यह कहानी कृषक वर्ग की चुनौतियों को हमारे सामने रखती है जिसके चलते उन्हें कई बार अपनी जान तक देनी पड़ती है।
यह कहानी कृषक वर्ग की चुनौतियों को हमारे सामने रखती है जिसके चलते उन्हें कई बार अपनी जान तक देनी पड़ती है।
सुधा अरोड़ा की एक कहानी में एक औरत के वास्तविक रूप के पारदर्शिता साफ तौर पर झलकती है कि एक स्त्री की संपूर्णता उसके घर तक सीमित क्यों रह जाती है ? क्या वास्तव में एक स्त्री का जीवन सिर्फ अपने घर -परिवार तक ही सीमित होना चाहिए या फिर स्वयं के लिए भी उसे एक हिस्सा रखना चाहिए ? एक स्त्री के इतना सब कुछ करने के बावजूद क्या उसका खुद का कोई अस्तित्व बन पाता है? ऐसे ही प्रश्नों के ताने-बाने में उलझी हुई यह कहानी एक औरत तीन बटा चार सुनते हैं, शिवानी आनंद की आवाज में..
ये एक ऐसे युगल की कहानी है जो कार से ड्राइव करते हुए दूर किसी पार्टी में जा रहे हैं और उनमें निरंतर एक अन्य युगल, जिसका नाम मिस्टर एंड मिसेज मेहता है की आमदनी और जीवनशैली को लेकर बातचीत और नोकझोक चल रही है। अंततः एक फोन से उन्हें अवगत कराया जाता है कि मिस्टर मेहता का सारा दिखावा झूठ था और अब वह दिवालिया हो गए हैं।
यह कहानी कृषक वर्ग की चुनौतियों को हमारे सामने रखती है जिसके चलते उन्हें कई बार अपनी जान तक देनी पड़ती है।
एक था नन्हा खरगोश, जिसेअपने लंबे कान अपने पूरे शरीर में सबसे अधिक पसंद थे, लेकिन एक दिन झाड़ियों में भेड़िए से बचते हुए उसके कान ज़ख्मी हो गए जिससे वह बेहद दुखी रहने लगा। लेकिन अपनी बहादुरी से उसने कुछ ऐसा किया की सभी उसे नन्हा बहादुर कहकर पहले से भी ज्यादा प्रेम करने लगे।
कहानी मंदरीसर्पिणी नाम की जूं की है, जो रोज राजा के सोने के बाद उसका रक्त पान करती है |किंतु एक दिन अग्निमुख खटमल भी अपने को मेहमान बताकर राजा का रक्त पान करना चाहता है |अब इसके बाद कहानी में क्या होता है इसे जानने के लिए सुनते हो शिवानी आनंद की आवाज में पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी मुफ्त खोर मेहमान…
राक्षसों के चंगुल से एक युवती को ,राजा विक्रमादित्य ने किस प्रकार अपने पराक्रम के द्वारा मुक्त कराया ?इसे जानने के लिए पूरी कहानी सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में सिंहासन बत्तीसी से ली गई कहानी सिंहासन बत्तीसी-बारहवी पुतली – पद्मावती
ये कहानी एक बकरी के बेचने और खरीदने के बहुत ही सरल माध्यम से हमे यह सिखाती है कि हमे यूं तो कभी किसी का बुरा नहीं करना चाहिए लेकिन अगर कोई आपके साथ बुरा करे तो उसे सबक ज़रूर सिखाना चाहिए।
कहानी का नायक कड़ाके की सर्दी में प्लेटफार्म में अपने गाड़ी के आने का इंतजार कर रहा है |नायक एक गरीब तबके का है किंतु दूसरे से मांगे हुए ओवरकोट पहनकर अपने को रौबदार महसूस कर रहा है | प्लेटफार्म में ज्यादातर यात्री गरीब तबके से ही है | तभी प्लेटफार्म में उसकी मुलाकात एक लड़के से होती है जो कड़ाके की सर्दी में गर्म कपड़े नहीं पहने हुए हैं | नायक उसे अपने बिस्तार पर जगह देता है | उस लड़के के चले जाने के बाद नायक सोच में पड़ जाता है | आखिर उसकी सोच क्या है ?पूरी कहानी सुनने के लिए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध द्वारा लिखी गई कहानी जंक्शन सुमन वैद्य जी की आवाज में
कहानी बेहद भावपूर्ण है एक लेखक निशिकांत अपने दोस्त रमेश के पास जाता है जो एक अनाथालय चला रहा है | बंगाल से आई एक प्यारी सी मासूम अनाथ लड़की मीनू से उसकी मुलाकात होती है |निशिकांत के जीवन में मीनू की क्या भूमिका रहती है और क्या है मीनू का अतीत? विष्णु प्रभाकर की कहानी मुक्ति में जानते हैं नयनी दीक्षित की आवाज में…
कहानी में बाल विवाह के ऊपर बेहद सहज तरीके से कटाक्ष किया गया है | कहानी इस बात की ओर संकेत दे रही है कि बदली परिस्थितियों में भी परंपरागत संस्कार से ही नैतिकता और लज्जा की रक्षा करने के प्रयत्न में क्या से क्या हो जाता है |कहानी में 5 वर्षीय फूलो का विवाह 7 वर्षीय संतो से हुआ है|फूलो की सफलता और मासूमियत मन मोह लेती है| इस रोचक यशपाल के द्वारा लिखी गई कहानी फूलो का कुर्ता सुनते हैं ,नयनी दीक्षित की आवाज में …
आरव- 16 वर्ष का किशोर है |बचपन से आरव-अपनी नानी के साथ अकेले रह रहा है| अरब के मां-बाप दोनों नहीं है आरव नितांत अपने आप को अकेला महसूस करता है| ऐसे में उसकी मुलाकात रूही से हो जाती है | दोनों में गहरी दोस्ती होती है अब आगे क्या होगा अरब और रूही की दोस्ती किस हद तक बढ़ेगी |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं दोस्ती वाला लव, निधि मिश्रा की आवाज में . .
निशा निमंत्रण से लिया गया यह गीत जिसमें शाम होने पर किस प्रकार वातावरण बदल जाता है बड़ी ही खूबसूरती के साथ उल्लेख किया गया है
Reviews for: Fanda kyu (फंदा क्यों)- Part-2