पांचों पांडवों का जन्म किस प्रकार हुआ ?एक बहुत ही रोचक प्रसंग है |पांडवों की मां कुंती के द्वारा पांचों पांडवों का जन्म किसके आशीर्वाद से हुआ और इसके पीछे क्या घटना छुपी हुई है ?इसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी पांडव कौन थे शिवानी आनंद की आवाज में…
वास्तव में सच्ची प्रेमिका अपने प्रेमी से प्रेम करती हैं ,ना कि उनके धन से | विक्रमादित्य के राज्य में एक ऐसी प्रेमिका की कहानी है जो अपने प्रेमी की सहायता से अपने निरपराध पति की हत्या कराना चाहती है |आखिर क्यों ?विक्रमादित्य इस पर क्या न्याय देते हैं?इसे जानने के लिए सुनते हैं सिंहासन बत्तीसी की कहानियों में से एक कहानी चौबीसवीं पुतली करुणावती चरित्रहीन स्त्री से प्रेम सिर्फ विनाश की ओर ले जाता है, शिवानी आनंद की आवाज में…
कहानी की मुख्य नायिका शशिकला है |जिसका विवाह जयगोपाल बाबू से हुआ है |शशिकला अपनी पिता की एकमात्र लाडली लड़की थी |जयगोपाल वास्तव में एक साधारण सी नौकरी करते हैं किंतु भविष्य को लेकर निश्चिंत है यह सोचकर उसके ससुर के पास पर्याप्त चल- अचल संपत्ति है, जो अंत में उसकी ही हो जाएगी| यहां कहानी में एक नया मोड़ आता है शशिकला की वृद्ध पिता के यहां पुत्र का जन्म होता है| जयगोपाल बाबू की सारी आशाएं चकनाचूर हो जाती है| इधर शशि के मां-बाप दोनों की मृत्यु हो जाती है शशि अपने छोटे नाबालिक अनाथ भाई की देखभाल करना चाहती हैं किंतु पति और भाई दोनों के बीच चल रहे अपने मानसिक द्वंद में बुरी तरह से उलझ कर रह जाती है| कहानी में आगे क्या घटित होता है इसे जान ने के लिए सुनते हैं रविंद्र नाथ ठाकुर के द्वारा लिखी गई कहानी अनाथ, जिसे आवाज दी है शिवानी आनंद ने..
एक बार युधिष्ठिर नामक कुम्हार के माथे में में घड़े की नोक से चोट लग जाती है |घाव इतना गहरा होता है कि ठीक होने के बाद भी उसका निशान नहीं जाता है | वहां का राजा कुम्हार के सिर पर चोट का निशान देखकर उसे एक वीर पुरुष समझकर अपने यहां सैनिक के रूप में भर्ती कर लेता है |कहानी में आगे क्या होता है?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी कुम्हार की कहानी, शिवानी आनंद की आवाज में…
कहानी एक ऐसे ऊंट की है जिसकेअविवेक से उसे शेर का शिकार बनना पड़ा |कैसे ?इसे जानने के लिए सुनते हैं पंचतंत्र की कहानियों में से एक कहानी अविवेक का मूल्य शिवानी आनंद की आवाज में
जब पांडु पुत्रों पांडव पांडवों और कौरवों की शिक्षा पूर्ण हुई तो गुरु द्रोणाचार्य ने गुरु दक्षिणा के रूप में उनसे पंचाल नरेश के द्वारा उनके अपमान का बदला लेने का आदेश दिया| पंचाल नरेश के यहां द्रौपदी और धृष्टद्युम्न का जन्म किस उद्देश्य से हुआ इसके पीछे महाभारत की एक रोचक कथा शामिल है? जिसे जानने के लिए सुनते हैं महाभारत की कहानियों में से एक कहानी द्रौपदी और धृष्टद्युम्न की जन्म की कथा शिवानी आनंद की आवाज में…
अज्ञातवास का अर्थ है बिना किसी के संज्ञान में आये किसी अपरिचित स्थान व अज्ञात स्थान में रहना। वनवास के बारहवें वर्ष के पूर्ण होने पर पाण्डवों ने अब अपने अज्ञातवास के लिये मत्स्य देश के राजा विराट के यहाँ रहने की योजना बनाई| अज्ञातवास के समय पाण्डवों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए अलग-अलग उन्होंने अपना वेश बदला |पांचो पांडु पुत्र पुत्र युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल ,सहदेव ने किन-किन का वेश धारण किया और उन्होंने क्या भूमिका निभाई ?इसे जानने के लिए सुनते हैं शिवानी आनंद की आवाज में महाभारत की कहानियों में से एक कहानी पांडवों का अज्ञातवास…
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