महाभारत के वन पर्व में कई अद्भुत कथाएं और कई प्रसंग शामिल है| जैसे किस प्रकार पांडवों का वनवास हुआ ?अर्जुन को कैसे दिव्यास्त्र की प्राप्ति हुई? अर्जुन की इंद्रलोक की यात्रा किस प्रकार हुई ?भीम की मुलाकात श्री हनुमान से कैसे हुई ?आदि बहुत से ऐसे प्रसंग है जिनको सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी वन पर्व में, शिवानी आनंद की आवाज में..
महाभारत की कहानियों में से एक कहानी’ युधिष्ठिर द्वारा दुर्योधन की रक्षा ‘ ,उस समय का प्रसंग है जब पांडवों के वनवास को 11 वर्ष हो चुके थे| दुर्योधन पांडवों को जान से मारने की मंशा से उस जगह जा पहुंचता है जहां पांडवों का वास है ,किंतु ऐसी कुछ घटित होता है कि दुर्योधन को ही युधिष्ठिर की शरण में आना पड़ता है और युधिष्ठिर दुर्योधन के प्राणों की का संरक्षण करते हैं| ऐसा क्या घटित हुआ था कि दुर्योधन को युधिष्ठिर की शरण लेनी पड़ी? शिवानी आनंद की आवाज में सुनते हैं कहानी का पूरा प्रसंग…
अवंतिका की शादी प्रभाकर से हो चुकी है और उसकी एक बच्ची भी है लेकिन नरेन जिसे वो जी जान से चाहती थी, उसे वर्षों बाद अपने सामने देख और कही चलकर बात करने के आग्रह को वो टाल न सकी। लेकिन चाहकर भी वो नरेन को उसके धोखे के लिए क्षमा नहीं कर सकी।
फणिभूषण और मणिमल्लिका के प्रेम, मिलन और विछोह की रहस्यमई कहानी।
पांचों पांडवों का जन्म किस प्रकार हुआ ?एक बहुत ही रोचक प्रसंग है |पांडवों की मां कुंती के द्वारा पांचों पांडवों का जन्म किसके आशीर्वाद से हुआ और इसके पीछे क्या घटना छुपी हुई है ?इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी पांडव कौन थे शिवानी आनंद की आवाज में…
Saguni was a poor little girl, whose dream was to study in a school, Ipsa, another little girl of class five make Saguni’s dream come true.
सौप्तिक पर्व में ऐषीक पर्व नामक मात्र एक ही उपपर्व है। इसमें 18 अध्याय हैं। अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्य-कौरव पक्ष के शेष इन तीन महारथियों का वन में विश्राम, तीनों की आगे के कार्य के विषय में मत्रणा, अश्वत्थामा द्वारा अपने क्रूर निश्चय से कृपाचार्य और कृतवर्मा को अवगत कराना, तीनों का पाण्डवों के शिविर की ओर प्रस्थान, अश्वत्थामा द्वारा रात्रि में पाण्डवों के शिविर में घुसकर समस्त सोये हुए पांचाल वीरों का संहार, द्रौपदी के पुत्रों का वध, द्रौपदी का विलाप तथा द्रोणपुत्र के वध का आग्रह, भीम द्वारा अश्वत्थामा को मारने के लिए प्रस्थान करना और श्रीकृष्ण अर्जुन तथा युधिष्ठिर का भीम के पीछे जाना, गंगातट पर बैठे अश्वत्थामा को भीम द्वारा ललकारना, अश्वत्थामा द्वारा ब्रह्मास्त्र का प्रयोग, अर्जुन द्वारा भी उस ब्रह्मास्त्र के निवारण के लिए ब्रह्मास्त्र का प्रयोग, व्यास की आज्ञा से अर्जुन द्बारा ब्रह्मास्त्र का उपशमन, अश्वत्थामा की मणि लेना और अश्वत्थामा का मानमर्दित होकर वन में प्रस्थान आदि विषय इस पर्व में वर्णित है। महाभारत की कहानियों में से एक कहानी सौप्तिक पर्व में. जिसे सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
पांडु पुत्र अर्जुन स्वयंवर में द्रोपदी को विजित कर अपनी माता कुंती के पास मिलवाने पहुंचा ,उसके तत्पश्चात ऐसा क्या हुआ कि द्रौपदी का विवाह पांचो पांडु पुत्रों के साथ क्यों हुआ ?इसके पीछे क्या कारण है इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में एक कहानी पांडव द्रौपदी विवाह जिसे आवाज दी है शिवानी आनंद ने..
शल्य पर्व में कर्ण की मृत्यु के पश्चात कृपाचार्य द्वारा सन्धि के लिए दुर्योधन को समझाना, सेनापति पद पर शल्य का अभिषेक, मद्रराज शल्य का अदभुत पराक्रम, युधिष्ठिर द्वारा शल्य और उनके भाई का वध, सहदेव द्वारा शकुनि का वध, बची हुई सेना के साथ दुर्योधन का पलायन, दुर्योधन का ह्रद में प्रवेश, व्याधों द्वारा जानकारी मिलने पर युधिष्ठिर का ह्रद पर जाना, युधिष्ठिर का दुर्योधन से संवाद, श्रीकृष्ण और बलराम का भी वहाँ पहुँचना, दुर्योधन के साथ भीम का वाग्युद्ध और गदा युद्ध और दुर्योधन का धराशायी होना, क्रुद्ध बलराम को श्री कृष्ण द्वारा समझाया जाना, दुर्योधन का विलाप और सेनापति पद पर अश्वत्थामा का अभिषेक आदि वर्णित है। महाभारत की कहानियों में से एक कहानी शल्य पर्व में. जिसे सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में…
Saguni was a poor little girl, whose dream was to study in a school, Ipsa, another little girl of class five make Saguni’s dream come true.
गंगू एक ब्राह्मण युवक है |वह अपने मालिक के यहां काम करता है |गंगू जब एक विधवा स्त्री से विवाह करने का निर्णय लेता है तो मैं अपने मालिक के यहां से काम छोड़ देता है |उसका मालिक गंगू के इस निर्णय से अप्रसन्न है |क्या वास्तव में गंगू का यह निर्णय उचित है ? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं प्रेमचंद द्वारा लिखी गई कहानी बालक सुमन वैद्य जी की आवाज में
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