शास्त्री जी किसी जजमान के यहां से जलपान करके मग्न होकर रास्ते में चले जा रहे होते हैं ,तभी अचानक से एक मोटर गाड़ी छप-छप करती हुई निकलती है और कीचड़ के छींटे उनके मुख और कपड़ों पर पड़ जाते हैं | शास्त्री जी इस बात का प्रतिशोध किस प्रकार मोटर चलाने वाले से लेते हैं? जानने के लिए सुनते हैं सुनते हैं रोचक कहानी मोटर की प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई रोचक कहानी मोटर की छींटे ,सुमन वैद्य जी की आवाज में….
मि. कानूनी कुमार, एम.एल.ए. अपने आँफिस में समाचारपत्रों, पत्रिकाओं और रिपोर्टों का एक ढेर लिए बैठे हैं। देश की चिन्ताओं से उनकी देह स्थूल हो गयी है; सदैव देशोद्वार की फिक्र में पड़े रहते हैं जिन कानूनी कुमार जी का देश की समस्याओं से मन हमेशा परेशान रहता है आखिर उनके घर की कानून व्यवस्था के का क्या हाल है जानने के लिए सुनते हैं हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी मिस्टर कानूनी कुमार ,सुमन वैद्य जी की आवाज में
महाशय मेहता उन अभागों में से हैं जिनको अपनी मेहनत के हिसाब से प्रशंसा या पुरस्कार नहीं मिलता| किंतु अब उन्होंने सोच लिया है कि वह राजा साहब के आगे स्तुति गान करेंगे| इसके चलते वह शीघ्र दीवान बन गए |किंतु मेहता जी की परेशानियां यहीं खत्म नहीं हुई ,आगे अब क्या क्या हुआ? पूरी बात जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी रियासत का दीवान ,सुमन वैद्य की आवाज में
“नौं” साल और “चौदह” के दो सगे भाई हैं । स्वभाव से विपरीत। किंतु बड़ा भाई, छोटे भाई को उस समय की लघुता का एहसास दिलाता है जब छोटे भाई को अपनी सफलता पर घमंड होने लगता है । ये सब किस प्रकार होता है और क्या होता है? कहानी बड़े भाईसाहब मे जानेंगे?
हीरा और मोती नाम के दो बैलों की कहानी है दोनों एक साथ रहते हैं और एक दूसरे के बहुत अच्छे मित्र हैं झूरी उनका मालिक है झूरी का साला इन दोनों बैलों को अपने साथ ले जाता है वहां जमकर काम करवाता है और खाने को कुछ भी नहीं देता है दोनों बैल वहां से भाग जाते हैं यहां से शुरू हो जाती है उनके संघर्ष की कहानी क्या फिर से अपने मालिक के पास पहुंच पाते हैं उनके साथ क्या होता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद्र जी के द्वारा लिखी गई कहानी दो बैलों की कथा सुमन वैद्य जी की आवाज में
अलग-अलग जाति से संबंध रखने वाले एक ऐसे प्रेमी युगल की कहानी जो एक दूसरे से प्रेम करते हैं विवाह भी करना चाहते हैं किन्तु सामाजिक बाधाओं के डर से डर कर कायरों की भांति पीछे हट जाते हैं
एक बार कृष्णदेव राय ने उदारता दिखाते हुए एक बूढ़े भिखारी को शॉल पहनाया| सब ने राजा की बहुत तारीफ करी किंतु तेनाली रामा कुछ नहीं बोले |ऐसे में राजा को क्रोध आ गया |क्या कारण था कि तेनालीरामा ने राजा की उदारता पर प्रसन्नता नहीं नहीं जाहिर की| पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी बूढ़ा भिखारी शिवानी आनंद की आवाज में
द्रौपदी स्वाभिमानिनी है। वह अपमान सहन नहीं कर सकती। वह अपना अपमान नारी जाति का अपमान समझती है। वह नारी के स्वाभिमान को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी बात को स्वीकार नहीं कर सकती। वह अन्यायी और अधर्मी पुरुषों से संघर्ष करने वाली है। जानते हैं कैसे ?द्वारिका प्रसाद महेश्वरी के द्वारा लिखी गई सत्य की जीत ( भाग – 2),नयनी दीक्षित की आवाज़ में
एक ऐसी मुसलमान राजकुमारी की कहानी जिसने अपनी सेना के हिंदु सेनापति के लिए अपना धर्म और राज्य सब छोड़ दिया लेकिन अपने प्रेम को ना प्राप्त कर सकी।
अनजान,अजीब सी लडकी …जो अक्सर लाल स्कार्फ बांधे रहती…..कभी कभी काला भी… लड़की जब घरौंदे बनाती तो लाल स्कार्फ पहनती और जब उनको मिटाती तो काला आखिर क्या राज है इसके पीछे ?जानने के लिए सुनते हैं कहानी लाल स्कार्फ वाली लड़की ,अंजू जेटली की आवाज में
कहानी में आइरिन ,जैक्स की प्रेमिका है| जैक्स का आइरिन के प्रति प्रेम बहुत गहरा और अत्यधिक स्नेह से भरा हुआ है | जैक्स का जीवन के प्रति दृष्टिकोण बहुत ही व्यवहारिक और सकारात्मक है | आइरिन एक शादीशुदा महिला है जो नव वर्ष की पूर्व रात्रि पर अचानक से जैक्स के घर रोते हुए पहुंची है |उसका कहना है कि उसका पति उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता है| ऐसे में आइरिन ,जैक्स से क्या चाहती है ?और जैक्स क्या निर्णय लेता है| उन दोनों की प्रेम की पराकाष्ठा कहां तक है ? कहानी जानने के लिए पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं नव वर्ष का उपहार, नयनी दीक्षित की आवाज में
धर्म से पीछा छुड़ाकर सिर्फ समाज के हित की बात करने वाला अमज़द से निशिकांत बहुत प्रभावित हुआ| आज वही अमज़द अपने धर्म का दामन पकड़ कर क्यों अपनी जीविका चला रहा है? अमज़द में ऐसा बदलाव किस लिए? क्या ऐसा करना उसकी कोई मजबूरी है या फिर उसकी कथनी और करनी में अंतर ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर द्वारा लिखी गई कहानी वो रास्ता नयनी दीक्षित की आवाज में
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pragati sharma