जश्न-ए -बहारा | Celebrating Life | Hindi Kavita | हिंदी कविता | Poems by Anupam Dhyani
It is so IMPORTANT to pause, reflect, savor the moments that we just let go because we are running this race of life. When you pause is when you realize that the same things that you see is obstacles or impediments or even defeats , were actually life’s most important moment that you so conveniently ignored because you were running a race looking at others.
Jashn-e-bahara jaisi honi chahiye zindagi.
Kya kabhi kabhi aisa nahin lagta ki aapko khud se hi khud ki sifarish karni padti hai..? Apne man ko kuch karne ke liye thoda rishwad deni padti hai jaise exercise ka man banana, junk food se parhez karna ya us ex ka number apni phone book se delete karna! Aap poori yogjna banate ho… aur man…. man ka kya hai….man to sarkaar hai…
ईशरसिंह ने अपनी बन्द होती आँखें खोलीं और कुलवन्त कौर के जिस्म की तरफ देखा, जिसकी बोटी-बोटी थिरक रही थी वह…वह मरी हुई थी…लाश थी…बिलकुल ठंडा गोश्त…जानी, मुझे अपना हाथ दे… कुलवंत सिंह भरे पूरे शरीर की एक दबंग औरत है ईश्वर सिंह से करीब 8 दिन बाद उसके पास आता है कुलवंत सिंह इस बात के लिए जिरह करती है 8 दिन कहां था? ईश्वर सिंह बहलाने की बहुत कोशिश करता है परंतु कुलवंत सिंह को सच्चाई का अंदाजा हो जाता है आखिर क्या थी? सच्चाई और कुलवंत सिंह को किस बात का अंदाजा हो जाता है? पूरी कहानी जाने के लिए सुनते हैं सआदत हसन मंटो की लिखी कहानी ठंडा गोश्त अनुपम ध्यानी की आवाज में
30 seconds of positive energy, positive poetry.
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सुबोध अवस्थी का जब ट्रांसफर एक शहर से दूसरे शहर के लिए होता है तो उनके बच्चे शीला और सुमित अपने शहर ,अपने घर ,दोस्तों को छोड़कर नए शहर ,नए घर नहीं जाना चाहते हैं | सबके इमोशंस उस घर से, उस शहर से ,अपने दोस्तों से जुड़े हुए हैं | उनकी कोमल भावनाओं को इस बात से गहरा आघात लगता है कि उन्हें यह सब छोड़ कर यहां से नए शहर को जाना होगा ऐसी स्थिति में सुबोध और राधिका अपने बच्चों को समझाने की बहुत कोशिश करते हैं किंतु कहानी इसी ताने-बाने में उलझी हुई है कि ऐसी स्थिति में बच्चों की क्या मनोदशा होती है ? इस भाव को समझने के लिए सुनते हैं गिरिराजशरण अग्रवाल के द्वारा लिखी गई कहानी तबादला शिवानी आनंद की आवाज में..
जो अपनी मदद करता है, ईश्वयर उसी की मदद करते हैं।कैसे ?जानते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी द्वारा लिखी गई कहानी महावीर और गाड़ीवान, निधि मिश्रा की आवाज में
गुरु नानक देव जी सिख धर्म के गुरु है,गुरु नानक देव ने हमेशा अपने प्रवचनों में जातिवाद को मिटाने, सत्य के मार्ग पर चलने के उपदेश दिए हैं। आइए जानते हैं गुरु नानक के पद,रवि शुक्ला की आवाज में…
उपनिषदों की कथाएं अनादि काल से हमारे मनोरंजन और ज्ञान का स्रोत रही है। जो बातें वेदों में जटिलता से कही गयी है उन्हें उपनिषदों में सरल ढंग से समझाया गया है। उपनिषदों में देवता-दानव, ऋषि-मुनि, पशु-पक्षी, पृथ्वी, प्रकृति, चर-अचर, सभी को माध्यम बना कर रोचक और प्रेरणादायक कथाओं की रचना की गयी है।
शक्तिसत्य पर विजय पाती हैबात की सार्थकता समझने के लिए सुनते हैं सूर्यकांत त्रिपाठी जी के द्वारा लिखी गई कहानी शिकार को निकला शेर,निधि मिश्रा की आवाज में
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