आरव- 16 वर्ष का किशोर है |बचपन से आरव-अपनी नानी के साथ अकेले रह रहा है| अरब के मां-बाप दोनों नहीं है आरव नितांत अपने आप को अकेला महसूस करता है| ऐसे में उसकी मुलाकात रूही से हो जाती है | दोनों में गहरी दोस्ती होती है अब आगे क्या होगा अरब और रूही की दोस्ती किस हद तक बढ़ेगी |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं दोस्ती वाला लव, निधि मिश्रा की आवाज में . .
जयशंकर प्रसाद जी द्वारा लिखित कहानी, संदेह एक मनोवैग्यानिक कहानी है . जिसमें उन्होंने मनुष्य को मनोविज्ञान को साहित्य के रूप में चित्रण किया है . … रामनिहाल इस संदेह को अपने मन में जगह देते हैं की मनोरमा उससे प्रेम करती है और श्यामा को इस बात पर संदेह है क्योंकि उसे लगता है की मनोरमा रामनिहाल से प्रेम नहीं करती है
एक निम्न जाति की वृद्धा मंदिर के पास बैठी है |वह 3 दिन से भूखी है तभी उसका बेटा राधे शराब के मद में चूर होकर उसके पास आता है और मंदिर में अछूतों के साथ दर्शन करने की जिद करने लगता है| किंतु मंदिर के अपवित्र होने के डर से मंदिर के महाराज उसे इस बात की चेतावनी देता है राधे की जिद्द का क्या नतीजा निकलता है क्या उसे मंदिर में दर्शन मिल पाते हैं क्या होता है राधे के साथ ?पूरी कहानी सुनने के लिए जानते हैं जयशंकर प्रसाद के द्वारा लिखी गई कहानी विराम चिन्ह निधि मिश्रा की आवाज में
एक जहाज के कप्तान से एक सौदागर उसके पिता की मृत्यु के बारे में प्रश्न पूछता है वह जानना चाहता है कि उसे वही कार्य करने में डर क्यों नहीं लगता जिस कारण उसके पिता की मृत्यु हुई कप्तान क्या उत्तर देता है ? इस छोटी सी कहानी से क्या सीख मिलती है जाने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला द्वारा लिखी गई कहानी सौदागर और कप्तान और निधि मिश्रा जी की आवाज में
पेट में थोड़ी जान पड़ी तो आँखों से आँसू छलछला उठे और अम्मा का रुदन पूरे गाँव में भर गया। नदिया का गाड़ा, जीयतै खाइस, मोइते खाइस।गांव में 90 साल के बब्बा की मृत्यु हो जाती है |मृत्यु के पश्चात क्रिया कर्म करने के लिए भी उनके घर में धन नहीं होता है |बब्बा की वृद्ध पत्नी गोमती अम्मा अभी जीवित है किंतु गरीबी के कारण उनका शरीर भी बेहद कमजोर हो चुका है | ऐसी स्थिति में बब्बा का अंतिम संस्कार कैसे होता है? और उसे कौन कराता है ?पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं सविता पाठक के द्वारा लिखी गई नीम के आंसू, निधि मिश्रा जी की आवाज में
जो अपनी मदद करता है, ईश्वयर उसी की मदद करते हैं।कैसे ?जानते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी द्वारा लिखी गई कहानी महावीर और गाड़ीवान, निधि मिश्रा की आवाज में
बाँदी यानी दासी, गुलाम। जिसकी अपनी कोई मर्जी नहीं होती, अपना कोई अस्तित्व नहीं होता। वो खरीदी जाती है, घर सँभालने के लिए ।हर जरूरत को पूरा करने के लिए। वह पत्नी की तरह सारे फर्ज निभाती है। लेकिन पत्नी का दर्जा नहीं पाती । उसे वह इज्जत ,वह ओहदा नहीं मिलता । आखिर क्यों ?और नवाबों के शौक, उनकी रंगीन तबीयत , बड़े ऊँचे खानदान की बहू बेटियों की रंगरलियाँ। सब छुप जाते हैं उनके दौलत के परदे के पीछे । तो क्या गरीब होना इतना बड़ा जुर्म है? अभिशाप है?
जयशंकर प्रसाद जी द्वारा लिखित कहानी, संदेह एक मनोवैग्यानिक कहानी है . जिसमें उन्होंने मनुष्य को मनोविज्ञान को साहित्य के रूप में चित्रण किया है . … रामनिहाल इस संदेह को अपने मन में जगह देते हैं की मनोरमा उससे प्रेम करती है और श्यामा को इस बात पर संदेह है क्योंकि उसे लगता है की मनोरमा रामनिहाल से प्रेम नहीं करती है
जैसलमेर – संजय शेफर्ड – पल्लवी
जैसलमेर गोल्डन सिटी राजस्थान के शाही महलों और लड़ने वाले ऊंटों के साथ एक रेतीले रेगिस्तान के आकर्षण का प्रतीक है। यह विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल महान थार रेगिस्तान के बीच में स्थित है।संजय शेफर्ड की डायरी से घुमंतू में सैर कीजिए जैसलमेर की, पल्लवी की आवाज़ में..
शैलजा और राजन की गृहस्थी ठीक प्रकार से चल रही थी अचानक दीपावली पर शैलजा को राजन और अपनी जेठानी के बीच के अनैतिक संबंधों का पता चलता है शैलजा इसके बाद क्या निर्णय लेती है क्या राजन पुनः शैलजा के पास लौटता है पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं मनीषा कुलश्रेष्ठ जी के द्वारा लिखी गई कहानी सुबह का भूला पूजा श्रीवास्तव की आवाज में
बिंदा लेखिका की की बचपन की सहेली है| जो लेखिका के पड़ोस में ही रहती है| बिंदा की सौतेली मां उसे खूब सताती है और घर का सारा काम करवाती है |बिंदा का मातृप्रेम से वंचित रहना और अपनी सौतेली मां के क्रूर व्यवहार को सहन करने के कारण क्या बिंदा का बचपन खिलने से पहले ही मुरझा जाएगा ? महादेवी वर्मा जी की बेहद हृदयस्पर्शी कहानी बिंदा मे जानिए ,जिसे विनीता श्रीवास्तव ने अपनी आवाज दी है…
Reviews for: Dosti wala love Part-1 (दोस्ती वाला लव)