पिछले भाग में बाबू बटुकनाथ ₹100000 से भी हाथ धो बैठते हैं और उनका बेटा भी उन्हें नहीं मिलता दूसरी तरफ और दूसरी तरफ नकुल चंद्र ने राय साहब बनने पर एक बहुत बड़ा जलसा आयोजित किया है क्या इस जश्न का फायदा उठाकर रक्त मंडल के लोग यहां पर धावा बोलेंगे क्या यहां भी वही कांड होगा जो इससे पहले बाबू बटुकनाथ के साथ हुआ था आगे क्या हुआ इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी रक्त मंडल का अगला भाग नयनी दीक्षित की आवाज में
पंडित गोपाल शंकर को भी उसी प्रकार की एक चिट्ठी मिली जो रक्त मंडल गिरोह से आई थी रक्त मंडल गिरोह के बारे में जानने के लिए गोपाल दास ने अपनी खुफिया लाइब्रेरी से किताब निकाली और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए किंतु भयानक चार नामक के मुखिया के बारे में अभी तक उसे कोई जानकारी नहीं प्राप्त हो पाई। क्या उन्हें इस किताब के जरिए कुछ पता चल पाएगा? क्या पंडित गोपाल शंकर नेपाल जाने के बाद मिस्टर कैमिन और रोज़ को इसके बारे में और इस किताब के बारे में कुछ बता पाएंगे? इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी का अगला भाग नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि नगेंद्र नरसिंह गुब्बारे में सवार उड़ते -उड़ते भारत की सीमा से नेपाल पहुंच जाते हैं और वहीं एक पहाड़ी इलाके में नरेंद्र सिंह और कामिनी की नज़र उन के गुब्बारे पर पड़ती है वह उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं वहीं दूसरी तरफ अंग्रेज़ी फौज़ के सिपाही नगेंद्र सिंह का पीछा करते-करते नेपाल की सीमा तक आ जाते हैं मगर किस तरह अपनी सूझबूझ ,समझदारी से नरेंद्र सिंह ने सारी समस्या का समाधान निकाल लेता है? आगे क्या हुआ जानिए इस भाग में..।
बाबू बटुक चंद्र का बेटा किसी के द्वारा अगवा कर लिया जाता है और फिरौती में ₹100000 की मांग की जाती है एक तो बच्चे के अगवा होने के कारण और दूसरा खुद राय साहब ना बन पाने के कारण बटुक चंद बुरी तरह से आहत हो जाते हैं और वह चाह कर भी पुलिस की मदद नहीं ले पाते क्या होगा उनके बेटे का जो अभी तक अगवा है आगे की कहानी जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल
रक्त मंडल के भाग पांच में आपने सुना की नरेंद्र सिंह और नगेंद्र सिंह बहुत पुराने दोस्त हैं। किस तरह नगेंद्र सिंह ने रक्त मंडल के लोगों की मदद करने के लिए एक ऐसे मारक क्षमता वाले यंत्र की खोज की, जो दूर तक जा सकती है। इसमें उनकी मदद की केशव सिंह नाम के इंजीनियर ने की। अब देखना यह है कि इस तरह की यंत्रों का इस्तेमाल किन हाथों से होता है ?क्या उसके परिणाम अच्छे होंगे या भयंकर जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल उपन्यास का भाग 6 नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि गोपाल शंकर और मिस्टर केमिन किले पर धावा बोल चुके हैं। किस तरह नगेंद्र नरसिंह गोपाल शंकर को रोज़ के साथ तहखाने में कैद कर , गुब्बारे की सहायता से ऊपर चले गए ।क्या गोपाल शंकर और रोज़ की मौत हो गई ?गोपाल शंकर और मि. केमिन के द्वारा बनाई गई योज़ना सफल हो पाई । इसके आगे के भाग को सुनने के लिए सुनते हैं कहानी का यह हिस्सा
पंडित गोपाल शंकर को भी उसी प्रकार की एक चिट्ठी मिली जो रक्त मंडल गिरोह से आई थी रक्त मंडल गिरोह के बारे में जानने के लिए गोपाल दास ने अपनी खुफिया लाइब्रेरी से किताब निकाली और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए किंतु भयानक चार नामक के मुखिया के बारे में अभी तक उसे कोई जानकारी नहीं प्राप्त हो पाई। क्या उन्हें इस किताब के जरिए कुछ पता चल पाएगा? क्या पंडित गोपाल शंकर नेपाल जाने के बाद मिस्टर कैमिन और रोज़ को इसके बारे में और इस किताब के बारे में कुछ बता पाएंगे? इसे जानने के लिए सुनते हैं कहानी का अगला भाग नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
जब पंडित गोपाल शंकर को रक्त मंडल गिरोह से चिट्ठी मिली जो उससे पहले कई धनी लोगों को मिल चुकी थी तो उन्होंने मिस्टर केमिन की मदद लेनी चाहिए गोपाल शंकर का नेपाल जाना रक्त मंडल के गिरोह को पता चल गया अब पंडित गोपाल शंकर नेपाल जाकर कौन सा काम करते थे जिसका राज मिस्टर केम इन के अलावा किसी और को नहीं पता क्या वह कोई अनैतिक या गैर कानूनी काम करते थे और भक्त मंडल के गिरोह को इसके बारे में पता चल गया था इसके आगे के किस्से को जानने के लिए सुनते हैं कहानी रक्त मंडल का भाग 4 नयनी दीक्षित की आवाज में
रक्त मंडल के भाग 8 में सुना कि पंडित गोपाल शंकर बूढ़े का भेष बनाकर किले के अंदर से जरूरी सामान जैसे ज़हाज ,बेतार के तार के यंत्र सब कुछ जरूरी सामान लेकर चकमा हो जाता है ।इधर नगेंद्र रक्त मंडल गिरोह के सेनापति के रूप में नियुक्त किया जाता है। और वह युद्ध की तैयारियों में लग जाता है। वापस आने के बाद गोपाल शंकर जी की मुलाकात वाहिद अली खान और मैकडॉनल्स सलाइस् से हुई जो उस प्रांत के लाड साहब है। मृत्यु किरण देखने और जानने के बाद गोपाल शंकर और मैकडॉनल्ड में क्या बातचीत हुई इसे पूरा जानने के लिए सुनते हैं रक्त मंडल भाग 9 नयनी दीक्षित की आवाज़ में..
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि नगेंद्र नरसिंह गुब्बारे में सवार उड़ते -उड़ते भारत की सीमा से नेपाल पहुंच जाते हैं और वहीं एक पहाड़ी इलाके में नरेंद्र सिंह और कामिनी की नज़र उन के गुब्बारे पर पड़ती है वह उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं वहीं दूसरी तरफ अंग्रेज़ी फौज़ के सिपाही नगेंद्र सिंह का पीछा करते-करते नेपाल की सीमा तक आ जाते हैं मगर किस तरह अपनी सूझबूझ ,समझदारी से नरेंद्र सिंह ने सारी समस्या का समाधान निकाल लेता है? आगे क्या हुआ जानिए इस भाग में..।
पिछले भाग में सुना कि गोपाल शंकर और एडवर्ड धोखे से गलत रास्ते में पहुंचा दिए जाते हैं ।फिर उन्हें रक्त मंडल के सदस्यों की चिट्ठी बरामद होती है और वे उन्हें वापस लौट जाने का संकेत देते हैं इधर केशव जी और नगेंद्र सिंह अपनी तरफ आते हुए काफिले को पहचान लेते हैं अब क्या गोपाल सिंह शंकर और एडवर्ड अपने ठिकाने तक पहुंच पाएंगे? क्या किया नगेंद्र और साइंटिस्ट केशव सिंह ने? इसे जानने के लिए सुनते हैं रस्तमंडल का यह भाग
तृतीय सर्ग – कृष्ण संदेश
रश्मिरथी के सभी सर्गो में यह सर्ग सर्वाधिक लोकप्रिय सर्ग है। संभावित युद्धजनित महाविनाश को टालने के लिए स्वयं योगिराज कृष्ण कौरवों के दरबार पहुंचते हैं और पांडव पक्ष की ओर से निवेदन करते हैं
दे दो केवल पाँच ग्राम,
रक्खो अपनी धरती तमाम।
हम वहीं खुशी से खाएंगे,
परिजन पर असि न उठाएंगे।
परंतु हठी दुर्योधन को यह भी स्वीकार नहीं होता। वह तो केवल एक ही हठ पर अडिग था कि “सूच्याग्रं नैव दास्यामि बिना युद्धेन केशव।” और अभिमान वश वह श्रीकृष्ण को बंधक बनाने का असफल प्रयास भी करता है। अंत में श्रीकृष्ण यह भी प्रयास करते हैं कि कर्ण पाण्डव पक्ष में सम्मिलित हो जाये क्योंकि वह पांडवों का बड़ा भाई है, परंतु इस प्रयास में भी असफल हो उन्हें रिक्त – कर वापस आना पड़ता है।
ख़ौफ़नाक इमारत – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
क्या ऐसी कोई इमारत आपने देखी है जिसके अंदर बनी हुई सालों पुरानी कब्र से मुर्दा निकलकर लोगों का मर्डर कर दे? और आखिर वह मुर्दा ऐसा क्यों कर रहा है? क्या सचमुच उसके अंदर मुर्दा है या कहानी कुछ और ही है ?क्या इस सीरीज़ का जासूस इमरान इन लोगों का पता लगा पाएगा? कौन है यह मुर्दा? मुर्दा है या फिर कोई जिंदा व्यक्ति? कौन कातिल है और कौन शिकारी ? इब्रेसफ़ी की सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर कहानियों की सीरीज़ सुनिए ख़ौफ़नाक इमारत मे, नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि गोपाल शंकर और मिस्टर केमिन किले पर धावा बोल चुके हैं। किस तरह नगेंद्र नरसिंह गोपाल शंकर को रोज़ के साथ तहखाने में कैद कर , गुब्बारे की सहायता से ऊपर चले गए ।क्या गोपाल शंकर और रोज़ की मौत हो गई ?गोपाल शंकर और मि. केमिन के द्वारा बनाई गई योज़ना सफल हो पाई । इसके आगे के भाग को सुनने के लिए सुनते हैं कहानी का यह हिस्सा
नारी का अस्तित्व उसके नारीत्व से है ना कि उनकी शारीरिक सुंदरता से | कहानी का मुख्य पात्र निशिकांत सहस्त्रधारा घूमने गया हुआ है| वहां पर निशिकांत की मुलाकात बेहद गुणवान युवती चंद्रा से होती है जो अभी तक अविवाहित है एक युवती चंद्रा से होती है उसका विवाह ना हो पाने का कारण सिर्फ उसकी कुरूपता निशिकांत चंद्रा के बारे में क्या अपनी अंतर्वेदना रखता है इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं विष्णु प्रभाकर की लिखी कहानी अंतर्वेदना नए नयनी दीक्षित की आवाज में
दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
युवती: तो तुमने आखिर क्या फैसला किया?
ज्ञान सिंह: मैं इस कड़े को नहीं निकाल पाऊंगा और आखिर मैं ऐसा क्यों करूं?
युवती: मैं तुम्हारी हर ख्वाहिश पूरी कर दूंगी।
ज्ञान सिंह: तुम मुझे दे ही क्या सकती हो?
आखिर वह खूबसूरत युवती कौन है जो ज्ञान सिंह से उसके गुरु का दिया हुआ कड़ा मांग रही है? एक रात ज्ञान सिंह के साथ कौन सी हैरतअंगेज घटना हुई? ज्ञान सिंह के साथ आखिर क्या हुआ? सुनिए सस्पेंस से भरी हुई एक रोमांचक कहानी “नागिन का इश्क”, शैफ़ाली कपूर की आवाज़ में।
क्या होता है जब कोई व्यक्ति आविष्ट हो जाता है? क्या वास्तव में कोई चीज शरीर में प्रवेश करती है और उसे उभार देती है? कौन-कौन से हैं आध्यात्मिक अधिकार? ? जानने के लिए सुनते हैं Spiritual Possession
शिकागो शहर में ग़रीब एंटोनी चौकीदारी का काम करता है रात के करीब 11:30 बजे एक कार से 3आदमी कार से उतरते हुए देखता है |उनमें से दो आदमी तीसरे आदमी का मर्डर कर देते हैं | एंटोनी यह सब देख लेता है और अंत में अपने एक डिटेक्टिव दोस्त एंथनी को सब बताता है | रोमांच और सस्पेंस से भरी कहानी शिकागो की एक रात में जा जान सकेंगे इसके पीछे की इस उलझी पहेली को
दिलेर मुजरिम – Ibnesafi ( इब्नेसफी) – Nayani Dixit
यह कैसा इंसान है जो एक बेख़ौफ़ मुज़रिम है और बेहद दिलेर ।जिसे अपना गुनाह कुबूल करने में कोई हिचक भी नहीं, उसकी दिलेरी तो देखिए उसे अपने पकड़े जाने का भी कोई भय नहीं।लेकिन इंस्पेक्टर फ़रीदी भी कुछ कम नहीं, वो ऐसे दिलेर मुज़रिम से कैसे सामना करता है जो रहस्य की दुनिया का अजीब सा शाका बना हुआ है? उसके गुनाहों को कुबूल कराते उसे कैसे उसी के ज़ाल में फंसाता है?और कैसे सज़ा दिलवाता है ? यह कहानी का बहुत बड़ा सस्पेंस है। यह दिलेर मुज़रिम कौन है ?और आखिर उसकी इतनी दिलेरी दिखाने के के पीछे क्या राज़ छुपा हुआ है ?इस पूरी कहानी को जानने के लिए सुनते हैं इब्रेसफ़ी के द्वारा लिखी गई कहानी दिलेर मुज़रिम नयनी दीक्षित की आवाज़ में…
रक्त मंडल के पिछले भाग में आपने सुना कि मि.ग्रिफ्रि़त और रतन सिंह के बीच बातचीत हुई कि किस प्रकार नेपाल सरकार को भारत सरकार के साथ मिलाया जाए? और किस तरह उस किले पर हमला किया जाए? क्योंकि वह किला जो कि रक्त मंडल का अड्डा बन चुका था। वह किला नेपाल सरकार के अधीन नहीं है और एक स्वतंत्र भूमि पर बना हुआ है ।इसके बाद के केमिन साहब और उनके दल से मि.ग्रिफ्रि़त में क्या बातचीत की? और आगे क्या हुआ? सुनिए इस भाग में…
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