रश्मिरथी — रामधारी सिंह दिनकर
महाभारत के विराट पात्रों में कर्ण — एक ऐसा नाम, जिसकी कहानी केवल युद्ध की नहीं, बल्कि सम्मान, संघर्ष और आत्मसम्मान की गाथा है।
“रश्मिरथी” में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर कर्ण के जीवन को शब्दों में नहीं, बल्कि भावों में जीवंत कर देते हैं।
यह काव्य हमें उस वीर की यात्रा से रूबरू कराता है जो जन्म से नहीं, अपने कर्म और संकल्प से महान बनता है।
अपमान, दानवीरता, मित्रता और धर्म के द्वंद्व के बीच कर्ण का चरित्र हमें जीवन के कठिन प्रश्नों से सामना कराता है।
यह केवल एक काव्य नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, त्याग और वीरता का अद्भुत अनुभव है।
🎧 सुनिए “रश्मिरथी” — Gaatha पर
जहाँ शब्द नहीं, भावनाएँ जीवित होती हैं।
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योगिता और ऋषभ की नई- नई शादी हुई है| ऋषभ अपने दोस्तों के बीच योगिता को दोस्तों के पत्नियों के समक्ष एक अनजानी सी प्रतिस्पर्धा में खड़ा कर देता है| योगिता को जबरदस्ती के इस थोपे हुए होते हुए संग्राम के ऊपर कैसे विजय हासिल होती है जानते हैं विनीता शुक्ला के द्वारा लिखी गई कहानी एक थोपा हुआ संग्राम ,पूजा श्रीवास्तव की आवाज में..
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Reviews for: Pashuram ki Prateeksha (परशुराम की प्रतीक्षा खण्ड 3 )