कहानी मंदरीसर्पिणी नाम की जूं की है, जो रोज राजा के सोने के बाद उसका रक्त पान करती है |किंतु एक दिन अग्निमुख खटमल भी अपने को मेहमान बताकर राजा का रक्त पान करना चाहता है |अब इसके बाद कहानी में क्या होता है इसे जानने के लिए सुनते हो शिवानी आनंद की आवाज में पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी मुफ्त खोर मेहमान…
अम्मा जब आगरा जाने लगी तो हफ्ता भर के लिए उन्होंने मुझे बेगम जान के पास छोड़ दिया। नवाब साहब , बेगम जान से शादी करके कुल साज़-ओ- सामान के साथ ही घर में रखकर भूल गए ।बेगम जी जान छोड़ कर बिल्कुल ही यासो हसरत की पोट ही बन गई। रब्बो ने उन्हें नीचे गिरते- गिरते संभाल लिया साथ खाती, साथ उठती -बैठती और माशाअल्लाह! साथ ही सोती थी। रब्बो और बेगम जान आम जलसों और मज़मूओ की दिलचस्प गुफ्तगू का मौजूँ थी। जहाँ उन दोनों का जिक्र आया और कहकहे उठे। लोग जाने क्या-क्या चुटकुले गरीब पर उड़ाते।
कहानी का मुख्य पात्र नरेंद्र एक चित्रकार है |उसे कम समय में ही प्रसिद्धि इसलिए प्राप्त हो गई क्योंकि वह जो भी चित्र बनाता था उसमें अपनी सारी योग्यता लगा देता था |नरेंद्र को चित्रकारी में ऐसी महत्वाकांक्षा थी कि वह ऐसा चित्र बनाना चाहता था जिसमें उसकी भावनाएं और विचारों का अद्भुत संगम नजर आए|नरेंद्र को इस संदर्भ में एक कला प्रदर्शनी में चित्र बनाने का मौका प्राप्त हुआ, उस कला प्रदर्शनी के लिए नरेंद्र कौन सा चित्र बनाएं अमर हो जाए ऐसी महत्वाकांक्षा उस की चरम सीमा पर थी |कहानी के अंत में आखिर नरेंद्र ने ऐसा चित्र बनाया, जिससे वह अमर तो हो गया किंतु उस चित्र को बनाने के लिए उसने अपने जीवन की क्या कीमत चुकाई ? यह कहानी का बेहद मार्मिक प्रसंग है |जिसे जान सकते हैं रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी अंतिम प्यार में, शिवानी आनंद की आवाज में….
कुसुम जिसे घाट पर बैठकर घंटो पानी की लहरें देखना अच्छा लगता था, अपने वैधव्य के बाद प्रेम में पड़कर उसे न पा सकने के दुख को बर्दाश्त न करते हुए उसी घाट पर उन्ही लहरों में समा गई।
पाषाणी मृगमयी नाम की एक लड़की की कहानी है, जिससे अपूर्व नाम के लड़के को प्रेम होता है तथा वह उससे विवाह भी करता है। किंतु मृगमयी की प्रकृति से बचपना है की जाने का नाम नहीं लेता। परिस्थितियां विपरीत तब होती हैं जब अपूर्व कई वर्षो के लिए कलकत्ता चला जाता है और लौट कर नहीं आता…
गुरु नानक देव जी की 500 जयंती के अवसर पर अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की स्थापना की गई।यह पंजाब राज्य विधानमंडल द्वारा पारित एक अधिनियम द्वारा स्थापित किया गया था। विश्वविद्यालय को यूजीसी द्वारा “उत्कृष्टता की क्षमता वाले विश्वविद्यालय” का दर्जा भी दिया गया है।
कहानी में बड़ी सहजता के साथ ही समझा जा सकता है कि आखिर सत्य क्या है ?खाना, कपड़ा और मकान जिंदगी का सबसे बड़ा सत्य है| इसी बीच मनुष्य की धूर्तता उतना ही बड़ा सच है ,किस तरह मनुष्य अपने जोड़-तोड़ से इस संसार को चला रहा है और यही जोड़-तोड़ से युगों -युगों तक संसार में चलता रहेगा लेकिन रोटी, कपड़ा और मकान का सत्य कभी नहीं बदलेगा कैसे ? सुनते हैं हैं रांगेय राघव के द्वारा लिखी गई कहानी ‘बिल और दाना ‘,नयनी दीक्षित की खूबसूरत आवाज में …
सोमा बुआ एक बूढ़ी, गरीब और अकेली महिला है जिसका जवान पुत्र 20 साल पहले गुजर गया है |पति भी घर-बार त्याग कर तीरथ वासी बन गया है किंतु सोमा बुआ दूसरों की खुशियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर अपनी खुशी और अपना अकेलापन दूर करने की कोशिश करती है किंतु क्या समाज भी उन्हें उसी रूप में स्वीकार कर पाता है और वह प्यार व सम्मान दे पाता है जैसा वह दूसरों को देना चाहती है भावुक कर देने वाली देने वाली मन्नू भंडारी की कहानी है अकेली आरती श्रीवास्तव जी की आवाज में |
Reviews for: Kutta Jo Videsh Chala Gya (कुत्ता जो विदेश चला गया)