पितामह भीष्म के आहत होने पर आचार्य द्रोण को सेनापति बनाया गया। सेनापति बनने के बाद द्रोण ने प्रतिज्ञा की कि मैं भीष्म की तरह ही कौरव-सेना की रक्षा तथा पांडव-सेना का संहार करूँगा। मुझे केवल धृष्टद्युम्न की चिंता है, क्योंकि उसकी उत्पत्ति ही मेरी मृत्यु के लिए हुई है। इस पूरे प्रसंग में कौरवों और पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य को जब कौरवों का सेनापति बनाया जाता है तो महाभारत का युद्ध किस मोड़ तक जा पहुंचता है| इस दरमियान कौन-कौन सी घटनाएं घटित होती है ?और कौन-कौन वीरगति को प्राप्त होता है ?इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी द्रोण पर्व,शिवानी आनंद की आवाज में…
चांद कुमारी एक सुंदर युवती है, किंतु उसकी उसकी मां की वजह से उसका विवाह नहीं हो रहा है |अब तेनाली रामा किस तरीके से चांद कुमारी की का विवाह कराते हैं ?इस पूरे प्रसंग को जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी चानन की चमेली शिवानी आनंद की आवाज में..
ईरान का एक व्यापारी चांद खान जब भारत आया तो उसे गन्ने बहुत पसंद आए और वह गन्ने को रसगुल्ले की जड़ के नाम से जानने लगा| जब दोबारा चांद खां के सामने रसगुल्ले पेश किए गए किए गए तो उसने रसगुल्ले की जड़ के बारे में प्रश्न किया? अब तेनालीरामा ने किस प्रकार चांद खान कि इस गलतफहमी को दूर किया |पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं तेनाली रामा की कहानियों में से एक कहानी “ रसगुल्ले की जड़ “शिवानी आनंद की आवाज में…
सैफ अली एक किसान है |अजमेर जाने से पहले वह काज़ी अब्दुल्ला के पास अपना सारा धन हिफाजत से रखने के लिए दे जाता है | किंतु उसे काज़ी अब्दुल्ला से पत्थरों से भरा थैला वापस मिलता है |अब बीरबल इस समस्या को किस प्रकार सुलझा पाते हैं पूरी कहानी जानने के लिए सुनते हैं दुष्ट काज़ी, अंजू जेटली की आवाज में ..
एक छोटे बच्चे की पूरी दुनिया उसकी मां में बसी होती है वह अपनी हर छोटी -बड़ी बात के लिए सिर्फ अपनी मां पर ही निर्भर रहता है किंतु जैसे समय के साथ वह परिपक्व होने लगता है वह मां जो दुनिया का ज्ञान उसे दे रही थी, आज अपने बच्चों से ही हर बात पूछती है ?क्या इस बदलाव में उन दोनों के बीच का स्नेह का बंधन वैसा ही रहता है? जानते हैं इस खूबसूरत अनुभव को, अंगोना साहा के साथ
कहानी यह शिक्षा देती है कि संसार में कुछ काम ऐसे हैं, जो एकाकी नहीं करनी चाहिए |कहानी एक भारण्ड नाम का एक विचित्र पक्षी है, जिसके मुख दो थे, किन्तु पेट एक ही था | कहानी में ऐसा क्या होता है कि अंत में उस पक्षी को मृत्यु प्राप्त हो जाती है ? जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी दो सिर वाला पक्षी, शिवानी आनंद की आवाज में….
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