एक विज्ञान के विद्यार्थी को उसके अध्यापक के द्वारा एक मानव कंकाल, शरीर विज्ञान के अध्ययन हेतु दिया जाता है, किंतु एक रात उस मानव कंकाल की आत्मा उसे अपनी मौत के पीछे की कहानी सुनाती है| क्या है वह कहानी ? इस रोचक कहानी को सुनने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में, रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी “पिंजर”…
यह कहानी शिक्षा व्यवस्था पर एक व्यंग्यात्मक कटाक्ष है जिससे हमे यह बोध होता है कि आखिर किस प्रकार उच्च अधिकारियों द्वारा शिक्षा के नाम पर केवल अपने स्वार्थ ही सिद्ध किए जाते हैं।
पांडु जेष्ठ पुत्र युधिष्ठिर धर्मराज के रूप में विश्व में जाने जाते रहे हैं |कहानी में इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण मिलता है| जब यक्ष के प्रश्नों का उत्तर युधिष्ठिर के अन्य भाई नहीं दे पाते हैं ,तो उन सबको मृत्यु प्राप्त हो जाती है किंतु युधिष्ठिर यक्ष के प्रश्नों के उत्तर देकर यक्ष को प्रसन्न कर देते हैं और अपना मनचाहा वरदान भी प्राप्त कर लेते हैं |कैसे? इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी यक्ष और युधिष्ठिर संवाद भाग -1 शिवानी आनंद की आवाज में …
एक बार युधिष्ठिर नामक कुम्हार के माथे में में घड़े की नोक से चोट लग जाती है |घाव इतना गहरा होता है कि ठीक होने के बाद भी उसका निशान नहीं जाता है | वहां का राजा कुम्हार के सिर पर चोट का निशान देखकर उसे एक वीर पुरुष समझकर अपने यहां सैनिक के रूप में भर्ती कर लेता है |कहानी में आगे क्या होता है?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी कुम्हार की कहानी, शिवानी आनंद की आवाज में…
Women’s Day Special – Breaking Barriers
हर दौर में कुछ स्त्रियाँ ऐसी होती हैं जो सीमाओं को स्वीकार नहीं करतीं—वे उन्हें बदल देती हैं।
“Breaking Barriers” उन स्त्रियों की कहानियों का विशेष संग्रह है जिन्होंने साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास के साथ समाज की रूढ़ियों और चुनौतियों को पार किया।
इन कहानियों में आपको मिलेंगी ऐसी स्त्रियों की प्रेरक यात्राएँ, जिन्होंने परिस्थितियों से लड़कर अपनी पहचान बनाई, अपने सपनों को सच किया और दूसरों के लिए रास्ते खोले।
ये सिर्फ संघर्ष की कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि उम्मीद, आत्मबल और परिवर्तन की कहानियाँ हैं—जो हमें याद दिलाती हैं कि हर बाधा के पार एक नई संभावना छिपी होती है।
इस Women’s Day पर सुनिए उन आवाज़ों को
जो कहती हैं — सीमाएँ टूट सकती हैं, अगर हिम्मत हो।
ZOHO कंपनी के संस्थापक श्रीधर वेम्बू का अमेरिका छोड़कर अपने देश भारत वापस लौट कर आना और18000 करोड़ की कंपनी के मालिक बनने का सफर कैसा रहा? जानिए बेहद सादा जीवन व्यतीत करने वाले श्रीधर वेम्बू की असाधारण कहानी अमित तिवारी की आवाज़ में…
विद्यार्थी एक ऐसे रचनाकार थे, जिन्होंने आजादी आंदोलन के दौर में दंगाई भीड़ के बीच भाईचारा कायम करने के लिए उन्होंने जान दे दी. आजादी के इस दीवाने और सांप्रदायिक सौहार्द के पुजारी गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ का जन्म 26 अक्टूबर, 1890 को इलाहाबाद के अतरसुइया मौहल्ले में हुआ था |
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