक बड़ी समस्या है। इस समस्या का दुखद पहलु ये है की सिर्फ छोटे बच्चो से काम करवाने वाला केवल मालिक ही गुन्हेगार नहीं है बल्कि उनके माता-पिता भी इन बच्चो को पैसा कमाने वाली मशीन समझे हुए है। ऐसे ही कुछ सवाल उठाये गए हैं मेरी इस कहानी ‘ एटीएम मशीन के द्वारा ‘
इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के द्वारा की गयी आत्मा हत्या के पीछे छुपे राज़ पर बात करती हुई दिखाई देती है यह कहानी ‘ अब अभिमन्यु नहीं मरेगा ‘
भूत की कल्पना के माध्यम से आम लोगो के घमंड को तोड़ने का प्रयास किया गया है इस कहानी ‘भूत की बातों’ में।
इंसानी मनोवृतियों तथा उसकी अनगिनत मजबूरियों को इस कहानी ‘राजहंस’ के माध्यम से दर्शाया गया है।
उर्वशी एक आधुनिक लड़की है जो होशियार होने के साथ ही जीवन में कुछ कर दिखाने की चाहत रखती है। प्रेम विवाह कर पति से उपेक्षित होने के बाद भी उसने हिम्मत न हारते हुए अपनी जिंदगी में कुछ कर दिखाने की चाहत को पूरा करने का प्रयास किया जिसमें उसकी खूबसूरती ही उसके लिए सबसे बड़ी बाधा बन गई। उसकी जिंदगी एक कटी पतंग की तरह झूलने लगी।
कहानी का नायक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर है |उसकी एक शिष्या शाश्वती उसी के मार्गदर्शन में हिंदी साहित्य में पी.एच.डी कर रही है| शाश्वती का अपने गुरु के प्रति एक अलग प्रकार का आत्मीय रिश्ता जुड़ जाता है जिसके कारण प्रोफेसर साहब की जिंदगी में उथल-पुथल हो जाती है | गुरु और शिष्या के संबंधों के बीच क्या होगा? जानने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ जी द्वारा लिखी गई कहानी शाश्वती ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज..
कहानी का नायक शेखर अपने मां के मृत्यु का समाचार प्राप्त करके दुखी है| शेखर के मानसिक व्यथा को जानने के लिए सुनते हैं अज्ञेय के द्वारा लिखी गई कहानी दुख और तितलियां ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
Credit: Josh Talk
https://www.youtube.com/watch?v=XWQlMArBjzI&t=18s
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