मिथ्याभिमान – Alka Saini (अल्का सैनी ) – Shivani Anand
सभी अनामिका की योग्यता से प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाते। किंतु उसका पति जयंत उसकी योग्यता की उड़ान को क्यों पिंजरे में बंद रखना चाहता है ?अनामिका क्यों ऐसा महसूस कर रही है कि जैसे उसके पति ने उसकी उड़ान को रोकने के लिए उसके पंख काट दिए हैं और फिर से वह आसमान से ज़मीन पर आ गिरी हो । जानिए इसके पीछे की कहानी अलका सैनी के द्वारा लिखी गई कहानी मिथ्याभिमान शिवानी आनंद की आवाज़ में..
यह कहानी कृषक वर्ग की चुनौतियों को हमारे सामने रखती है जिसके चलते उन्हें कई बार अपनी जान तक देनी पड़ती है।
सुधा अरोड़ाअरोड़ा की लिखी कहानी डेजर्ट फोबिया उर्फ समुद्र में रेगिस्तान ,जिसमें कहानी की नायिका उस पड़ाव में पहुंच चुकी है जब वह बिल्कुल अपने आप को एकाकी महसूस कर रही है | यह एकाकीपन उसके चित्रों में साफ झलक रहा है |आज उसके घर की खिड़की से दिखाई देने वाला गहरा नीला समंदर भी मटमैला होते-होते मानो एक हताश रेगिस्तान में तब्दील हो चुका है | नायिका क्यों ऐसा महसूस कर रही है ?क्यों है नायिका के जीवन में इतना एकाकीपन ?
हमारे समाज की कितनी बड़ी विडम्बना है की एक तरफ गरीब के सर पर छत नहीं और वहीं दूसरी तरफ हम धार्मिक स्थलों पर पानी के जैसे पैसा बहाते हैं। ऐसी ही कुछ बात कह रही है मेरी यह कहानी ‘ वो टपकती झोपडी ‘
महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती, भारतीय सुधारक और आर्य समाज के संस्थापक, 30 अक्टूबर 1883 को अजमेर, राजस्थान, भारत में अपने आश्रयस्थल में निधन हुआ था। उन्होंने आर्य समाज की स्थापना की और अपने जीवन के दौरान भारतीय समाज के सुधार और सामाजिक परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्ध रहे।स्वामी दयानंद सरस्वती की दिशा में अर्थनीति, सामाजिक न्याय, और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान किया गया और उनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरणास्त्रोत रहा।
Credit: Josh Talk
शक्तिसत्य पर विजय पाती हैबात की सार्थकता समझने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी शिकार को निकला शेर,निधि मिश्रा की आवाज में
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